श्री गुरु ग्रंथ साहिब (संशोधन) अधिनियम 2026: पंजाब सरकार ने गठित की 7 सदस्यीय समन्वय समिति

श्री गुरु ग्रंथ साहिब (संशोधन) अधिनियम 2026: पंजाब सरकार ने गठित की 7 सदस्यीय समन्वय समिति

Sudarshantoday ब्यूरो: पंजाब सरकार ने बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का पालन करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब (संशोधन) अधिनियम, 2026 से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श के लिए एक सात सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया है। यह कदम राज्य में धार्मिक भावनाओं और सिख समुदाय की मांगों को देखते हुए उठाया गया है।

समिति का उद्देश्य और कार्यक्षेत्र

इस उच्च स्तरीय समिति का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित संशोधन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से अध्ययन करना और संबंधित पक्षों के साथ संवाद स्थापित करना है। सरकार का कहना है कि श्री अकाल तख्त साहिब के मार्गदर्शन में यह समिति एक पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी ताकि सिख पंथ की मर्यादा और कानूनी प्रावधानों के बीच संतुलन बना रहे।

सिख समुदाय की आस्था और धार्मिक परंपराओं को सर्वोपरि रखते हुए, सरकार ने अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुरूप इस समिति का गठन किया है, जो अधिनियम से जुड़े सभी संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करेगी।

प्रमुख बिंदु

  • समिति में सात सदस्य शामिल किए गए हैं जो कानूनी और धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ हैं।
  • यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के तहत कार्य करेगी।
  • अधिनियम के क्रियान्वयन से पहले सभी संबंधित पक्षों से राय ली जाएगी।
  • इसका मुख्य लक्ष्य धार्मिक सद्भाव और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना है।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिति के गठन से अधिनियम को लेकर चल रहे विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी और सरकार व धार्मिक नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।

अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर उठे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ?

अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर उठे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ?

मेरिट के आधार पर कम अंक मिलने वालों को दी जॉइनिंग ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें

मेरिट से नीचे वालों को जॉइनिंग, दो और शिकायतें

सुदर्शन टुडे अशोक नगर

अशोकनगर जिले में हाल में हुई अतिथि शिक्षक नियुक्तियों को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं , और मैरिट अधिक अंक प्राप्त करने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्तियां नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग के कार्य प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं और अभ्यर्थियों के मुताबिक इस कार्य प्रणाली को लेकर नियुक्तियों में भ्रष्टाचारियों बू भी अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को आ रहे हैं उक्त मामले में अभ्यर्थियों द्वारा आरोप लगाया गया है कि ।पैनल मेरिट की अनदेखी के आरोपों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कम स्कोर वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने की पिछली शिकायत के बाद अब दो और मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उनका पैनल स्कोर अधिक होने के बावजूद उनसे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों को स्कूल में जॉइन करा दिया गया। पीड़ित अभ्यर्थी अब सीएम हेल्पलाइन से लेकर बीईओ कार्यालय तक शिकायत लेकर चक्कर लगा रहे हैं। पहला मामला हिंदी वर्ग-2 से जुड़ा है। पार्वती रघुवंशी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत में बताया कि उनका Guest ID GTKK1925 है और अशोकनगर पैनल में उनकी रैंक 4 तथा पैनल स्कोर 209.11 है। उनका आरोप है कि शासकीय सांदीपनी विद्यालय, अशोकनगर की हिंदी वर्ग-2 की रिक्ति पर उनसे कम 199.93 स्कोर वाली नेहा पाराशर को जॉइन करा दिया गया। शिकायतकर्ता ने 24 अगस्त के DPI निर्देश का हवाला देते हुए पैनल मेरिट के क्रम से अभ्यर्थियों को आमंत्रित किए जाने की बात कही है।
जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित
शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। कार्यालय के 7 सितंबर के पत्र में टीम को 24 अगस्त को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी अतिथि शिक्षक आमंत्रण संबंधी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने GFMS रिकॉर्ड और पूर्व की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की है।
अर्थशास्त्र वर्ग-1 में भी अधिक स्कोर वाली अभ्यर्थी ने उठाया सवाल
दूसरा मामला अर्थशास्त्र वर्ग-1 का है। सीमा काछरे ने शिकायत में बताया कि उनका Guest ID GTKK8310 है और उनका पैनल स्कोर 177.71 है। उनका दावा है कि शासकीय सांदीपनी विद्यालय, अशोकनगर में उनसे कम 159.00 स्कोर वाले अभ्यर्थी को जॉइन करा दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें विद्यालय की ओर से किसी प्रकार की सूचना या आमंत्रण भी नहीं दिया गया।अभ्यर्थी ने 24 अगस्त के DPI निर्देशों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, GFMS पोर्टल रिकॉर्ड और जॉइनिंग प्रक्रिया की जांच की मांग की है। साथ ही नियम विरुद्धता पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए पैनल मेरिट के आधार पर उन्हें अवसर देने की मांग की गई है।
लगातार शिकायतों से नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
अतिथि शिक्षक नियुक्ति को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों में मुख्य सवाल यही है कि अधिक पैनल स्कोर वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर कम स्कोर वालों को किन नियमों के तहत जॉइनिंग दी गई। अब दोनों मामलों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हुईं या नहीं। यदि इस पूरे मामले को वास्तविकता और ईमानदारी से देखा जाए तो यदि शिकायतकर्ता अभ्यर्थी सही है तो फिर कम नंबर मिलने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति आखिर कैसे की गई जिम्मेदारों पर एक सवाल खड़ा हो रहा है और पूरे मामले को लेकर भ्रष्टाचार की बू भी वंचित अभ्यर्थियों को आ रही है एक बड़ा सवाल है क्या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को शिकायत करने के बाद क्या जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिला पाएंगे या फिर पुरी की पूरी भारती भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी । यह तो आने वाले समय में पता लगेगा फिलहाल तो मेरिट में अब्बल रहने वाले अभ्यर्थी नियुक्तियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं।

बाल यौन शोषण सामग्री पर मेटा को सरकार की दो टूक, कहा- नहीं मिलेगी कोई छूट

बाल यौन शोषण सामग्री पर मेटा को सरकार की दो टूक, कहा- नहीं मिलेगी कोई छूट

Sudarshantoday ब्यूरो: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि बाल यौन शोषण (Child Sexual Abuse Material) से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को हटाने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, लेकिन सरकार का रुख साफ है कि कंपनी को इस गंभीर मामले में कोई कानूनी सुरक्षा या छूट नहीं दी जा सकती।

कानूनी जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकती कंपनी

हालिया घटनाक्रम में यह बात सामने आई है कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को रोकने में तकनीकी खामियां पाई गई थीं। सरकार ने इसे आईटी नियमों का सीधा उल्लंघन माना है। सूत्रों का कहना है कि मेटा ने अपनी गलती को स्वीकार किया है, लेकिन केवल माफी काफी नहीं है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपने उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदार होना होगा।

डिजिटल सुरक्षा के मामले में कोई भी कंपनी कानून से ऊपर नहीं है। मेटा को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर ऐसी घिनौनी सामग्री के लिए कोई जगह न हो। सरकार इस मामले में सख्त निगरानी बनाए रखेगी।

क्या हैं सरकार के कड़े निर्देश?

  • मेटा को बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान करने और उसे तुरंत हटाने के लिए एल्गोरिदम में सुधार करना होगा।
  • कंपनी को भारत के आईटी कानूनों के तहत अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।
  • किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक को ‘सुरक्षा कवच’ के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भविष्य की रणनीति

सरकार अब इस बात पर जोर दे रही है कि मेटा जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। आने वाले दिनों में सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने की योजना बना रही है ताकि बच्चों के लिए इंटरनेट को सुरक्षित बनाया जा सके।

ICC T20I रैंकिंग: अभिषेक शर्मा ने लगाई लंबी छलांग, बुमराह की टॉप-10 में धमाकेदार वापसी

ICC T20I रैंकिंग: अभिषेक शर्मा ने लगाई लंबी छलांग, बुमराह की टॉप-10 में धमाकेदार वापसी

Sudarshantoday ब्यूरो: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आ रहा है। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान के फरहान को पीछे छोड़ते हुए लंबी छलांग लगाई है। वहीं, गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह ने अपनी जादुई गेंदबाजी के दम पर शीर्ष 10 में अपनी जगह पक्की कर ली है।

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का जलवा

भारतीय टीम के उभरते हुए सितारे अभिषेक शर्मा ने हालिया प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। उनकी बल्लेबाजी शैली ने न केवल प्रशंसकों का दिल जीता है, बल्कि आईसीसी की रैंकिंग में भी उन्हें काफी ऊपर पहुंचाया है। इसके अलावा, विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने भी अपनी हालिया अर्धशतकीय पारी के दम पर बल्लेबाजों की सूची में अपनी स्थिति मजबूत की है।

गेंदबाजी में बुमराह और अर्शदीप का दबदबा

गेंदबाजी रैंकिंग में भारतीय तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहा है। जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्यों उन्हें दुनिया का सबसे घातक गेंदबाज माना जाता है। वहीं, अर्शदीप सिंह ने भी अपनी सटीक लाइन और लेंथ से रैंकिंग में सुधार किया है। वरुण चक्रवर्ती की फिरकी का जादू भी आईसीसी की ताजा सूची में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

आईसीसी की ताजा रैंकिंग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि टीम इंडिया आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए पूरी तरह तैयार है।

रैंकिंग में मुख्य बदलाव

  • अभिषेक शर्मा ने बल्लेबाजों की रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई।
  • जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी चार्ट में शीर्ष 10 में वापसी की।
  • संजू सैमसन को अर्धशतक का मिला फायदा।
  • अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती की रैंकिंग में सुधार।

भारतीय टीम के इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आगामी टी20 विश्व कप और अन्य बड़ी श्रृंखलाओं के लिए टीम इंडिया के मनोबल को बढ़ाने वाला है।

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु ने जीता 'आर्मी चीफ ट्रॉफी', NDA में शानदार प्रदर्शन का सम्मान

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु ने जीता ‘आर्मी चीफ ट्रॉफी’, NDA में शानदार प्रदर्शन का सम्मान

Sudarshantoday ब्यूरो: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS), बेंगलुरु ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और सैन्य प्रशिक्षण की परंपरा को कायम रखते हुए प्रतिष्ठित ‘आर्मी चीफ ट्रॉफी’ अपने नाम की है। यह सम्मान स्कूल को नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में सबसे बेहतरीन परिणाम देने के लिए प्रदान किया गया है।

सैन्य शिक्षा में श्रेष्ठता का प्रतीक

यह उपलब्धि स्कूल के कैडेट्स के अनुशासन, कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दी जाने वाली यह ट्रॉफी उन संस्थानों को दी जाती है जो देश की रक्षा सेवाओं में भविष्य के अधिकारियों को तैयार करने में सबसे अधिक सफल रहते हैं।

यह ट्रॉफी न केवल हमारे स्कूल के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह उन सभी कैडेट्स की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिन्होंने देश सेवा का संकल्प लिया है।

सफलता के मुख्य बिंदु

  • NDA प्रवेश परीक्षा में रिकॉर्ड चयन दर।
  • अनुशासित जीवनशैली और शारीरिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर।
  • अत्याधुनिक शैक्षणिक वातावरण और अनुभवी फैकल्टी का योगदान।
  • देश के भविष्य के सैन्य नेतृत्व को तैयार करने की निरंतरता।

बेंगलुरु स्थित यह संस्थान दशकों से भारतीय सशस्त्र बलों को कुशल और समर्पित अधिकारी प्रदान करने का केंद्र रहा है। इस ट्रॉफी के मिलने से स्कूल के छात्रों और स्टाफ में उत्साह का माहौल है, जो आने वाले वर्षों में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हैं।

मिर्जापुर द मूवी का जलवा बरकरार: 200 करोड़ के क्लब से बस कुछ कदम दूर

मिर्जापुर द मूवी का जलवा बरकरार: 200 करोड़ के क्लब से बस कुछ कदम दूर

Sudarshantoday ब्यूरो: कालीन भैया का खौफ और गुड्डू पंडित का अंदाज एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर अपना जादू बिखेर रहा है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ अपनी रिलीज के 13वें दिन भी सिनेमाघरों में मजबूती के साथ टिकी हुई है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और रवि किशन अभिनीत यह फिल्म अब भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गई है।

बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन

फिल्म ने अब तक भारत में 196 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद, फिल्म की कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन स्थिर बनी हुई है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल रहा है, यह जल्द ही 200 करोड़ के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो जाएगी।

वैश्विक स्तर पर भी धूम

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने अपनी धाक जमाई है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन पहले ही 281 करोड़ रुपये के पार निकल चुका है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि मिर्जापुर की फ्रैंचाइजी का क्रेज न केवल देश में बल्कि विदेशों में बसे भारतीय दर्शकों के बीच भी जबरदस्त है।

फिल्म की सफलता पर एक समीक्षक ने कहा, ‘मिर्जापुर का सिनेमाई रूपांतरण उम्मीदों पर खरा उतरा है। पंकज त्रिपाठी और अली फजल की अदाकारी ने इसे एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है, जो बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में साफ झलक रहा है।’

प्रमुख आंकड़े एक नजर में

  • भारत में कुल कमाई: 196 करोड़ रुपये से अधिक
  • वैश्विक कमाई: 281 करोड़ रुपये के पार
  • अगला लक्ष्य: 200 करोड़ रुपये का घरेलू मील का पत्थर
  • सफलता का कारण: मजबूत पटकथा और दिग्गज कलाकारों का अभिनय

आने वाले दिन यह तय करेंगे कि फिल्म अपनी इस दौड़ को कितनी दूर तक ले जा पाती है। फिलहाल, मिर्जापुर के दीवाने इस फिल्म को बार-बार देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं, जिससे इसके लाइफटाइम कलेक्शन में और इजाफा होने की पूरी संभावना है।

जेल में बंद होने के बावजूद टोरी लेनज़ ने किया कॉन्सर्ट का ऐलान, फैंस हैरान

जेल में बंद होने के बावजूद टोरी लेनज़ ने किया कॉन्सर्ट का ऐलान, फैंस हैरान

Sudarshantoday ब्यूरो: मशहूर रैपर टोरी लेनज़ ने अपनी कैद के दौरान एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को चौंका दिया है। साल 2020 की गोलीबारी की घटना के बाद जेल की सजा काट रहे लेनज़ ने घोषणा की है कि वह अमेरिका भर में विशेष म्यूजिक लिसनिंग इवेंट्स आयोजित करेंगे। यह सिलसिला 25 सितंबर से शुरू होकर नवंबर तक जारी रहेगा।

जेल से संगीत का सफर जारी

टोरी लेनज़ का यह फैसला उनके संगीत के प्रति अटूट जुनून को दर्शाता है। भले ही वह सलाखों के पीछे हैं, लेकिन उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ने का अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है। इससे पहले भी वह जेल से ही एक डबल एल्बम रिलीज कर चुके हैं, जिसने चार्ट्स पर काफी चर्चा बटोरी थी।

क्या है पूरा प्लान?

आयोजकों के अनुसार, ये इवेंट्स केवल साधारण कॉन्सर्ट नहीं होंगे, बल्कि इनमें उनके नए संगीत को एक अलग अनुभव के साथ पेश किया जाएगा। हालांकि लेनज़ खुद शारीरिक रूप से वहां मौजूद नहीं होंगे, लेकिन उनकी आवाज और संगीत की मौजूदगी प्रशंसकों के लिए मुख्य आकर्षण होगी।

टोरी लेनज़ की टीम का कहना है कि कलाकार का संगीत कभी कैद नहीं होता और यह पहल उनके प्रशंसकों के लिए एक खास तोहफा है।

मुख्य बातें:

  • 25 सितंबर से नवंबर तक अमेरिका के विभिन्न शहरों में लिसनिंग इवेंट्स होंगे।
  • टोरी लेनज़ वर्तमान में 2020 की शूटिंग मामले में सजा काट रहे हैं।
  • जेल के भीतर से भी उन्होंने हाल ही में अपना डबल एल्बम जारी किया था।

यह घटना साबित करती है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग में एक कलाकार अपनी सीमाओं को पार कर अपने दर्शकों तक कैसे पहुंच सकता है। टोरी लेनज़ का यह कदम उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, कहा- ट्रंप के सामने झुकने के बजाय रीढ़ दिखाएं

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, कहा- ट्रंप के सामने झुकने के बजाय रीढ़ दिखाएं

Sudarshantoday ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ‘यूपीआई टैक्स’ के मुद्दे को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकने के बजाय देश के हितों को प्राथमिकता दें।

यूपीआई टैक्स और अंतरराष्ट्रीय दबाव

राहुल गांधी ने अपने हालिया बयान में आरोप लगाया कि सरकार विदेशी दबाव में आकर यूपीआई जैसे सफल डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे आम आदमी की जेब पर सीधा डाका करार दिया है। राहुल ने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति को विदेशी कंपनियों के हितों के लिए बलि नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को रीढ़ दिखानी चाहिए और डोनाल्ड ट्रंप के सामने लेटने के बजाय देश के लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। यूपीआई पर टैक्स लगाना जनता के साथ अन्याय है।’

मुख्य बिंदु

  • राहुल गांधी ने यूपीआई पर संभावित टैक्स को आम जनता पर बोझ बताया।
  • विदेशी दबाव में आर्थिक नीतियों में बदलाव को लेकर सरकार को घेरा।
  • पीएम मोदी से आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय हितों पर अडिग रहने की मांग की।

विपक्ष का आक्रामक रुख

कांग्रेस का मानना है कि यूपीआई की सफलता भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापारिक समझौतों को लेकर सरकार की नीतियों पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार अपनी नीतियों के जरिए विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है।

डॉ. हेमराज साहू के जन्मदिवस पर सम्मान में उमड़ा समाज, पुष्पहार-शॉल एवं तुलसी पौधा भेंट कर दी शुभकामनाएं

डॉ. हेमराज साहू के जन्मदिवस पर सम्मान में उमड़ा समाज, पुष्पहार-शॉल एवं तुलसी पौधा भेंट कर दी शुभकामनाएं

भोपाल। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं समाज के मार्गदर्शक, तैलिक साहू महासभा मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. हेमराज साहू जी का 84वाँ जन्मदिवस उनके जहांगीराबाद स्थित निज निवास पर हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश सहित भोपाल की विभिन्न सामाजिक इकाइयों एवं पदाधिकारियों ने उनके निवास पहुंचकर पुष्पहार, शॉल, श्रीफल एवं मोतियों की माला पहनाकर जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. हेमराज साहू जी के जन्मदिवस के अवसर पर अखिल भारतीय तैलि क साहू महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश साहू, राष्ट्रीय संरक्षक श्री हरिशंकर साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री मदनलाल साहू (बैंक वाले), प्रदेश महासचिव श्री अनिल साहू अकेला एवं युवा प्रदेश अध्यक्ष श्री लोकेश नारायण साहू सहित अनेक पदाधिकारी उनके निवास पहुंचे और उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर बरखेड़ी इकाई के पदाधिकारियों एवं समाज के गणमान्यजनों ने भी डॉ. हेमराज साहू जी का सम्मान किया। इनमें तेली पुरुषोत्तम गुप्ता एडवोकेट इकाई संरक्षक, इकाई अध्यक्ष श्री प्रवीण साहू, श्री संजय साहू (पूर्व पार्षद), इकाई कोषाध्यक्ष श्री देवेंद्र साहू, भोपाल जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी कुमार टेलर्स के डायरेक्टर श्री बृजलाल साहू सहित प्रदेश मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी श्री संतोष राज उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें माता कर्मा का दुपट्टा, पुष्प हार पहनाकर एवं तुलसी का पौधा भेंट कर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। डॉ. हेमराज साहू जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाजसेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया है। 84 वर्ष की उम्र में भी उनके भीतर समाज के प्रति सेवा, समर्पण और मार्गदर्शन का जज्बा आज भी उसी तरह कायम है। समाज के लोगों का कहना है कि डॉ. साहू जी ने तन-मन-धन से निस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य किया है और यही कारण है कि आज उनके जन्मदिवस पर प्रदेशभर से लोगों का स्नेह और सम्मान देखने को मिला। समाजसेवियों ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा समाजहित में किए गए कार्यों और उसके योगदान का वास्तविक सम्मान उसके विशेष अवसरों पर देखने को मिलता है। डॉ. हेमराज साहू जी के जन्मदिवस पर भोपाल सहित मध्य प्रदेश की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं की उपस्थिति उनके प्रति समाज के सम्मान, स्नेह और विश्वास को दर्शाती है। दिनभर प्रदेशभर से डॉ. हेमराज साहू जी को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं प्राप्त होती रहीं। सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने दूरभाष के माध्यम से भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर डॉ. हेमराज साहू जी ने अपने निवास पर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं देने वाले भोपाल के समस्त समाजबंधुओं, विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि समाज का स्नेह एवं आशीर्वाद ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। समाज के लिए उनका समर्पण, अनुभव और मार्गदर्शन आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का 'लॉजिस्टिक्स मैनेजर' कर्मवीर सिंह देव कनाडा से डिपोर्ट, भारत में मचा हड़कंप

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘लॉजिस्टिक्स मैनेजर’ कर्मवीर सिंह देव कनाडा से डिपोर्ट, भारत में मचा हड़कंप

Sudarshantoday ब्यूरो: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करने वाले और गिरोह के ‘लॉजिस्टिक्स मैनेजर’ के रूप में पहचाने जाने वाले कर्मवीर सिंह देव को कनाडा से डिपोर्ट कर दिया गया है। देव पर आरोप है कि वह बिश्नोई गैंग के सदस्यों को फर्जी यात्रा दस्तावेज मुहैया कराने में मुख्य भूमिका निभाता था। भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब उससे पूछताछ की तैयारी कर रही हैं।

गैंग का मास्टरमाइंड और फर्जी दस्तावेजों का खेल

कर्मवीर सिंह देव पर हत्या, जबरन वसूली और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, देव ने ही अनमोल बिश्नोई समेत गैंग के कई बड़े गुर्गों के लिए फर्जी पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज तैयार करवाए थे। वह लंबे समय से कनाडा में छिपकर गैंग के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

भारत से कैसे फरार हुआ था देव?

सूत्रों के मुताबिक, देव ने भारत में एक म्युनिसिपल चुनाव विवाद के बाद फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके देश छोड़ा था। तब से वह विदेश में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक साम्राज्य को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

एजेंसियों का मानना है कि कर्मवीर सिंह देव से होने वाली पूछताछ में उन रास्तों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिनका इस्तेमाल करके कुख्यात अपराधी भारत से फरार होकर विदेशों में शरण ले रहे हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • कर्मवीर सिंह देव लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख लॉजिस्टिक्स मैनेजर था।
  • अनमोल बिश्नोई के लिए फर्जी पासपोर्ट बनवाने में उसकी भूमिका संदिग्ध है।
  • भारत में उस पर हत्या और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं।
  • कनाडा से उसकी वापसी से गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।

फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां देव को हिरासत में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। यह घटनाक्रम कनाडा और भारत के बीच चल रहे आपराधिक प्रत्यर्पण के मामलों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।