जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले – “सनातन कभी नहीं मिटेगा, उसे मिटाने वाले ही मिट जाएंगे”
रिपोटर — रितु गिरी
चिरमिरी। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, गोदरीपारा में आयोजित भव्य श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के वातावरण में हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया।
कथा व्यासपीठ से पद्मविभूषित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सनातन धर्म की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म कभी समाप्त नहीं होगा, बल्कि उसे मिटाने का प्रयास करने वाले स्वयं समाप्त हो जाएंगे।”
अपने प्रवचन में उन्होंने सत्संग, संत सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों के साथ वही व्यवहार करना चाहिए, जिसकी अपेक्षा वह स्वयं अपने लिए करता है। उन्होंने मानवता, सद्भाव और धर्म के मूल सिद्धांतों को जीवन में अपनाने पर बल दिया।
भोपाल। MP Morning News: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज असम दौरे पर रहेंगे। सीएम गुवाहाटी में हेमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण होगा जहां हेमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। असम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शिरकत करेंगे।
केन बेतवा से विस्थापित परिवारों से मिलेंगे जीतू पटवारी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज छतरपुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह केन बेतवा लिंक परियोजना के ढोढऩ बांध निर्माण की वजह से विस्थापित किए गए परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान कलेक्टर से भी चर्चा करेंगे। उनकी मांग है कि बांध के कारण डूब प्रभावित वाले इलाके में आने वाले ग्रामीणों का मुआवजा बढ़ाया जाए।
केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश शासन ने भू अर्जन की कवायद शुरु कर दी है। ढोढऩ में बनने वाले मुख्य बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। जिसमें छतरपुर के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित होंगे। ऐसे में कुल प्रभावित गांव की संख्या 23 है, लेकिन डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है।
मध्यप्रदेश में तेज हुई यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया
आज मध्यप्रदेश भवन दिल्ली में यूसीसी कमेटी की पहली बैठक होगी। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक होगी। बैठक में मध्य प्रदेश के लिए संभावित प्रारूप पर चर्चा होगी।
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक जल्द हट सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति तैयार कर रहा है, जिसे जल्द कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। संभावना है कि करीब एक महीने के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाया जाएगा।
नई नीति के तहत जिलों में तबादलों में प्रभारी मंत्रियों की भूमिका अहम रहने वाली है। जिला स्तर पर कोई भी स्थानांतरण सूची प्रभारी मंत्री की सहमति के बिना जारी नहीं होगी। वहीं विभागीय तबादले संबंधित विभागों के मंत्रियों के माध्यम से किए जाएंगे। सरकार की तैयारी है कि इस बार सभी तबादला आदेश ऑनलाइन जारी किए जाएं। हर संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही होंगे।
सूत्रों के मुताबिक गंभीर बीमारी, प्रशासनिक आवश्यकता, स्वेच्छा और अन्य विशेष परिस्थितियों के आधार पर तबादलों को प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों की अनुशंसाओं को भी महत्व मिल सकता है। बताया जा रहा है कि आज हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों से रोक हटाने का प्रस्ताव नहीं आ सका, लेकिन अगले कुछ दिनों में नीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
अगर पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में तबादलों के लिए करीब डेढ़ लाख आवेदन आए थे, जबकि लगभग 60 हजार तबादलों का अनुमान लगाया गया था। राज्य में कुल 6.06 लाख नियमित कर्मचारियों में से करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों के तबादले प्रस्तावित थे। सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व, स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग में आए थे। स्कूल शिक्षा विभाग में ही करीब 11 हजार तबादले हुए थे, जबकि 35 हजार आवेदन स्वैच्छिक तबादलों के लिए प्राप्त हुए थे। पिछली बार भोपाल से अनुमोदित कई सूचियां जिलों में अटक गई थीं और तीसरी-चौथी सूची जारी नहीं हो पाई थी। ऐसे में इस बार सरकार नई व्यवस्था के जरिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी में है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब दो दशक 18 से 19 साल बाद निकली संगीत और नृत्य शिक्षकों की भर्ती अब नियुक्ति में देरी के कारण विवादों में आ गई है। माध्यमिक (संगीत गायन वादन)और प्राथमिक शिक्षक(संगीत गायन वादन एवं नृत्य) पदों पर चयनित अभ्यर्थी पिछले 10 महीनों से जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से चयनित शिक्षकों में नाराजगी है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2022 में जारी हुआ था। 2023 में पात्रता परीक्षा और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा आयोजित की गई। सितंबर 2025 में परिणाम घोषित होने के बाद दस्तावेज सत्यापन भी पूरा हो चुका है, लेकिन 2026 तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमों के अनुसार चयन सूची जारी होने के तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जानी चाहिए, लेकिन करीब 10 महीने बीतने के बाद भी पात्र-अपात्र सूची और चॉइस फिलिंग शुरू नहीं हुई।
अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि अन्य विषयों के चयनित उम्मीदवारों को जॉइनिंग मिल चुकी है, जबकि संगीत और नृत्य विषय के उम्मीदवार अब भी इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में संगीत और नृत्य शिक्षकों के करीब एक हजार पद खाली हैं। स्कूलों में हजारों विद्यार्थी संगीत और नृत्य विषय चुन रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।नियुक्ति की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी ज्वाइनिंग दो अभियान चलाया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से स्कूल खुलने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
देवास। मध्य प्रदेश के देवास शहर के नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फरार दुल्हन समेत कुल 6 आरोपियों को राजगढ़ और इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 18 हजार 500 रुपये भी जब्त किए गए हैं।
दरअसल, देवास निवासी फरियादी जानकीलाल पुवाडिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे अमन की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान अतरसिंह नामक व्यक्ति ने शादी कराने का भरोसा दिलाया और करीब 2 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इसके बाद फरियादी को राजगढ़ जिले के जीरापुर ले जाया गया, जहां सीमा यादव और उसकी कथित मौसी गीताबाई से मुलाकात कराई गई।
6 मई 2026 को सीमा यादव को देवास लाकर लिखापढ़ी के बाद अमन से शादी करवाई गई। शादी के एवज में आरोपियों ने फरियादी से 2 लाख रुपये नकद लिए। लेकिन शादी के अगले ही दिन रात में दुल्हन सीमा यादव घर से फरार हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर फरियादी ने नाहर दरवाजा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए लुटेरी दुल्हन सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले भी कई भोले-भाले लोगों को इसी तरह शादी का झांसा देकर ठगी का शिकार बना चुके हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
गिरफ्तार आरोपीः-
01.सीमाबाई पिता रामखिलावन उम्र 21 साल निवासी वार्ड क्रमांक 04 बरहाई विद्यालय के पास पाली जिला उमरिया (म.प्र.) 02.गीता बाई पति अर्जुन सिंह गुर्जर उम्र 50 साल निवासी जीरापुर जिला राजगढ (म.प्र.) 03.अतरसिंह पिता स्वपूनमचंद लोधी उम्र 64 साल निवासी राघोगढ हाल मुकाम किराये का मकान उत्तम नगर ईटावा (म.प्र.) 04.कमल मालवीय पिता धुलजी मालवीय उम्र 50 साल निवासी सांवेर रोड झुग्गी झोपडी दीपमाला ढाबे के पीछे इंदौर (म.प्र.) 05.फारूक मंसुरी पिता अमीन मंसुरी उम्र 25 साल निवासी दत्तरावदा तहसील जीरापुर जिला राजगढ (म.प्र.) 06.कमल उर्फ दिलीप पिता नाथूसिंह गुर्जर उम्र 45 साल निवासी बोरखेडी थाना माकडोन जिला उज्जैन
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जिला सर्किल जेल में बंद 19 वर्षीय युवक ने अपने साथ यौन शोषण किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से जांच और सीजेएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
मामला रतलाम जिला सर्किल जेल का है। जानकारी के मुताबिक एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद 19 वर्षीय युवक ने आरोप लगाया है कि जेल में बंद एक अन्य कैदी ने उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया। पीड़ित युवक का कहना है कि उसने इसकी शिकायत जेल प्रशासन से भी की थी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब युवक के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे। मुलाकात के दौरान युवक ने पूरी आपबीती अपने पिता को बताई। इसके बाद परिजनों ने पहले जेल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी रास्ता अपनाया गया। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर ने जेल पहुंचकर युवक से मुलाकात की और तथ्यों की जानकारी लेने के बाद जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में आवेदन पेश किया। आवेदन में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की
मामले को गंभीर मानते हुए विशेष न्यायालय ने जिला जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण मेडिकल बोर्ड या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कराया जाए। साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष युवक के बयान दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए हैं। कोर्ट के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और न्यायालय के निर्देशानुसार बंदी का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।