राधाकृष्ण साहू समाज समिति का भव्य शिक्षा प्रोत्साहन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न

राधाकृष्ण साहू समाज समिति का भव्य शिक्षा प्रोत्साहन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न

राधाकृष्ण साहू समाज समिति का भव्य शिक्षा प्रोत्साहन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न

भोपाल। राधाकृष्ण साहू समाज समिति, भोपाल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बरखेड़ी स्थित नंदराम साहू मंगल भवन में भव्य शिक्षा प्रोत्साहन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन मध्यप्रदेश में तेली समाज द्वारा लगभग 50 वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए शिक्षा प्रोत्साहन अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम समाज के प्रखर नेता पुरुषोत्तम गुप्ता (एडवोकेट) के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समारोह में भोपाल जिले में निवासरत समाज के लगभग 150 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी मेरिट के आधार पर सम्मान पत्र एवं विभिन्न विशेष उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभावान विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।समारोह का सफल आयोजन इकाई अध्यक्ष श्री प्रवीण साहू एवं उनकी पूरी कार्यकारिणी टीम के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज की आराध्य माता कर्मा की पूजन-आरती एवं वंदना के साथ किया गया। समारोह में भोपाल जिले की विभिन्न इकाइयों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भोपाल जिला हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर तिवारी जी एवं वरिष्ट पत्रकार मोहनलाल मोदी जी की विशिष्ट एवं गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। पधारे हुए सभी अतिथियों का संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा शाल, श्रीफल एवं पुष्पहार पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। समारोह के दौरान समाज के 1000 से अधिक लोगों के लिए विशाल भंडारे (सामूहिक भोज) का भी सफल आयोजन किया गया। मंच का कुशल संचालन इकाई के महामंत्री संतोष साहू पत्रकार एवं मातृशक्ति महिला श्रीमती बबीता साहू द्वारा किया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समाज के पूर्व अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, श्री हरिप्रसाद जी सेमरा, पूर्व अध्यक्ष श्री सुरेश साहू, उपाध्यक्ष श्री डालचंद साहू, डॉ. प्यारेलाल साहू, महिला मंडल की अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी इकाई अध्यक्ष श्रीमती संगीता रमेश साहू, महासचिव श्रीमती दुर्गेश प्रमोद साहू, संरक्षक श्रीमती आशा सी.एल. साहू, श्रीमती सरोज स्वर्गीय जगदीश साहू, श्रीमती विद्या महेश साहू, श्रीमती मंजू विजय साहू (सिवांगी मार्बल), कोच अध्यक्ष श्रीमती बसंती स्वर्गीय ओमप्रकाश साहू, श्रीमती सीमा जीवन साहू, उत्सव मंत्री श्रीमती मंजू कमलेश साहू, श्रीमती अर्चना राजेश साहू, शिक्षा मंत्री श्रीमती सुनीता संजय साहू, श्रीमती मधु राजेश साहू, निर्माण मंत्री श्रीमती स्वाति विनोद साहू, श्रीमती कल्पना बृजेश साहू, श्रीमती सुनीता बादल साहू, उत्सव मंत्री श्रीमती मोना अजय साहू, पार्षद श्रीमती सुधा संजय साहू, सदस्य श्रीमती शिखा अरविंद साहू, श्रीमती नीलम संतोष राज साहू, श्रीमती जया मुकेश साहू एवं समस्त महिला सशक्तिकरण की पूरी टीम का सराहनीय एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा।इसके साथ ही इकाई की जिला महिला मंडल की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा साहू, संस्था की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती रेखा साहू, इकाई के संगठन मंत्री श्री संजय जवाहरलाल साहू, उत्सव मंत्री रवि साहू (मेडिकल), शिक्षा मंत्री एडवोकेट उमेश साहू, निर्माण मंत्री मुकेश (आरटीओ), कोषाध्यक्ष श्री देवेंद्र साहू, विजय साहू (मार्बल), श्री मुकेश साहू सेमरा, श्री छोटेलाल साहू, श्री संतोष राज साहू, श्री महेश साहू (हैप्पी), श्री मुकेश साहू (कोलार) श्री जीवन लाल साहू, तथा वरिष्ठ नागरिकों में श्री हेमराज साहू (बरबचिया वाले), श्री रमेश गोकुल प्रसाद साहू, श्री नेमीचंद साहू, श्री जमुना प्रसाद एवं श्री जानकी प्रसाद साहू सहित उपस्थित सभी गणमान्य जनों ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र एवं विभिन्न उपहार भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया। समारोह के सफल समापन पर इकाई अध्यक्ष श्री प्रवीण साहू एवं महिला महामंत्री श्रीमती बबीता साहू ने कार्यक्रम में पधारकर छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करने तथा आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समस्त अतिथियों, वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं मातृशक्ति बहनों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह ने समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता, प्रतिभाओं के सम्मान तथा नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।

सीहोर जिले में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन की बैठक, 27 दिसंबर के युवक-युवती परिचय सम्मेलन का दिया न्योता

सीहोर जिले में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन की बैठक, 27 दिसंबर के युवक-युवती परिचय सम्मेलन का दिया न्योता

रेहटी और बायां में हुई सामाजिक बैठकों में संगठन विस्तार पर चर्चा, नई जिम्मेदारियों के साथ पदाधिकारियों की नियुक्ति

सीहोर/रेहटी। राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन की ओर से रविवार, 20 सितंबर 2026 को सीहोर जिले के रेहटी एवं बायां क्षेत्र में सामाजिक बैठकों का आयोजन किया गया। बैठकों में समाज के संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक एकजुटता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान आगामी 27 दिसंबर 2026 को भोपाल में आयोजित होने वाले युवक-युवती परिचय सम्मेलन में अधिक से अधिक सामाजिक बंधुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समाजजनों को आमंत्रित किया गया।

संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के मुख्य राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किशोर कुमार साहू, मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, सीहोर जिला अध्यक्ष सोनू साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद साहू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय साहू, वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश साहू तथा राजनीतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नितेश साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। संगठन को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई।

नितेश साहू की रही अहम भूमिका

बैठक के आयोजन एवं सामाजिक संवाद में राजनीतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नितेश साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने समाज के युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

जिला कार्यकारिणी का किया गया विस्तार

बैठक के दौरान राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन की सीहोर जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए विभिन्न पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसमें कंचनलाल साहू को जिला कार्यकारी अध्यक्ष सीहोर, अमन साहू को जिला युवा कार्य अध्यक्ष सीहोर, कृष्णकांत साहू बायां को जिला उपाध्यक्ष तथा कैलाश साहू बायां को जिला संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

27 दिसंबर को भोपाल में युवक-युवती परिचय सम्मेलन

बैठक का प्रमुख उद्देश्य आगामी 27 दिसंबर 2026 को भोपाल में आयोजित होने वाले युवक-युवती परिचय सम्मेलन के लिए समाजजनों को आमंत्रित करना भी रहा। पदाधिकारियों ने बताया कि परिचय सम्मेलन के माध्यम से समाज के युवक-युवतियों और उनके परिवारों को एक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान समाज के लोगों से सम्मेलन में सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया गया।

बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु रहे उपस्थित

बैठक में सुनील नायक, छगनलाल साहू, अर्पित नायक, सचिन साहू, राहुल साहू, अमन साहू, लखनलाल साहू, नारायण साहू, कंचनलाल साहू (नगर अध्यक्ष), मनोहर साहू, कृष्णकांत साहू, राकेश साहू, संजय साहू, विनोद साहू, विकास साहू, कैलाश साहू, अशोक नारायण साहू, जगदीश साहू, नितेश साहू, नर्मदा प्रसाद साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

बैठक के अंत में संगठन को मजबूत बनाने, सामाजिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा भोपाल में होने वाले युवक-युवती परिचय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहयोग की अपील की गई।

अशोकनगर में ‘जन विश्वास’ अभियान पर सवाल: पत्रकारों के सवालों से क्यों बचते नजर आए अधिकारी?

अशोकनगर में ‘जन विश्वास’ अभियान पर सवाल: पत्रकारों के सवालों से क्यों बचते नजर आए अधिकारी?

ककराई में जिला स्तरीय कार्यक्रम, ग्रामीणों ने बताईं समस्याएं; कार्यक्रम की सूचना और मीडिया संवाद को लेकर उठे सवाल

शाडौरा/अशोकनगर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत ककराई में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम अब प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मीडिया से संवाद को लेकर सवालों के घेरे में है। कार्यक्रम में ग्वालियर संभाग आयुक्त मनोज खत्री, अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के अनुसार शिविर में 238 आवेदन प्राप्त हुए और 63 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।

लेकिन कार्यक्रम की प्रशासनिक उपलब्धियों से अलग, स्थानीय पत्रकारों द्वारा उठाए गए सवालों ने एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है—जब अभियान का नाम ही ‘जन विश्वास’ है और प्रशासन जनता से संवाद की बात कर रहा है, तो पत्रकारों के सवालों का सामना करने में आखिर परेशानी क्या थी?
‘जन विश्वास’ के कार्यक्रम में मीडिया से संवाद क्यों नहीं?
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार ककराई में आयोजित कार्यक्रम की सूचना को लेकर पत्रकारों और ग्रामीणों के बीच असंतोष सामने आया। आरोप है कि कार्यक्रम की पर्याप्त जानकारी स्थानीय स्तर पर नहीं पहुंचाई गई।
कार्यक्रम में पहुंचे पत्रकारों ने जब संभाग आयुक्त मनोज खत्री और कलेक्टर साकेत मालवीय से कार्यक्रम की सूचना एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल पूछने का प्रयास किया, तो वे कथित तौर पर सवालों का जवाब दिए बिना अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए और वहां से रवाना हो गए।
यदि स्थानीय रिपोर्ट में लगाया गया यह आरोप सही है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जनता के बीच जाकर विश्वास कायम करने वाले अभियान में मीडिया के सवालों से दूरी क्यों बनाई गई?
जनता के सवालों का जवाब जरूरी, पत्रकारों के सवालों का भी
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रशासन की अपनी जानकारी के अनुसार शिविरों का उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण, सरकारी सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। अशोकनगर प्रशासन ने ककराई शिविर में भी आमजन की समस्याओं के निराकरण को अभियान का प्रमुख उद्देश्य बताया है।

ऐसे में सवाल यह है कि अगर प्रशासन जनता के सवाल सुनने के लिए शिविर लगा सकता है, तो जनता की समस्याओं को सामने लाने वाले पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के लिए कुछ मिनट क्यों नहीं निकाले जा सकते?
कार्यक्रम खत्म होते ही ग्रामीणों ने घेरा रास्ता
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ग्राम रुसली की महिलाओं और ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने सड़क, विधवा पेंशन और प्रसूता सहायता राशि जैसी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से समाधान की मांग की।
यह स्थिति अपने आप में बताती है कि सरकारी योजनाओं और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन के बीच अभी भी नागरिकों की शिकायतें मौजूद हैं।
प्रशासन ने बताए ये आंकड़े
प्रशासनिक विवरण के अनुसार ककराई शिविर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 152 हितग्राहियों को हितलाभ एवं शासकीय सेवाओं का लाभ दिया गया। इनमें आयुष्मान कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी योजना, फौती नामांतरण, खसरे की नकल, प्रसूति सहायता, जन्म प्रमाण-पत्र और क्रेडिट कार्ड जैसी सेवाएं शामिल रहीं।

इसी दौरान 16 स्व-सहायता समूहों को ₹45 लाख की ऋण राशि उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।

आंकड़े अपनी जगह, जवाबदेही अपनी जगह
शिविर में कितने आवेदन आए, कितनों का निराकरण हुआ और कितने हितग्राहियों को लाभ मिला—ये आंकड़े प्रशासन की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हैं। लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक उपलब्धियों के साथ सवाल पूछने और जवाब मांगने की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
पत्रकार यदि कार्यक्रम की सूचना, ग्रामीणों की शिकायतों और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित सवाल पूछते हैं, तो उन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना ही संवाद की स्वस्थ प्रक्रिया है।
‘जन विश्वास’ सिर्फ मंच और आंकड़ों से नहीं बनता
जन विश्वास केवल एक सरकारी कार्यक्रम का नाम नहीं होना चाहिए। विश्वास तब मजबूत होता है, जब जनता अपनी समस्या लेकर अधिकारी के पास जाए और उसे जवाब मिले; जब पत्रकार सवाल पूछे तो उसे तथ्य मिलें; और जब प्रशासन की किसी व्यवस्था पर सवाल उठे तो अधिकारी अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें।
ककराई की घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है—
“जब अभियान का उद्देश्य जनसंवाद है, तो पत्रकारों के सवालों से संवाद क्यों नहीं?”
प्रशासन से यह स्पष्ट होना चाहिए कि कार्यक्रम की सूचना स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों तक किस माध्यम से पहुंचाई गई, मीडिया को कार्यक्रम की जानकारी देने की जिम्मेदारी किस विभाग की थी और पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर अधिकारियों की वास्तविक प्रतिक्रिया क्या थी।
जन विश्वास का रास्ता सवालों को रोककर नहीं, सवालों का जवाब देकर मजबूत होता है।