प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

गणेश चतुर्थी से मंदिर में जारी है विशेष पूजा-अर्चना और महाप्रसादी का आयोजन, आकर्षक विद्युत सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र

रिपोर्ट: राहुल शर्मा
बदनावर

बदनावर। नगर के मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र स्थित प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गणेश चतुर्थी से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश एवं रिद्धि-सिद्धि के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, पूजन, मंत्र जाप, आरती, विशेष श्रृंगार और महाप्रसादी का आयोजन हो रहा है।

1986 से चली आ रही चूरमे के महाभोग की परंपरा

मंदिर के पुजारी श्याम सिद्ध के अनुसार गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन स्वयंभू श्री गणेश को 3 क्विंटल 51 किलो चूरमे का भोग लगाया गया। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया।

बताया गया कि मंदिर में चूरमे के महाभोग और प्रसादी की यह परंपरा वर्ष 1986 से चली आ रही है। भक्त स्वयं मिलकर प्रसादी की व्यवस्था करते हैं और परंपरा के अनुसार भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है।

गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश को 51 किलो मिठाई की महाप्रसादी का भोग लगाया जा रहा है। पूजा-अर्चना के बाद यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भगवान का अभिषेक और पूजन मंत्र जाप के साथ कराया जा रहा है।

सुबह और शाम होती है भगवान की आरती

मंदिर में प्रतिदिन निर्धारित समय पर आरती का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 9 बजे तथा शाम 7:30 बजे स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश की आरती की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर आरती में शामिल होते हैं और भगवान का आशीर्वाद लेते हैं।

प्रतिदिन हो रहा भगवान का आकर्षक श्रृंगार

गणेश उत्सव के दौरान स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश का प्रतिदिन विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है। शुक्रवार को भगवान का नीले रंग के चोले में विशेष श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

पुजारी के अनुसार आगामी बुधवार को भगवान का विशेष अभिषेक किया जाएगा और इसके बाद मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। वहीं मंदिर परिसर में सुंदरकांड का आयोजन भी रखा गया है।

अनंत चतुर्दशी पर नगर भ्रमण करेंगे स्वयंभू श्री गणेश

भगवान के लिए तैयार किया गया विशेष रथ, भक्तों को नगर भ्रमण के दौरान होंगे दर्शन

गणेश उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे।

नगर भ्रमण को लेकर मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। भगवान के लिए विशेष रथ तैयार किया गया है। बैंड-बाजे की धुन के साथ मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु नगर भ्रमण में शामिल होंगे।

अनंत चतुर्दशी पर चार घंटे होगा हवन-पूजन

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर परिसर में चार घंटे तक हवन एवं पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें लाभार्थी श्रद्धालु विधि-विधान के साथ हवन में आहुति देंगे।

नगर भ्रमण के दौरान भक्तों के बीच शुद्ध देसी घी की नुगदी की महाप्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।

बैंड-बाजे के साथ होगा नगर भ्रमण

नगर भ्रमण के दौरान बैंड-बाजे की धुन पर मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल होंगे। भगवान के रथ के साथ भक्त झूमते, गाते और भक्ति में शामिल होते हुए नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेंगे।

इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान का विसर्जन किया जाएगा।

रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर

दस दिवसीय गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में आकर्षक विद्युत सजावट भी की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर को सजाया गया है, जिससे शाम के समय मंदिर परिसर का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक नजर आ रहा है।

गणेश उत्सव के दौरान दर्शन, पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना लगातार जारी है।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर

मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र में स्थित श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। गणेश उत्सव के दौरान यहां होने वाले विशेष पूजन, अभिषेक, श्रृंगार, महाप्रसादी और नगर भ्रमण जैसे आयोजनों के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिल रही है।

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