जम्मू-कश्मीर: रियासी में माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में लगी भीषण आग

जम्मू-कश्मीर: रियासी में माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में लगी भीषण आग

Sudarshantoday ब्यूरो: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के हेलीपैड टर्मिनल में आज सुबह भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि टर्मिनल की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।

घटना का विवरण और बचाव कार्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटरा के पास स्थित सांझीछत हेलीपैड पर यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। गनीमत यह रही कि घटना के समय वहां यात्रियों की संख्या कम थी, जिससे किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से हेलीकॉप्टर सेवाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि आग पर अब पूरी तरह से काबू पा लिया गया है और कूलिंग प्रक्रिया जारी है। टर्मिनल के ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द सेवाओं को बहाल किया जा सके।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

  • हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल एहतियातन रोकी गई है।
  • श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करें।
  • सुरक्षा कारणों से हेलीपैड क्षेत्र में आवाजाही सीमित कर दी गई है।

माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम का गठन किया गया है। यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।

एड शीरन के टूर से हटने पर आरोन रोवे ने तोड़ी चुप्पी, विवादों के बीच किया बचाव

एड शीरन के टूर से हटने पर आरोन रोवे ने तोड़ी चुप्पी, विवादों के बीच किया बचाव

Sudarshantoday ब्यूरो: वैश्विक संगीत जगत में इन दिनों एड शीरन का टूर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन इस बार वजह उनके गाने नहीं बल्कि विवादित परिस्थितियां हैं। रैपर मैकलमोर को टूर से हटाए जाने के बाद, सपोर्टिंग आर्टिस्ट आरोन रोवे ने भी शो से बाहर होने का फैसला लिया, जिसने मनोरंजन गलियारों में हलचल मचा दी है।

मैकलमोर के समर्थन और विवाद की जड़

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मैकलमोर ने फिलिस्तीनियों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी। इस बयान के बाद उन्हें एड शीरन के टूर से हटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद आरोन रोवे ने एकजुटता दिखाते हुए टूर छोड़ने का निर्णय लिया। रोवे का कहना है कि यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके सिद्धांतों के प्रति है।

आरोन रोवे ने अपने बयान में कहा, ‘कलाकार के तौर पर हमें अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। एड शीरन के साथ मेरा अनुभव हमेशा शानदार रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मुझे अपने मूल्यों के साथ खड़ा होना जरूरी लगा।’

टूर पर मंडराया संकट

आरोन रोवे के अलावा, एड शीरन के कई अन्य ओपनिंग एक्ट्स और उनके बैकिंग बैंड के सदस्यों ने भी टूर से दूरी बना ली है। इस सामूहिक इस्तीफे ने टूर के भविष्य पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • मैकलमोर के फिलिस्तीन समर्थक बयानों के बाद उन्हें टूर से हटाया गया।
  • आरोन रोवे ने नैतिक आधार पर टूर से हटने का फैसला लिया।
  • बैंड के कई सदस्यों और अन्य कलाकारों ने भी अपना समर्थन वापस ले लिया है।
  • एड शीरन की टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संगीत प्रेमियों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या किसी कलाकार के राजनीतिक विचारों का असर उसके पेशेवर दौरों पर पड़ना चाहिए। फिलहाल, एड शीरन के टूर का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है और प्रशंसक इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहे हैं।

बॉक्स ऑफिस पर 'VIBE' का धमाका: दूसरे दिन कमाई में 55.9% की जबरदस्त उछाल

बॉक्स ऑफिस पर ‘VIBE’ का धमाका: दूसरे दिन कमाई में 55.9% की जबरदस्त उछाल

Sudarshantoday ब्यूरो: कुणाल खेमू और प्रीति की हालिया रिलीज एक्शन थ्रिलर-कॉमेडी फिल्म ‘VIBE’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन दर्शकों की संख्या और कमाई के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने शनिवार को भारत में 2.65 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है।

कमाई में भारी उछाल

फिल्म की कमाई में पहले दिन के मुकाबले 55.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह उछाल फिल्म के प्रति दर्शकों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। शनिवार को सिनेमाघरों में ‘VIBE’ की कुल ऑक्यूपेंसी 21 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो फिल्म के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

कुल कलेक्शन और भविष्य की राह

दो दिनों के सफल प्रदर्शन के बाद फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन अब 4.35 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि जिस तरह से फिल्म ने दूसरे दिन रफ्तार पकड़ी है, उससे रविवार को इसके और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

फिल्म की कहानी और कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को काफी पसंद आ रही है, जिसके चलते वीकेंड पर फिल्म के कलेक्शन में और सुधार होने की पूरी संभावना है।

  • फिल्म की दूसरे दिन की कमाई: 2.65 करोड़ रुपये
  • कुल इंडिया नेट कलेक्शन: 4.35 करोड़ रुपये
  • शनिवार को ऑक्यूपेंसी: 21 प्रतिशत
  • वृद्धि दर: 55.9 प्रतिशत
भारत दौरे के लिए वेस्टइंडीज टीम का ऐलान: जॉन कैंपबेल की वापसी, पूरन को मिला मौका

भारत दौरे के लिए वेस्टइंडीज टीम का ऐलान: जॉन कैंपबेल की वापसी, पूरन को मिला मौका

Sudarshantoday ब्यूरो: वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने भारत के आगामी दौरे के लिए अपनी वनडे और टी20 टीम की घोषणा कर दी है। इस चयन में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया गया है। टीम का मुख्य लक्ष्य 2027 विश्व कप की तैयारियों को पुख्ता करना और टी20 प्रारूप में एक मजबूत कोर तैयार करना है।

जॉन कैंपबेल की वापसी और पूरन का डेब्यू

वनडे सीरीज के लिए जॉन कैंपबेल को टीम में फिर से शामिल किया गया है, जो अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं, टी20 टीम में कामिल पूरन को पहली बार मौका दिया गया है। पूरन ने हालिया घरेलू प्रदर्शन में शानदार फॉर्म दिखाई है, जिसके चलते उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।

हेटमायर की वापसी और होल्डर को आराम

टीम में शिमरोन हेटमायर की वापसी हुई है, जो मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर, टीम के अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर को कार्यभार प्रबंधन के तहत इस दौरे से आराम दिया गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि यह बदलाव टीम के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

वेस्टइंडीज के मुख्य चयनकर्ता ने कहा, ‘यह दौरा हमारे लिए भविष्य की योजनाओं को परखने का एक बड़ा अवसर है। हम 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी टीम तैयार कर रहे हैं जो हर परिस्थिति में प्रतिस्पर्धी हो।’

दौरे की मुख्य बातें

  • जॉन कैंपबेल की वनडे टीम में वापसी।
  • कामिल पूरन को पहली बार टी20 टीम में शामिल किया गया।
  • शिमरोन हेटमायर की टी20 टीम में वापसी।
  • जेसन होल्डर को आराम दिया गया।
  • आगामी विश्व कप के लिए टीम का ढांचा तैयार करने पर जोर।
मिर्जापुर: द मूवी का जलवा बरकरार, 16वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 63.6% की जबरदस्त उछाल

मिर्जापुर: द मूवी का जलवा बरकरार, 16वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 63.6% की जबरदस्त उछाल

Sudarshantoday ब्यूरो: ओटीटी की दुनिया से सिनेमाघरों तक का सफर तय करने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। रिलीज के 16वें दिन फिल्म ने न केवल दर्शकों को आकर्षित किया, बल्कि कमाई के आंकड़ों में भी भारी उछाल दर्ज किया है। पंकज त्रिपाठी और अली फजल की अदाकारी से सजी इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि कालीन भैया का खौफ आज भी बरकरार है।

बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन

फिल्म के 16वें दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसने भारत में 4.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा पिछले दिनों की तुलना में 63.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। शनिवार को सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में भी इजाफा देखा गया, जहां फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 23 प्रतिशत तक पहुंच गई।

वैश्विक स्तर पर 300 करोड़ के पार

मिर्जापुर के इस फिल्मी सफर ने न केवल घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता के झंडे गाड़े हैं। फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 302.19 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म की निरंतर मांग बनी हुई है, जो इसके लंबे समय तक चलने वाले प्रभाव को दर्शाती है।

फिल्म की सफलता पर ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘मिर्जापुर’ का ब्रांड वैल्यू और कलाकारों की दमदार केमिस्ट्री ने इसे बॉक्स ऑफिस पर एक लंबी रेस का घोड़ा बना दिया है।

  • 16वें दिन का नेट कलेक्शन: 4.50 करोड़ रुपये।
  • कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 302.19 करोड़ रुपये।
  • शनिवार की ऑक्यूपेंसी: 23 प्रतिशत।
  • ग्रोथ रेट: 63.6 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी।

फिल्म की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मिर्जापुर की कहानी का क्रेज दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। आने वाले दिनों में फिल्म के और भी नए रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स पर कड़े होंगे नियम, स्वास्थ्य मंत्रालय विचार कर रहा है 'बॉक्स वार्निंग' लगाने पर

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स पर कड़े होंगे नियम, स्वास्थ्य मंत्रालय विचार कर रहा है ‘बॉक्स वार्निंग’ लगाने पर

Sudarshantoday ब्यूरो: देश में इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (मॉर्निंग-आफ्टर पिल्स) के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़ी स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नियामक संस्थाओं के बीच इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि इन दवाओं के पैकेट पर चार प्रमुख ‘बॉक्स वार्निंग’ अनिवार्य की जाएं, ताकि आम जनता को इसके संभावित दुष्प्रभावों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का उपयोग अक्सर बिना डॉक्टरी सलाह के किया जा रहा है। ये दवाएं हार्मोनल असंतुलन, मासिक धर्म चक्र में अनियमितता और लंबे समय में प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। नई प्रस्तावित वार्निंग्स का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को इन जोखिमों के प्रति सचेत करना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी पिल्स कोई नियमित गर्भनिरोधक नहीं हैं। इनका बार-बार सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, इसलिए पैकेट पर स्पष्ट चेतावनी बेहद जरूरी है।

प्रस्तावित चार प्रमुख चेतावनियां

  • यह दवा नियमित गर्भनिरोधक का विकल्प नहीं है।
  • बार-बार सेवन से हार्मोनल स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • यह यौन संचारित रोगों (STDs) से सुरक्षा प्रदान नहीं करती है।
  • उपयोग से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से परामर्श अनिवार्य है।

आगे की राह

स्वास्थ्य मंत्रालय इस प्रस्ताव पर दवा निर्माताओं और स्वास्थ्य संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा कर रहा है। यदि यह नियम लागू होता है, तो भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां इमरजेंसी दवाओं के लिए अत्यधिक सख्त लेबलिंग मानक अपनाए गए हैं। सरकार का मुख्य जोर ‘सेल्फ-मेडिकेशन’ की प्रवृत्ति को कम करना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पाकिस्तान पुलिस मुख्यालय में आतंकी हमला: 22 घंटे बाद खत्म हुआ एनकाउंटर, मरने वालों की संख्या 31 पहुंची

पाकिस्तान पुलिस मुख्यालय में आतंकी हमला: 22 घंटे बाद खत्म हुआ एनकाउंटर, मरने वालों की संख्या 31 पहुंची

Sudarshantoday ब्यूरो: पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस लाइंस मुख्यालय के भीतर हुए भीषण आत्मघाती हमले का सिलसिला 22 घंटे के लंबे संघर्ष के बाद समाप्त हो गया है। सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच चली इस लंबी मुठभेड़ में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जबकि 150 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हमले की भयावहता और बचाव अभियान

सोमवार को दोपहर की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने पुलिस मस्जिद के भीतर खुद को उड़ा लिया, जिससे इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में अधिकांश पुलिसकर्मी हैं जो अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।

हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इस कायराना हमले के दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाए। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। – स्थानीय पुलिस अधिकारी

प्रमुख बिंदु

  • हमलावर ने पुलिस लाइंस के अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश किया।
  • विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की छत और दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
  • घायलों में कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
  • पूरे पेशावर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जांच और सुरक्षा पर सवाल

इस हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने संवेदनशील इलाके में हमलावर का दाखिल होना एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है। सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा घेरे में सेंध कैसे लगी।

पॉल न्यूमैन की विरासत: कैसे एक अभिनेता की जमीन बनी प्रकृति का अनमोल खजाना

पॉल न्यूमैन की विरासत: कैसे एक अभिनेता की जमीन बनी प्रकृति का अनमोल खजाना

Sudarshantoday ब्यूरो: हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता पॉल न्यूमैन न केवल अपनी शानदार अदाकारी के लिए जाने जाते थे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भी मिसाल रहा है। 1997 में उन्होंने अपनी जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान कर दिया था, जिसका उद्देश्य प्रकृति को सहेजना और उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना था। यही नेक पहल आगे चलकर एक विशाल नेचर प्रिजर्व के रूप में विकसित हुई।

न्यूमैन-पोसेस नेचर प्रिजर्व: एक हरित धरोहर

वर्ष 2011 में आधिकारिक तौर पर खोले गए ‘न्यूमैन-पोसेस नेचर प्रिजर्व’ का निर्माण पॉल न्यूमैन द्वारा दान की गई भूमि और बाद में अधिग्रहित किए गए अन्य क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था। यह स्थान आज पारिस्थितिक सक्रियता और पर्यावरण के प्रति न्यूमैन की गहरी प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है। यह क्षेत्र न केवल जैव विविधता का केंद्र है, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल भी बना हुआ है।

पॉल न्यूमैन का यह कदम केवल दान नहीं था, बल्कि यह पृथ्वी के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एक हिस्सा था। उनकी बेटियां आज भी इस विरासत को उसी जुनून के साथ आगे बढ़ा रही हैं।

विरासत को संजोती बेटियां

पॉल न्यूमैन के निधन के बाद, उनकी बेटियों ने इस नेचर प्रिजर्व की देखरेख की जिम्मेदारी बखूबी संभाली है। वे यह सुनिश्चित कर रही हैं कि यह अभयारण्य एक जीवंत और संरक्षित स्थान बना रहे। उनके प्रयासों के कारण ही आज यह जगह प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है।

इस संरक्षण पहल की मुख्य विशेषताएं:

  • 1997 में पॉल न्यूमैन द्वारा भूमि का उदार दान।
  • 2011 में आधिकारिक तौर पर न्यूमैन-पोसेस नेचर प्रिजर्व का उद्घाटन।
  • पारिस्थितिक संतुलन और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष ध्यान।
  • न्यूमैन परिवार द्वारा निरंतर निगरानी और संरक्षण कार्य।
मुकेश सहनी का संजय निषाद पर तीखा हमला, कहा- 'परिवारवाद में फंसे हैं, अपनी दुकान चला रहे हैं'

मुकेश सहनी का संजय निषाद पर तीखा हमला, कहा- ‘परिवारवाद में फंसे हैं, अपनी दुकान चला रहे हैं’

Sudarshantoday ब्यूरो: बिहार की राजनीति में वीआईपी (VIP) सुप्रीमो मुकेश सहनी ने निषाद समाज के नेता और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद पर सीधा और कड़ा प्रहार किया है। सहनी ने संजय निषाद पर आरोप लगाया कि वे केवल अपने परिवार के हितों को साधने में लगे हैं और समाज के नाम पर अपनी ‘राजनीतिक दुकान’ चला रहे हैं।

परिवारवाद का आरोप

मुकेश सहनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि संजय निषाद का पूरा ध्यान केवल अपने परिवार को राजनीति में स्थापित करने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज के हक और अधिकार की बात करने वाले संजय निषाद असल में केवल ‘परिवारवाद’ की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। सहनी के अनुसार, समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करने के बजाय वे सत्ता के गलियारों में अपने निजी लाभ के लिए सक्रिय हैं।

‘अपनी दुकान चला रहे हैं’

सहनी ने तल्ख लहजे में कहा कि संजय निषाद समाज के वास्तविक मुद्दों को दरकिनार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा:

समाज के नाम पर राजनीति करना और उसे अपनी निजी जागीर समझकर चलाना दो अलग बातें हैं। संजय निषाद केवल अपनी दुकान चला रहे हैं, जिसका समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रमुख बिंदु:

  • मुकेश सहनी ने संजय निषाद की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल।
  • परिवारवाद को निषाद समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया।
  • सहनी ने दावा किया कि निषाद समाज अब जागरूक हो चुका है और वह किसी के निजी एजेंडे का हिस्सा नहीं बनेगा।

राजनीतिक गलियारों में इस बयान को निषाद वोट बैंक को अपने पाले में करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मुकेश सहनी लगातार निषाद आरक्षण की मांग को लेकर मुखर रहे हैं, जबकि संजय निषाद सत्ताधारी गठबंधन के साथ मिलकर अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस जुबानी जंग का असर आने वाले चुनावों में कितना पड़ता है।

प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अनंत चतुर्दशी पर होगा नगर भ्रमण

गणेश चतुर्थी से मंदिर में जारी है विशेष पूजा-अर्चना और महाप्रसादी का आयोजन, आकर्षक विद्युत सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र

रिपोर्ट: राहुल शर्मा
बदनावर

बदनावर। नगर के मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र स्थित प्राचीन श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गणेश चतुर्थी से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश एवं रिद्धि-सिद्धि के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, पूजन, मंत्र जाप, आरती, विशेष श्रृंगार और महाप्रसादी का आयोजन हो रहा है।

1986 से चली आ रही चूरमे के महाभोग की परंपरा

मंदिर के पुजारी श्याम सिद्ध के अनुसार गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन स्वयंभू श्री गणेश को 3 क्विंटल 51 किलो चूरमे का भोग लगाया गया। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया।

बताया गया कि मंदिर में चूरमे के महाभोग और प्रसादी की यह परंपरा वर्ष 1986 से चली आ रही है। भक्त स्वयं मिलकर प्रसादी की व्यवस्था करते हैं और परंपरा के अनुसार भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है।

गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश को 51 किलो मिठाई की महाप्रसादी का भोग लगाया जा रहा है। पूजा-अर्चना के बाद यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भगवान का अभिषेक और पूजन मंत्र जाप के साथ कराया जा रहा है।

सुबह और शाम होती है भगवान की आरती

मंदिर में प्रतिदिन निर्धारित समय पर आरती का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 9 बजे तथा शाम 7:30 बजे स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश की आरती की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर आरती में शामिल होते हैं और भगवान का आशीर्वाद लेते हैं।

प्रतिदिन हो रहा भगवान का आकर्षक श्रृंगार

गणेश उत्सव के दौरान स्वयंभू श्री चिंतामन गणेश का प्रतिदिन विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है। शुक्रवार को भगवान का नीले रंग के चोले में विशेष श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

पुजारी के अनुसार आगामी बुधवार को भगवान का विशेष अभिषेक किया जाएगा और इसके बाद मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। वहीं मंदिर परिसर में सुंदरकांड का आयोजन भी रखा गया है।

अनंत चतुर्दशी पर नगर भ्रमण करेंगे स्वयंभू श्री गणेश

भगवान के लिए तैयार किया गया विशेष रथ, भक्तों को नगर भ्रमण के दौरान होंगे दर्शन

गणेश उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे।

नगर भ्रमण को लेकर मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। भगवान के लिए विशेष रथ तैयार किया गया है। बैंड-बाजे की धुन के साथ मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु नगर भ्रमण में शामिल होंगे।

अनंत चतुर्दशी पर चार घंटे होगा हवन-पूजन

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर परिसर में चार घंटे तक हवन एवं पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें लाभार्थी श्रद्धालु विधि-विधान के साथ हवन में आहुति देंगे।

नगर भ्रमण के दौरान भक्तों के बीच शुद्ध देसी घी की नुगदी की महाप्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।

बैंड-बाजे के साथ होगा नगर भ्रमण

नगर भ्रमण के दौरान बैंड-बाजे की धुन पर मंदिर के सदस्य और श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल होंगे। भगवान के रथ के साथ भक्त झूमते, गाते और भक्ति में शामिल होते हुए नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेंगे।

इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान का विसर्जन किया जाएगा।

रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर

दस दिवसीय गणेश उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में आकर्षक विद्युत सजावट भी की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर को सजाया गया है, जिससे शाम के समय मंदिर परिसर का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक नजर आ रहा है।

गणेश उत्सव के दौरान दर्शन, पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना लगातार जारी है।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर

मालीपुरा किला दरवाजा क्षेत्र में स्थित श्री चिंतामन स्वयंभू गणेश मंदिर गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। गणेश उत्सव के दौरान यहां होने वाले विशेष पूजन, अभिषेक, श्रृंगार, महाप्रसादी और नगर भ्रमण जैसे आयोजनों के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिल रही है।