Sudarshantoday ब्यूरो: मैसूर के पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। कर्नाटक पुलिस ने उनके खिलाफ गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान कथित तौर पर ‘भड़काऊ भाषण’ देने के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह मामला मैसूर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयानों से जुड़ा है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने संज्ञान लिया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रताप सिम्हा ने गणेश विसर्जन के दौरान एक जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस का कहना है कि उनके भाषण से क्षेत्र में तनाव पैदा होने की आशंका थी, जिसके बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मैसूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में भड़काऊ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने पूर्व सांसद की गिरफ्तारी की मांग की है।
कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति को समाज में वैमनस्य फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। – स्थानीय पुलिस अधिकारी
मुख्य बिंदु
- प्रताप सिम्हा पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप।
- गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान दिया था विवादित बयान।
- पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की।
- मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई।
फिलहाल, इस मामले पर पूर्व सांसद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। पुलिस अब कार्यक्रम के वीडियो फुटेज की जांच कर रही है ताकि बयानों की सत्यता और संदर्भ को समझा जा सके।















