प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

गणेश चतुर्थी से मंदिर में जारी है विशेष पूजा-अर्चना और महाप्रसादी का आयोजन, आकर्षक विद्युत सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र

रिपोर्ट: राहुल शर्मा
बदनावर

बदनावर। नगर के मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र स्थित प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गणेश चतुर्थी से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश एवं रिद्धि-सिद्धि के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, पूजन, मंत्र जाप, आरती, विशेष श्रृंगार और महाप्रसादी का आयोजन हो रहा है।

1986 से चली आ रही चूरमे के महाभोग की परंपरा

मंदिर के पुजारी श्याम सिद्ध के अनुसार गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन स्वयंभू श्री गणेश को 3 क्विंटल 51 किलो चूरमे का भोग लगाया गया। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया।

बताया गया कि मंदिर में चूरमे के महाभोग और प्रसादी की यह परंपरा वर्ष 1986 से चली आ रही है। भक्त स्वयं मिलकर प्रसादी की व्यवस्था करते हैं और परंपरा के अनुसार भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है।

गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश को 51 किलो मिठाई की महाप्रसादी का भोग लगाया जा रहा है। पूजा-अर्चना के बाद यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भगवान का अभिषेक और पूजन मंत्र जाप के साथ कराया जा रहा है।

सुबह और शाम होती है भगवान की आरती

मंदिर में प्रतिदिन निर्धारित समय पर आरती का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 9 बजे तथा शाम 7:30 बजे स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश की आरती की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर आरती में शामिल होते हैं और भगवान का आशीर्वाद लेते हैं।

प्रतिदिन हो रहा भगवान का आकर्षक श्रृंगार

गणेश उत्सव के दौरान स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश का प्रतिदिन विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है। शुक्रवार को भगवान का नीले रंग के चोले में विशेष श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

पुजारी के अनुसार आगामी बुधवार को भगवान का विशेष अभिषेक किया जाएगा और इसके बाद मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। वहीं मंदिर परिसर में सुंदरकांड का आयोजन भी रखा गया है।

अनंत चतुर्दशी पर नगर भ्रमण करेंगे स्वयंभू श्री गणेश

भगवान के लिए तैयार किया गया विशेष रथ, भक्तों को नगर भ्रमण के दौरान होंगे दर्शन

गणेश उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे।

नगर भ्रमण को लेकर मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। भगवान के लिए विशेष रथ तैयार किया गया है। बैंड-बाजे की धुन के साथ मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु नगर भ्रमण में शामिल होंगे।

अनंत चतुर्दशी पर चार घंटे होगा हवन-पूजन

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर परिसर में चार घंटे तक हवन एवं पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें लाभार्थी श्रद्धालु विधि-विधान के साथ हवन में आहुति देंगे।

नगर भ्रमण के दौरान भक्तों के बीच शुद्ध देसी घी की नुगदी की महाप्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।

बैंड-बाजे के साथ होगा नगर भ्रमण

नगर भ्रमण के दौरान बैंड-बाजे की धुन पर मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल होंगे। भगवान के रथ के साथ भक्त झूमते, गाते और भक्ति में शामिल होते हुए नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेंगे।

इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान का विसर्जन किया जाएगा।

रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर

दस दिवसीय गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में आकर्षक विद्युत सजावट भी की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर को सजाया गया है, जिससे शाम के समय मंदिर परिसर का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक नजर आ रहा है।

गणेश उत्सव के दौरान दर्शन, पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना लगातार जारी है।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर

मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र में स्थित श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। गणेश उत्सव के दौरान यहां होने वाले विशेष पूजन, अभिषेक, श्रृंगार, महाप्रसादी और नगर भ्रमण जैसे आयोजनों के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिल रही है।

सिंधिया पर लगातार टिप्पणी के बाद ममता मीना के पति पर FIR, सियासी हलकों में उठे सवाल

सिंधिया पर लगातार टिप्पणी के बाद ममता मीना के पति पर FIR, सियासी हलकों में उठे सवाल

गुना की राजनीति में फिर गरमाया मामला, रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ जाति प्रमाणपत्र मामले में केस

योगेंद्र शर्मा ब्यूरो चीफ गुना

गुना/भोपाल। मध्य प्रदेश के गुना जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना के पति और रिटायर्ड IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने यह कार्रवाई की है। मामला वर्ष 1984 में जारी बताए जा रहे ST जाति प्रमाणपत्र और उसके आधार पर सरकारी सेवा में आरक्षण का लाभ लेने के आरोपों से जुड़ा है।

FIR दर्ज होने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब पिछले दिनों चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान सामने आए कुछ वीडियो और घटनाक्रम को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। इसी वजह से राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई राजनीतिक संबंध है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में FIR को ममता मीना द्वारा सिंधिया पर की गई टिप्पणियों से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।

सिंधिया के गुना दौरे के दौरान दो घटनाओं पर हुई थी चर्चा

ज्योतिरादित्य सिंधिया के हालिया गुना दौरे के दौरान दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में चर्चा का विषय बने।

पहली घटना श्रद्धांजलि सभा से जुड़ी थी, जहां सिंधिया के जूते उतारने को लेकर चर्चा हुई। दूसरी घटना खाद वितरण केंद्र से संबंधित थी, जहां उन्होंने किसानों से बातचीत की और खाद की उपलब्धता को लेकर उनकी समस्याएं सुनीं।

खाद वितरण केंद्र पर सिंधिया ने किसानों से बातचीत के दौरान अधिकारियों को भी निर्देश दिए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने खाद वितरण में किसानों को परेशानी नहीं होने देने की बात कही और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

ममता मीना ने उठाए थे सवाल

इन घटनाओं को लेकर चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने सिंधिया पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की थी। उनके बयानों को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा हुई।

अब 18 सितंबर 2026 को उनके पति रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक बहस ने नया मोड़ ले लिया है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ममता मीना की टिप्पणियों और उनके पति के खिलाफ दर्ज FIR के बीच सीधे संबंध का कोई आधिकारिक प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है।

क्या है रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ मामला?

पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा के अनुसार मामला कथित तौर पर ST जाति प्रमाणपत्र के इस्तेमाल से सरकारी सेवा में आरक्षण का लाभ लेने से संबंधित है।

जांच से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार रघुवीर सिंह मीना के पक्ष में वर्ष 1984 में विदिशा जिले से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी किया गया था। बाद में शासन स्तर पर गठित अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने इस प्रमाणपत्र की जांच की और इसे अमान्य घोषित किया।

OBC से ST प्रमाणपत्र का आरोप, पुराने रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच में सामने आए रिकॉर्ड के आधार पर यह भी आरोप है कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीना सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और उस दौरान उनके रिकॉर्ड में OBC वर्ग दर्ज था।

इसके बाद MPPSC के माध्यम से DSP पद पर नियुक्ति के समय ST प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जाति वर्ग में यह बदलाव किस प्रक्रिया के तहत हुआ और इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए थे।

2009 से चल रही थी जाति प्रमाणपत्र को लेकर जांच

मामला पूरी तरह नया नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2009 में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (विजिलेंस) की ओर से रघुवीर सिंह मीना की जाति को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद मामला उच्च स्तरीय छानबीन समिति तक पहुंचा।

रिपोर्टों के मुताबिक वर्ष 2016 में समिति की जांच में भी शिकायत को सही ठहराया गया था। अब पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ थाना सतर्कता, पुलिस मुख्यालय भोपाल में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 167 और 420 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(q) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है।

रघुवीर सिंह मीना की राजनीतिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार रघुवीर सिंह मीना वर्ष 1986 में DSP के पद पर पुलिस सेवा में नियुक्त हुए थे और वर्ष 2002 में उन्हें IPS अवार्ड मिला। सेवानिवृत्ति के बाद वे गुना जिले की जिला पंचायत की राजनीति से भी जुड़े रहे हैं।

उनकी पत्नी ममता मीना वर्ष 2013 से 2018 तक चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रही हैं।

FIR और सिंधिया विवाद के बीच क्या कोई संबंध है?

यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे राजनीतिक सवाल बन गया है। ममता मीना द्वारा सिंधिया के गुना दौरे से जुड़े मामलों पर टिप्पणी किए जाने के बाद उनके पति के खिलाफ FIR सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं।

लेकिन उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टों में FIR का आधार जाति प्रमाणपत्र से संबंधित पुरानी शिकायत, उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच और उसके निष्कर्ष बताए गए हैं। किसी उपलब्ध आधिकारिक बयान में यह नहीं कहा गया है कि FIR ममता मीना की सिंधिया पर की गई टिप्पणियों के कारण दर्ज की गई।

प्रशासन की ओर से क्या कहा गया?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में प्रशासन की ओर से ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है, जिसमें इस FIR को ममता मीना द्वारा सिंधिया पर की गई राजनीतिक टिप्पणियों से जोड़कर देखा गया हो।

सतर्कता शाखा की कार्रवाई का आधिकारिक आधार जाति प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेज और जांच समिति के निष्कर्ष बताए गए हैं। आगे की स्थिति पुलिस विवेचना और सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

गुना की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल

रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ FIR के बाद गुना और चांचौड़ा की राजनीति में इस मामले को लेकर बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। एक तरफ पुलिस इसे पुराने जाति प्रमाणपत्र और आरक्षण लाभ से जुड़ा कानूनी मामला बता रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक नजरिए से इसे ममता मीना और सिंधिया के बीच चल रही बयानबाजी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में पुलिस जांच, संबंधित पक्षों के बयान और प्रशासन की ओर से आने वाली जानकारी से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

76 दीपों से रोशन हुआ मां कर्मा धाम, सेवा और भक्ति के साथ मनाया पीएम मोदी का जन्मदिवस

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नमो नमो मोर्चा भारत के आयोजन में सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

भोपाल। नमो नमो मोर्चा भारत द्वारा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर बरखेड़ा पठानी स्थित मां कर्मा धाम में 76 दीप प्रज्ज्वलित कर भक्तिमय भजन संध्या, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मां कर्मा की पूजा-अर्चना के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इसके बाद उपस्थित सामाजिक बंधुओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का संकल्प लिया। शाम को आयोजित माता के जागरण एवं भजन संध्या में श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में झूमते नजर आए। कार्यक्रम के समापन पर भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी 17 सितंबर 2026 को अपने जन्मदिवस पर मिले शुभकामना संदेशों के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए सेवा गतिविधियों में जुटे लोगों की सराहना की और विकसित भारत के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। नीरज सिंह-क्षेत्रीय पार्षद एवं मुख्य अतिथि, ने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसरों को समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ना सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण है। स्वच्छता और पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों से स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता बढ़ती है। गुलाब सिंह गोल्हानी प्रदेश अध्यक्ष, नमो नमो मोर्चा भारत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नमो नमो मोर्चा भारत सामाजिक सहभागिता, जनसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक सरोकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मोहन लाल मोदी वरिष्ठ पत्रकार, ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों से जोड़ना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक जागरूकता बढ़ती है और युवा पीढ़ी को सेवा कार्यों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। दिनेश सिललन राष्ट्रीय प्रवक्ता, नमो नमो मोर्चा भारत, दतिया ने कहा कि जब श्री नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने गुजरात को अपना परिवार माना और जब से वे देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से पूरा भारत ही उनका परिवार बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का समर्पण और सेवा भाव देश के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की भावना को दर्शाता है। किशोर कुमार लहरपुरे राष्ट्रीय समन्वयक ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्रा में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के विषय प्रमुख रहे हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर पात्र लोगों तक उनका लाभ पहुंचाने का आग्रह किया। रामबाबू यादव भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, प्रदेश कार्यालय मंत्री ने कहा कि सामाजिक संगठनों की सक्रियता से जनसेवा के कार्यों को गति मिलती है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। डॉ. बृजेश साहू वरिष्ठ समाजसेवी ने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसरों को सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना अनुकरणीय पहल है। पौधारोपण और स्वच्छता अभियान के माध्यम से समाज को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया है। सत्येंद्र साहू पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, दमोह, ने कहा कि , नरेंद्र मोदी जी साहू समाज से है लेकिन वो जातपात से दूर रहकर सर्व समाज के रहना पसंद करते है ऐसे सर्वसमाज के प्रधानमंत्री भूतों न भविष्यते मिलना असम्भव है। योगेश साहू पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रभारी नर्मदापुरम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन विकास और जनसेवा से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सर्वसमाज की सहभागिता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की बात कही। राधेश्याम अस्तोलिया प्रदेश अध्यक्ष राजनीतिक प्रकोष्ठ नमो नमो मोर्चा भारत, रतलाम , ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित सेवा गतिविधियां समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम हैं। उन्होंने जनहित और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। डॉ. अरविंद दीनदयाल जी झूमरवाला प्रदेश अध्यक्ष, व्यापारी प्रकोष्ठ नमो नमो मोर्चा भारत, ने कहा कि व्यापारियों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। मुकेश टैंकर प्रदेश अध्यक्ष, आईटी सेल नमो नमो मोर्चा भारत ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। संगठन के आईटी कार्यकर्ताओं को जनजागरूकता के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया। रवि यशवंत प्रदेश मुख्य मीडिया प्रभारी नमो नमो मोर्चा भारत, ने कहा कि सामाजिक कार्यक्रमों की सकारात्मक जानकारी जन-जन तक पहुंचाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। डॉ. भानु नीरज प्रदेश महामंत्री, महिला नमो नमो मोर्चा भारत ने कहा कि महिलाओं की सामाजिक सहभागिता से सेवा और जनजागरूकता के कार्यक्रमों को नई मजबूती मिलती है। उन्होंने महिलाओं से पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। शंभू दयाल प्रदेश प्रवक्ता नमो नमो मोर्चा भारत ने कहा कि समाज और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों में जनभागीदारी ही उनकी वास्तविक सफलता है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है। संतोष राज प्रदेश मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी नमो नमो मोर्चा भारत ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, पौधारोपण और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सकारात्मक संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाए जा सकते हैं। युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग सामाजिक जागरूकता के लिए करने की आवश्यकता है। गणेश राम भोपाल जिला अध्यक्ष एवं कार्यक्रम आयोजक नमो नमो मोर्चा भारत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों एवं केंद्र तथा मध्य प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र नागरिकों से योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस को सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना ही कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा। कार्यक्रम में समाजसेवी, विमल सेठ कार्यवाहक अध्यक्ष, राजेश आजाद जिला कोषाध्यक्ष, रोहित यादव मीडिया प्रभारी, वार्ड 56, कृष्णा मेहरा वार्ड 56 संयोजक, रुपेश परमार बागसेवनिया वार्ड प्रभारी 34, ओमकार सोमकुवर वार्ड प्रभारी, विजय सोनवाने वार्ड प्रभारी, रमेश थोरात वार्ड प्रभारी,राजकुमार साहू शिवपुरी, बद्री साहू, नीलम चौकसे, राजेश साहू कटारा इकाई अध्यक्ष, अजय साहू कटारा इकाई कोषाध्यक्ष, श्रीमती नीलम राज साहू कर्मायणी जनकल्याण समिति कोषाध्यक्ष तथा श्रीमती सीमा गणेश साहू सदस्य सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जमना साहू, सचिन साहू मंदीदीप, कैलाश साहू, राम यादव, केशव साहू, रमेश साहू, नरेंद्र साहू, अशोक साहू, संजय साहू, नितिन साहू, जितेंद्र साहू, भगवानदीन साहू, नीरज साहू, छगन साहू एवं कमलेश साहू सहित बड़ी संख्या में साहू समाज के सदस्य एवं स्थानीय सामाजिक बंधु मौजूद रहे। आयोजक गणेश राम ने सभी अतिथियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के चित्र वाले स्मृति-चिह्न एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन रवि यशवंत ने किया तथा आभार प्रदर्शन संतोष राज ने किया। कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को भक्ति, सेवा, स्वच्छता, पौधारोपण और सामाजिक सहभागिता से जोड़ते हुए जनसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

विधायक राजेश शुक्ला के प्रयासों से बिजावर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का भव्य शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती

विधायक राजेश शुक्ला के प्रयासों से बिजावर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का भव्य शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती

वार्ड नं. 3 पठारी में जनता को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगा सुलभ उपचार

बिजावर: कृष्णकांत किस्सू पाण्डेय

छतरपुर

छतरपुर जिले के बिजावर नगर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण नया अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को बिजावर के वार्ड नंबर 3, पठारी में नवनिर्मित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का भव्य शुभारंभ हर्षोल्लास और गरिमामयी माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस क्लीनिक के शुरू होने से अब नगरवासियों तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज नहीं भटकना पड़ेगा, बल्कि उन्हें उनके ही वार्ड व क्षेत्र में आधुनिक और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिजावर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक राजेश शुक्ला के मुख्य आतिथ्य एवं गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्ध जनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार

उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के माध्यम से आमजन को निःशुल्क प्राथमिक परामर्श, आवश्यक जांच और दवाइयां उनके घर के द्वार के पास ही उपलब्ध होंगी। इससे जिला चिकित्सालय पर अनावश्यक दबाव कम होगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के गरीबों व जरूरतमंदों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। क्लीनिक के प्रारंभ होने से स्थानीय नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया, और सभी ने इस जनहितकारी सौगात के लिए प्रदेश सरकार व विधायक के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राजेश शुक्ला विधायक, लक्ष्मीवीर सिंह यादव नगर परिषद अध्यक्ष
भरत सिंह परिहार मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता नगर परिषद उपाध्यक्ष देवी सिंह यादव जनपद पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ,डॉ. महेश त्रिवेदी (बीएमओ, बिजावर) ,श्री संतोष सैनी (सीएमओ, नगर परिषद)
वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद अग्रवाल, अशोक सेन, मुईन खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, पत्रकार बंधु एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद रहा।
जनहितकारी पहल:विधायक राजेश शुक्ला के लगातार और सार्थक प्रयासों से क्षेत्रवासियों को वार्ड स्तर पर सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। संजीवनी क्लीनिक का यह शुभारंभ बिजावर के विकास और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, लेक व्यू ग्रुप ने किया पौधारोपण

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, लेक व्यू ग्रुप ने किया पौधारोपण

“स्वच्छ भारत, हरा-भरा देश” के संदेश को साकार करने का लिया संकल्प

भोपाल। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर लेक व्यू ग्रुप भोपाल द्वारा प्रधानमंत्री जी के संदेश “स्वच्छ भारत, हरा-भरा देश” को चरितार्थ करते हुए लेक व्यू भोपाल स्थित SBI पार्क, बोट क्लब पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर ग्रुप के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। लेक व्यू ग्रुप भोपाल के मैनेजिंग डायरेक्टर बृजलाल साहू ने पत्रकार संतोष राज को जानकारी देते हुए बताया कि लेक व्यू ग्रुप केवल एक मॉर्निंग वॉक ग्रुप ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सामाजिक एकता, सद्भावना और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर सकारात्मक पहल करने वाला समूह है। ग्रुप के अध्यक्ष विनोद साहू, कोषाध्यक्ष विनोद साहू ‘संस्कार’, सुनील गुप्ता, मदनलाल साहू, संतोष साहू, मुरलीधर गुप्ता, जगदीश साहू ‘गब्बर’, अशोक साहू, रोहित साहू, मनीष साहू, जितेन्द्र साहू, दीपेश साहू, संजय साहू, मुकेश गुप्ता, महेश साहू, भगवान दास साहू एवं मुकेश साहू ‘सोनू’ सहित ग्रुप के अधिकांश सदस्य उपस्थित रहे। लेक व्यू ग्रुप भोपाल के सदस्य प्रतिदिन प्रातः मुख्यमंत्री निवास क्षेत्र से मॉर्निंग वॉक करते हुए वन विहार गेट तक जाते हैं। इसके बाद SBI पार्क, बोट क्लब पर विभिन्न प्रकार की एक्सरसाइज, योग, हास्य-मस्ती एवं प्रार्थना के माध्यम से दिन की शुरुआत करते हैं। ग्रुप द्वारा सदस्यों के जन्मदिवस एवं विवाह वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर केवल उत्सव मनाने के बजाय पौधारोपण एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई जाती है। पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। सदस्यों ने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्रुप का उद्देश्य “सर्वोत्तम स्वास्थ्य, उचित शरीर, समाज हित, एकता और सद्भावना” को बढ़ावा देना है। योग और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए ग्रुप के सदस्य लोगों को स्वस्थ, प्रसन्न एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संदेश देते हुए संपन्न हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यों ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ-हरा पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं और इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

बनवार में विभाग की सख्ती एलटी केबल जलने की समस्या पर ट्रांसफार्मरों की जांच, मीटर डायरेक्ट कर हीटर चलाने वालों पर कार्रवाई

बनवार में विभाग की सख्ती एलटी केबल जलने की समस्या पर ट्रांसफार्मरों की जांच, मीटर डायरेक्ट कर हीटर चलाने वालों पर कार्रवाई

संवाददाता रानू जावेद खान
सुदर्शन टुडे

जवेरा दमोह। बिजली वितरण केंद्र बनवार में बार-बार बिजली कटौती और एलटी केबल जलने की समस्या से परेशान बनवार के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विद्युत विभाग ने क्षेत्र में जांच अभियान शुरू किया है। बुधवार को नोहटा जेई के नेतृत्व में टीम ने बनवार पहुंचकर ट्रांसफार्मरों के लोड और विद्युत लाइनों की स्थिति का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अधिक लोड वाले ट्रांसफार्मरों को चिन्हित करने के साथ लाइनों का मेंटेनेंस कराया गया। वहीं कुछ उपभोक्ता मीटर डायरेक्ट कर हीटर चलाते पाए गए। टीम ने हीटर जब्त कर पंचनामा कार्रवाई की।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से बिजली का अनधिकृत उपयोग नहीं करने, मीटर से छेड़छाड़ न करने और बिजली बिल समय पर जमा करने की अपील की। विभाग ने कहा कि विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ओवरलोड और अनधिकृत बिजली उपयोग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस दौरान जेई पूजा, अनीश अली, नितेश साहू, पावन यादव सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर उठे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ?

अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर उठे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ?

मेरिट के आधार पर कम अंक मिलने वालों को दी जॉइनिंग ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें

मेरिट से नीचे वालों को जॉइनिंग, दो और शिकायतें

सुदर्शन टुडे अशोक नगर

अशोकनगर जिले में हाल में हुई अतिथि शिक्षक नियुक्तियों को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं , और मैरिट अधिक अंक प्राप्त करने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्तियां नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग के कार्य प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं और अभ्यर्थियों के मुताबिक इस कार्य प्रणाली को लेकर नियुक्तियों में भ्रष्टाचारियों बू भी अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को आ रहे हैं उक्त मामले में अभ्यर्थियों द्वारा आरोप लगाया गया है कि ।पैनल मेरिट की अनदेखी के आरोपों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कम स्कोर वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने की पिछली शिकायत के बाद अब दो और मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उनका पैनल स्कोर अधिक होने के बावजूद उनसे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों को स्कूल में जॉइन करा दिया गया। पीड़ित अभ्यर्थी अब सीएम हेल्पलाइन से लेकर बीईओ कार्यालय तक शिकायत लेकर चक्कर लगा रहे हैं। पहला मामला हिंदी वर्ग-2 से जुड़ा है। पार्वती रघुवंशी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत में बताया कि उनका Guest ID GTKK1925 है और अशोकनगर पैनल में उनकी रैंक 4 तथा पैनल स्कोर 209.11 है। उनका आरोप है कि शासकीय सांदीपनी विद्यालय, अशोकनगर की हिंदी वर्ग-2 की रिक्ति पर उनसे कम 199.93 स्कोर वाली नेहा पाराशर को जॉइन करा दिया गया। शिकायतकर्ता ने 24 अगस्त के DPI निर्देश का हवाला देते हुए पैनल मेरिट के क्रम से अभ्यर्थियों को आमंत्रित किए जाने की बात कही है।
जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित
शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। कार्यालय के 7 सितंबर के पत्र में टीम को 24 अगस्त को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी अतिथि शिक्षक आमंत्रण संबंधी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने GFMS रिकॉर्ड और पूर्व की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की है।
अर्थशास्त्र वर्ग-1 में भी अधिक स्कोर वाली अभ्यर्थी ने उठाया सवाल
दूसरा मामला अर्थशास्त्र वर्ग-1 का है। सीमा काछरे ने शिकायत में बताया कि उनका Guest ID GTKK8310 है और उनका पैनल स्कोर 177.71 है। उनका दावा है कि शासकीय सांदीपनी विद्यालय, अशोकनगर में उनसे कम 159.00 स्कोर वाले अभ्यर्थी को जॉइन करा दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें विद्यालय की ओर से किसी प्रकार की सूचना या आमंत्रण भी नहीं दिया गया।अभ्यर्थी ने 24 अगस्त के DPI निर्देशों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, GFMS पोर्टल रिकॉर्ड और जॉइनिंग प्रक्रिया की जांच की मांग की है। साथ ही नियम विरुद्धता पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए पैनल मेरिट के आधार पर उन्हें अवसर देने की मांग की गई है।
लगातार शिकायतों से नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
अतिथि शिक्षक नियुक्ति को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों में मुख्य सवाल यही है कि अधिक पैनल स्कोर वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर कम स्कोर वालों को किन नियमों के तहत जॉइनिंग दी गई। अब दोनों मामलों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हुईं या नहीं। यदि इस पूरे मामले को वास्तविकता और ईमानदारी से देखा जाए तो यदि शिकायतकर्ता अभ्यर्थी सही है तो फिर कम नंबर मिलने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति आखिर कैसे की गई जिम्मेदारों पर एक सवाल खड़ा हो रहा है और पूरे मामले को लेकर भ्रष्टाचार की बू भी वंचित अभ्यर्थियों को आ रही है एक बड़ा सवाल है क्या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को शिकायत करने के बाद क्या जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिला पाएंगे या फिर पुरी की पूरी भारती भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी । यह तो आने वाले समय में पता लगेगा फिलहाल तो मेरिट में अब्बल रहने वाले अभ्यर्थी नियुक्तियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं।

डॉ. हेमराज साहू के जन्मदिवस पर सम्मान में उमड़ा समाज, पुष्पहार-शॉल एवं तुलसी पौधा भेंट कर दी शुभकामनाएं

डॉ. हेमराज साहू के जन्मदिवस पर सम्मान में उमड़ा समाज, पुष्पहार-शॉल एवं तुलसी पौधा भेंट कर दी शुभकामनाएं

भोपाल। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं समाज के मार्गदर्शक, तैलिक साहू महासभा मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. हेमराज साहू जी का 84वाँ जन्मदिवस उनके जहांगीराबाद स्थित निज निवास पर हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश सहित भोपाल की विभिन्न सामाजिक इकाइयों एवं पदाधिकारियों ने उनके निवास पहुंचकर पुष्पहार, शॉल, श्रीफल एवं मोतियों की माला पहनाकर जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. हेमराज साहू जी के जन्मदिवस के अवसर पर अखिल भारतीय तैलि क साहू महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश साहू, राष्ट्रीय संरक्षक श्री हरिशंकर साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री मदनलाल साहू (बैंक वाले), प्रदेश महासचिव श्री अनिल साहू अकेला एवं युवा प्रदेश अध्यक्ष श्री लोकेश नारायण साहू सहित अनेक पदाधिकारी उनके निवास पहुंचे और उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर बरखेड़ी इकाई के पदाधिकारियों एवं समाज के गणमान्यजनों ने भी डॉ. हेमराज साहू जी का सम्मान किया। इनमें तेली पुरुषोत्तम गुप्ता एडवोकेट इकाई संरक्षक, इकाई अध्यक्ष श्री प्रवीण साहू, श्री संजय साहू (पूर्व पार्षद), इकाई कोषाध्यक्ष श्री देवेंद्र साहू, भोपाल जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी कुमार टेलर्स के डायरेक्टर श्री बृजलाल साहू सहित प्रदेश मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी श्री संतोष राज उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें माता कर्मा का दुपट्टा, पुष्प हार पहनाकर एवं तुलसी का पौधा भेंट कर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। डॉ. हेमराज साहू जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाजसेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया है। 84 वर्ष की उम्र में भी उनके भीतर समाज के प्रति सेवा, समर्पण और मार्गदर्शन का जज्बा आज भी उसी तरह कायम है। समाज के लोगों का कहना है कि डॉ. साहू जी ने तन-मन-धन से निस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य किया है और यही कारण है कि आज उनके जन्मदिवस पर प्रदेशभर से लोगों का स्नेह और सम्मान देखने को मिला। समाजसेवियों ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा समाजहित में किए गए कार्यों और उसके योगदान का वास्तविक सम्मान उसके विशेष अवसरों पर देखने को मिलता है। डॉ. हेमराज साहू जी के जन्मदिवस पर भोपाल सहित मध्य प्रदेश की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं की उपस्थिति उनके प्रति समाज के सम्मान, स्नेह और विश्वास को दर्शाती है। दिनभर प्रदेशभर से डॉ. हेमराज साहू जी को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं प्राप्त होती रहीं। सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने दूरभाष के माध्यम से भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर डॉ. हेमराज साहू जी ने अपने निवास पर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं देने वाले भोपाल के समस्त समाजबंधुओं, विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि समाज का स्नेह एवं आशीर्वाद ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। समाज के लिए उनका समर्पण, अनुभव और मार्गदर्शन आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

आंगनबाड़ी, आशा एवं मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि की मांग,

आंगनबाड़ी, आशा एवं मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि की मांग,

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी सामाजिक सुरक्षा की ठोस पहल हो: इंजी. जे.एल. गुप्ता

भोपाल। मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी तथा मिड-डे मील वर्कर्स लंबे समय से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, विद्यालयीन पोषण एवं जनजागरूकता जैसे कार्यों में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। पत्रकार संतोष राज को मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंजी. जे.एल. गुप्ता ने कहा कि इन महिला कार्यकर्ताओं के कार्य और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा पर भी ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि तथा स्वास्थ्य बीमा की दिशा में की गई पहल स्वागत योग्य है। इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार को भी आंगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी एवं मिड-डे मील वर्कर्स के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्य के अनुरूप पारिश्रमिक सुनिश्चित करने की मांग की।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शांत प्रकाश जी के निर्देश पर देश एवं विभिन्न प्रदेशों में ज्ञापन सौंपे गए हैं। मध्यप्रदेश में भी भारतीय जनता मजदूर संघ शीघ्र मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इन महिला कार्यकर्ताओं की समस्याओं और मांगों पर चर्चा करेगा।गुप्ता ने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है। वर्षों से समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही इन महिला कार्यकर्ताओं के श्रम का सम्मान अब ठोस नीतिगत निर्णयों के माध्यम से होना चाहिए।

चंदा देंगे, लेकिन अब हिसाब भी लेंगे: मध्य प्रदेश में समाज का शंखनाद

चंदा देंगे, लेकिन अब हिसाब भी लेंगे: मध्य प्रदेश में समाज का शंखनाद

मेरा पैसा–मेरी जिम्मेदारी’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 30 से अधिक समाजसेवियों ने चार घंटे किया मंथन

भोपाल। सामाजिक आयोजनों के नाम पर जुटाई जाने वाली चंदा और सहयोग राशि को लेकर मध्य प्रदेश में अब समाज के भीतर सवालों की आवाज तेज होने लगी है। समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने साफ कर दिया है कि सहयोग से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन सहयोग के नाम पर लिए गए पैसे का हिसाब भी मांगेंगे। इसी मुद्दे को लेकर ‘मेरा पैसा–मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत आयोजित ऑनलाइन जूम बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े 25-30 से अधिक समाजसेवियों एवं जागरूक नागरिकों ने करीब चार घंटे तक गंभीर मंथन किया। बैठक में सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि चंदा लिया तो हिसाब कब देंगे? वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कार्यों और आयोजनों के लिए समाज से सहयोग लेना सामाजिक सहभागिता का हिस्सा है, लेकिन सहयोग राशि मिलने के बाद उसकी पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। समाज के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस व्यक्ति ने कितनी राशि देने की घोषणा की, वास्तव में कितना सहयोग प्राप्त हुआ, पैसा नकद, बैंक या सामग्री के रूप में कितना मिला और आयोजन में कुल कितना खर्च किया गया। यदि किसी व्यक्ति ने अपनी ओर से कोई खर्च किया है तो उसकी जानकारी भी स्पष्ट होनी चाहिए। आयोजन के बाद यदि राशि बचती है तो वह कहां और किस उद्देश्य से रखी या खर्च की गई, यह भी समाज को बताया जाना चाहिए। साथ ही जिस उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उसकी वास्तविक स्थिति और आयोजनकर्ता का नाम, पता एवं संपर्क नंबर भी सार्वजनिक होना चाहिए। समाजसेवियों ने कहा कि इन सवालों का जवाब मांगना किसी व्यक्ति का विरोध या किसी संस्था पर आरोप नहीं है, बल्कि समाज के सहयोग से चलने वाले सामाजिक कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार है। बैठक में यह मांग जोरदार तरीके से उठी कि कार्यक्रम समाप्त होते ही हिसाब बंद नहीं, बल्कि वहीं से हिसाब शुरू होना चाहिए। आयोजन पूरा होने के बाद आय-व्यय का स्पष्ट विवरण समाज के सामने रखा जाए, ताकि सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह जानकारी रहे कि उसका पैसा किस कार्य में उपयोग हुआ। बैठक में राष्ट्रीय विधि सलाहकार पुरुषोत्तम गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं की सबसे बड़ी पूंजी समाज का विश्वास है और यह विश्वास तभी मजबूत होगा जब सामाजिक आयोजनों में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने समाजहित में जागरूकता बढ़ाने और सहयोग राशि के उपयोग की जानकारी सार्वजनिक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में किशोर कुमार लहरपुरे ने कहा कि अब भी संभल जाओ। चंदे का हिसाब खोलो, वरना समाज तुम्हारे किए गए कृत्यों को कहीं न कहीं सबके सामने उजागर करने के लिए मजबूर होगा। संभल जाओ, संभल जाओ, संभल जाओ-समाज के नाम पर चंदा लेकर जवाबदेही से बचने वालों को अब समाज की जागरूकता झकझोरने वाली है। राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान केशव साहू ने कहा कि सामाजिक सहयोग के नाम पर पैसा लेने वालों को यह समझना होगा कि समाज अब पहले जैसा नहीं रहा। लोग सवाल पूछेंगे, रिकॉर्ड मांगेंगे और अपने सहयोग के उपयोग की जानकारी भी लेंगे। वरिष्ठ समाज सेवी लक्ष्मण साहू रीवा ने कहा कि समाज को अब भावनाओं में बहकर हर जगह चंदा देने की आदत पर पुनर्विचार करना होगा। हमें जागना होगा, समझना होगा कि चंदा किसको देना है, कब देना है और किस उद्देश्य से देना है। सहयोग देने से पहले जानकारी लेना हमारा अधिकार है और सहयोग देने के बाद हिसाब मांगना भी हमारा अधिकार है। सुनील नारायण लाल साहू, इंदौर ने कहा कि हर सामाजिक कार्यक्रम से पहले बजट तय होना चाहिए और उतनी ही राशि का चंदा लिया जाना चाहिए, ताकि आय-व्यय को लेकर किसी तरह की अविश्वसनीयता, भ्रम या संदेह की स्थिति न बने। इससे समाज का विश्वास मजबूत होगा और सामाजिक आयोजनों में पारदर्शिता बनी रहेगी। संतोष राज, प्रदेश मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी, नमो नमो मोर्चा भारत ने चंदे की व्यवस्था को लेकर बेहद तीखे शब्दों में अपनी बात रखी। सहयोग राशि के लेन-देन में पारदर्शिता को लेकर उन्होंने कहा कि पैसा अब उसी व्यक्ति या संस्था को दिया जाएगा, जिसका बैंक खाता मध्य प्रदेश में है। जिसका बैंक खाता मध्य प्रदेश में नहीं है, उसे किसी भी प्रकार का चंदा न देंगे और न देने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि समाज के पैसों के लेन-देन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। सहयोग देने वालों को यह स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए कि राशि किस खाते में जा रही है, किस उद्देश्य से ली जा रही है और उसका उपयोग कहां किया जाएगा। गणेश राम ने कहा कि कार्यक्रम से पहले यही लोग समाज के सामने विनम्र होकर सहयोग मांगते हैं, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही जब समाजसेवी हिसाब पूछते हैं तो कुछ लोग अपना रवैया बदल लेते हैं। जिन लोगों से सहयोग लिया गया, उन्हीं समाजसेवियों के प्रति अपमान और तिरस्कार जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज को अब ऐसे रवैये को समझना होगा। जो व्यक्ति समाज के सहयोग से अपना राजनीतिक वर्चस्व, व्यक्तिगत प्रभाव या अपना हित साधने की कोशिश करता है, ऐसे समाजसेवियों को चिन्हित करना और उनसे सावधान रहना जरूरी है। समाज की भोली-भाली भावना का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति अपना स्वार्थ पूरा करे, अब यह व्यवस्था नहीं चलनी चाहिए। शंभु दयाल ने कहा कि समाज का पैसा समाज के काम में ही लगे और उसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे, यही पारदर्शी व्यवस्था की पहली शर्त है। संगठन हो या कोई व्यक्ति, सामाजिक सहयोग एकत्र करने से पहले उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए और बाद में प्राप्त सहयोग तथा खर्च का विवरण भी सामने आना चाहिए। बैठक में संगठनों के स्थानीय बैंक खातों, प्राप्त सहयोग, नकद एवं सामग्री के रूप में मिले योगदान तथा खर्च के व्यवस्थित रिकॉर्ड को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। नारायण साहू रायसेन ने कहा कि समाज अब पहले की तरह आंख बंद करके सहयोग करने वाला नहीं रहेगा। सहयोग देने से पहले लोग यह जानना चाहेंगे कि पैसा किस उद्देश्य के लिए लिया जा रहा है, आयोजन कौन कर रहा है और अनुमानित खर्च कितना है। इसी तरह कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आय-व्यय का विवरण मांगना भी सामान्य सामाजिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए। विनोद साहू कटनी ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना या किसी संस्था को बदनाम करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें चंदे और सहयोग राशि को लेकर किसी प्रकार का भ्रम, संदेह या सवाल ही खड़ा न हो। जूम बैठक में राष्ट्रीय समन्वयक किशोर कुमार लहरपुरे, राष्ट्रीय विधि सलाहकार पुरुषोत्तम गुप्ता एडवोकेट, राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान केशव साहू नर्मदापुरम, जूम बैठक का संचालन प्रदेश प्रवक्ता शंभू दयाल साहू नमो नमो मोर्चा, सुनील नारायण साहू इंदौर आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष नमो नमो मोर्चा भारत, विनोद साहू कटनी, लक्ष्मण साहू रीवा, अरुण साहू रीवा, नारायण साहू रायसेन, भोपाल जिला अध्यक्ष गणेशाराम लोकेश साहू, आशीष साहू , एडवोकेट उमेश गोलहनी लखनादौन एवं संतोष राज प्रदेश मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी, रामआश्रय साहू, परमानन्द साहू, आशीष साहू, अबधशरण साहू, भेरु लाल साहू, सोंमचंद साहू सहित विभिन्न जिलों के समाजसेवियों ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील नारायण साहू ने की तथा मार्गदर्शन किशोर कुमार लहरपुरे ने एवं आभार लोकेश साहू ने प्रदान किया। अभियान का संदेश भी स्पष्ट है-चंदा देना हमारा सहयोग है, हिसाब मांगना हमारा अधिकार है। सभी समाजसेवियों का कहना था कि अब समाज केवल सहयोग करने वाला समाज नहीं रहेगा, बल्कि अपने सहयोग का हिसाब जानने वाला जागरूक समाज बनेगा। न किसी व्यक्ति को निशाना बनाना है, न किसी संस्था को बदनाम करना है-बस ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां समाज का पैसा हो तो उसका हिसाब भी समाज के सामने हो। संभल जाइए… समाज जाग रहा है। सहयोग होगा, लेकिन पारदर्शिता के साथ। विश्वास होगा, लेकिन जवाबदेही के साथ।