प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में आए बदलावों पर खुलकर बोलीं कैटरीना कैफ, स्किन केयर रूटीन का किया खुलासा

प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में आए बदलावों पर खुलकर बोलीं कैटरीना कैफ, स्किन केयर रूटीन का किया खुलासा

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने हाल ही में मातृत्व के सफर और उसके बाद अपने शरीर में आए बदलावों पर खुलकर चर्चा की है। अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी अपीयरेंस और बॉडी-शेमिंग को लेकर चर्चा में रहने वाली कैटरीना ने बताया कि प्रेग्नेंसी के बाद उनकी त्वचा काफी संवेदनशील हो गई थी, जिसके चलते उन्हें अपनी जीवनशैली और स्किन केयर रूटीन में बड़े बदलाव करने पड़े।

त्वचा की संवेदनशीलता और नई चुनौतियां

कैटरीना ने साझा किया कि मां बनने के बाद उनके शरीर और त्वचा की जरूरतों में काफी अंतर आया है। उन्होंने बताया कि उनकी स्किन पहले की तुलना में अधिक नाजुक हो गई, जिससे उन्हें अपनी दिनचर्या को पूरी तरह से बदलने की आवश्यकता महसूस हुई। अभिनेत्री ने कहा कि अब वह अपनी त्वचा के प्रति अधिक सतर्क और कोमल रवैया अपनाती हैं।

मेरी प्राथमिकता अब केवल सुंदरता नहीं, बल्कि त्वचा का स्वास्थ्य और उसे पोषण देना है। प्रेग्नेंसी के बाद मैंने महसूस किया कि मेरी स्किन को पहले से कहीं ज्यादा देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है।

क्या है कैटरीना का नया स्किन केयर रूटीन?

अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए कैटरीना ने एक सरल लेकिन प्रभावी रूटीन अपनाया है। उनके नए स्किन केयर रूटीन में मुख्य रूप से तीन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

  • क्लींजिंग: त्वचा की गहराई से सफाई लेकिन कोमलता के साथ।
  • रिपेयर: स्किन बैरियर को ठीक करने के लिए पोषण युक्त उत्पादों का उपयोग।
  • प्रोटेक्शन: हानिकारक तत्वों और धूप से बचाव के लिए सुरक्षात्मक लेयर।

बॉडी-शेमिंग पर अभिनेत्री का रुख

लगातार मिल रही आलोचनाओं और बॉडी-शेमिंग के सवालों पर कैटरीना ने परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि एक महिला के लिए मातृत्व का अनुभव सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी दिखावे से ज्यादा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। अभिनेत्री का यह बयान उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रसव के बाद अपने शरीर में आने वाले बदलावों को लेकर चिंतित रहती हैं।

दीपिका-रणवीर के घर आई नन्हीं परी: बॉलीवुड सितारों और प्रशंसकों ने दी बधाई

दीपिका-रणवीर के घर आई नन्हीं परी: बॉलीवुड सितारों और प्रशंसकों ने दी बधाई

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड के सबसे चहेते पावर कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर खुशियों ने दस्तक दी है। 19 सितंबर, 2026 को इस स्टार जोड़ी ने अपनी दूसरी बेटी के जन्म की आधिकारिक घोषणा की, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों का तांता लग गया है। फैंस इस नन्ही परी के आने से बेहद उत्साहित हैं और कपल को ‘दुनिया के सबसे भाग्यशाली माता-पिता’ करार दे रहे हैं।

सितारों ने बरसाया प्यार

दीपिका और रणवीर के इस खास पल पर फिल्म जगत की तमाम हस्तियों ने अपना प्यार जाहिर किया है। आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा और करण जौहर समेत कई बड़े सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए कपल को माता-पिता बनने की दूसरी बार बधाई दी है। फैंस भी कमेंट सेक्शन में अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिख रहे हैं कि यह जोड़ी न केवल पेशेवर जीवन में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी प्रेरणा का स्रोत है।

वर्क फ्रंट पर क्या है तैयारी?

निजी जीवन में आई इस बड़ी खुशी के बीच, दोनों सितारे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। दीपिका पादुकोण जल्द ही शाहरुख खान के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगी, जिसके लिए वे काफी समय से तैयारी कर रही हैं। वहीं, रणवीर सिंह एक बिल्कुल अलग जॉनर के साथ प्रयोग कर रहे हैं।

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं, जो एक जबरदस्त जॉम्बी थ्रिलर फिल्म बताई जा रही है।

मुख्य बातें

  • दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 सितंबर, 2026 को दूसरी बेटी के जन्म की पुष्टि की।
  • सोशल मीडिया पर फैंस ने कपल को ‘लकीएस्ट पेरेंट्स’ बताया है।
  • दीपिका जल्द ही शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ फिल्म की शूटिंग में जुटेंगी।
  • रणवीर सिंह एक डार्क और रोमांचक जॉम्बी थ्रिलर ‘प्रलय’ पर काम कर रहे हैं।
रूस प्रतिबंध कानून पर ट्रम्प के रुख के खिलाफ कांग्रेस का कड़ा रुख, कहा- 'जोरदार विरोध करें'

रूस प्रतिबंध कानून पर ट्रम्प के रुख के खिलाफ कांग्रेस का कड़ा रुख, कहा- ‘जोरदार विरोध करें’

Sudarshantoday ब्यूरो: अमेरिकी कांग्रेस ने रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ट्रम्प की नीतियों और रूस के प्रति उनके नरम रुख की कड़ी आलोचना करते हुए स्पष्ट किया है कि रूस को जवाबदेह ठहराने के लिए बनाए गए कानूनों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

प्रतिबंधों को कमजोर करने की कोशिशों पर चिंता

अमेरिकी सांसदों का मानना है कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ट्रम्प द्वारा इन प्रतिबंधों को चुनौती देने या उन्हें कमजोर करने के प्रयासों को लेकर वाशिंगटन के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के कई प्रभावशाली सदस्यों ने ट्रम्प के बयानों को ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’ करार दिया है।

रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध केवल कागजी कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक व्यवस्था को बनाए रखने का एक उपकरण हैं। हमें ट्रम्प के इन दावों का पूरी ताकत से विरोध करना होगा ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों की गरिमा बनी रहे।

प्रमुख बिंदु:

  • रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को लेकर कांग्रेस और ट्रम्प के बीच वैचारिक मतभेद गहराए।
  • सांसदों ने रूस के साथ किसी भी प्रकार के समझौते को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक बताया।
  • कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

भविष्य की रणनीति और चुनौतियां

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आने वाले समय में अमेरिकी विदेश नीति को और अधिक जटिल बना सकता है। कांग्रेस अब इस बात पर जोर दे रही है कि रूस के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए, जबकि ट्रम्प का खेमा इसे कूटनीतिक विफलता के रूप में देख रहा है। आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर और अधिक तीखी बहस देखने को मिल सकती है, जो अमेरिकी राजनीति की दिशा तय करेगी।

हरियाणा में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए बनेगी नई नीति, शहरी कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

हरियाणा में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए बनेगी नई नीति, शहरी कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

Sudarshantoday ब्यूरो: हरियाणा सरकार अब शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी की समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए एक नई नीति तैयार करने जा रही है। राज्य सरकार ने 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण और उनके रखरखाव के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क बनाने का निर्णय लिया है, जिससे तेजी से बढ़ते शहरी इलाकों में यातायात का दबाव कम हो सके।

कनेक्टिविटी को नई दिशा

हाल ही में राज्य के मंत्री ने सेक्टर 49 और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण 24 मीटर चौड़ी सड़क का उद्घाटन किया। यह परियोजना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि इस क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगी। बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

विकास का अर्थ केवल कंक्रीट की सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित करना भी है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम विकास के साथ-साथ प्रकृति का भी ध्यान रखें।

उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री ने स्थानीय निवासियों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया ताकि शहरीकरण के बीच पर्यावरण का संतुलन बना रहे।

मुख्य बिंदु:

  • 24 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए जल्द ही एक नई नीति लागू की जाएगी।
  • सेक्टर 49 और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई।
  • बादशाहपुर में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • नागरिकों से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार और वृक्षारोपण की अपील।
ऋषभ पंत के भविष्य पर आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान, चयन समिति ने बना लिया है मन

ऋषभ पंत के भविष्य पर आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान, चयन समिति ने बना लिया है मन

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने एक बड़ा दावा किया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले पंत की भूमिका और टीम में उनकी स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चोपड़ा का मानना है कि चयनकर्ताओं ने पंत के भविष्य को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर ली है।

वनडे सीरीज का कार्यक्रम

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली आगामी वनडे सीरीज का आगाज 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का निर्णायक तीसरा मैच 3 अक्टूबर को नई चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।

पंत की बदलती भूमिका पर आकाश चोपड़ा की राय

आकाश चोपड़ा ने पंत के लाल गेंद (टेस्ट) और सफेद गेंद (वनडे/टी20) क्रिकेट में अलग-अलग भूमिकाओं पर प्रकाश डाला है। उनका कहना है कि टीम प्रबंधन पंत को जिस तरह से इस्तेमाल कर रहा है, वह उनके भविष्य के रोडमैप को दर्शाता है।

पंत को जिस तरह से अलग-अलग प्रारूपों में अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, उससे साफ है कि चयन समिति ने उनके बारे में अपना मन बना लिया है। टीम मैनेजमेंट उन्हें एक विशेष भूमिका में देखना चाहता है।

मुख्य बिंदु

  • वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मैच 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा।
  • आकाश चोपड़ा के अनुसार, पंत की भूमिका को लेकर टीम प्रबंधन का नजरिया स्पष्ट है।
  • पंत को टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अलग-अलग भूमिकाएं दी जा रही हैं।

पंत के लिए यह सीरीज खुद को साबित करने और टीम की योजनाओं में अपनी जगह पक्की करने का एक बड़ा अवसर है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चयनकर्ताओं का यह ‘मन’ टीम के प्रदर्शन में कैसे बदलता है।

IIM जम्मू का विवादित फरमान: पीएम मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम में न आने पर 500 रुपये का जुर्माना?

IIM जम्मू का विवादित फरमान: पीएम मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम में न आने पर 500 रुपये का जुर्माना?

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जम्मू एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल न होने वाले छात्रों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस दावे के बाद शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक आयोजनों की अनिवार्यता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर इस कथित नोटिस की एक प्रति साझा की है। आरोप है कि संस्थान प्रशासन ने छात्रों को अनिवार्य रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि जो छात्र इस कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे, उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।

छात्रों को शिक्षा के मंदिर में ज्ञान अर्जन के लिए भेजा जाता है, न कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की अनिवार्य उपस्थिति के लिए। IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का इस तरह का फरमान न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह शैक्षणिक स्वतंत्रता का भी हनन है।

विपक्ष का हमला और संस्थान की चुप्पी

इस घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। हालांकि, IIM जम्मू प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस को लेकर सरकार को घेरा।
  • आरोप है कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य थी।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई है।
  • शिक्षाविदों ने इस कदम को छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।

फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और छात्र समुदाय में इसे लेकर काफी रोष देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या संस्थान प्रशासन इस पर कोई सफाई देता है या यह विवाद और तूल पकड़ता है।

CBFC में रिकी केज की एंट्री: 'बच्चों को बचाने का मतलब वयस्कों की फिल्मों को बदलना नहीं'

CBFC में रिकी केज की एंट्री: ‘बच्चों को बचाने का मतलब वयस्कों की फिल्मों को बदलना नहीं’

Sudarshantoday ब्यूरो: ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज ने हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पुनर्गठित पैनल में अपनी नियुक्ति को एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया है। केज का मानना है कि सेंसरशिप का मतलब रचनात्मकता को दबाना नहीं, बल्कि दर्शकों को सही जानकारी देना है।

आयु-आधारित प्रमाणन पर जोर

रिकी केज ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता फिल्मों में अनावश्यक कटौती करने के बजाय ‘आयु-आधारित प्रमाणन’ (Age-based certification) को अधिक प्रभावी बनाना है। उनका तर्क है कि यदि कोई फिल्म वयस्कों के लिए बनी है, तो उसे उसी रूप में रहने देना चाहिए, बशर्ते दर्शकों को पहले से चेतावनी दी गई हो।

बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम वयस्कों के लिए बनाई गई परिपक्व सिनेमा को ‘सैनिटाइज’ करना शुरू कर दें। हमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है ताकि माता-पिता अपने बच्चों के लिए सही चुनाव कर सकें।

वैश्विक दृष्टिकोण का समावेश

केज का कहना है कि वे बोर्ड में अपने वैश्विक अनुभव, संगीत की समझ और कहानी कहने की कला का उपयोग करेंगे। उनका लक्ष्य भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना है, जहाँ कलात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच एक स्वस्थ तालमेल हो।

मुख्य बिंदु:

  • फिल्मों में अनावश्यक सेंसरशिप के बजाय बेहतर वर्गीकरण पर ध्यान।
  • माता-पिता को सशक्त बनाना ताकि वे बच्चों के लिए सही कंटेंट चुन सकें।
  • वैश्विक सिनेमाई मानकों और भारतीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन।
  • कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना।

रिकी केज की यह नई भूमिका फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। उम्मीद है कि उनके आने से सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और तार्किकता आएगी।

मलयालम सिनेमा का जलवा: 'हाफ' ने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में रचा इतिहास

मलयालम सिनेमा का जलवा: ‘हाफ’ ने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में रचा इतिहास

Sudarshantoday ब्यूरो: मलयालम सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, फिल्म ‘हाफ’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) के प्रतिष्ठित ‘मिडनाइट मैडनेस’ सेक्शन में अपनी जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब किसी मलयालम फिल्म को इस श्रेणी में प्रदर्शित किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती धमक को दर्शाता है।

दर्शकों और समीक्षकों की मिली-जुली सराहना

फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही। फिल्म की कसी हुई पटकथा और इसके अनूठे विजुअल स्टाइल ने न केवल समीक्षकों को प्रभावित किया, बल्कि वहां मौजूद दर्शकों को भी अंत तक बांधे रखा। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और साउंड डिजाइन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमकर तारीफ हो रही है।

कलाकारों ने साझा किए अनुभव

स्क्रीनिंग के बाद आयोजित एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र (Q&A) में फिल्म के मुख्य कलाकार रंजीत सजीवन और ऐश्वर्या राज ने अपने किरदारों के साथ जुड़ी चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया।

फिल्म की सफलता पर बात करते हुए कलाकारों ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। एक मलयालम फिल्म का टोरंटो जैसे बड़े मंच पर इस तरह से सराहा जाना पूरी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।’

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मिडनाइट मैडनेस सेक्शन में शामिल होने वाली पहली मलयालम फिल्म।
  • फिल्म के एक्शन दृश्यों और साउंड डिजाइन को वैश्विक स्तर पर सराहा गया।
  • रंजीत सजीवन और ऐश्वर्या राज के अभिनय की विशेष प्रशंसा।

यह उपलब्धि न केवल फिल्म ‘हाफ’ के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह मलयालम फिल्म उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी है। वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने के बाद, अब इस फिल्म को लेकर भारत में भी उत्सुकता बढ़ गई है।

‘चुंबक’ में पारसी मां के किरदार पर दिलनाज ईरानी का खुलासा, बताया कैसे मिली भूमिका

‘चुंबक’ में पारसी मां के किरदार पर दिलनाज ईरानी का खुलासा, बताया कैसे मिली भूमिका

Sudarshantoday ब्यूरो: अभिनेत्री दिलनाज ईरानी इन दिनों नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘चुंबक’ में गुलशन तारापुरवाला की भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। एक ओवरबेयरिंग पारसी मां के रूप में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने इस किरदार को निभाने के अपने अनुभव और तैयारी के बारे में खुलकर बात की।

आतिश कपाड़िया ने खास दिलनाज के लिए लिखा किरदार

दिलनाज ने बताया कि फिल्म के निर्देशक आतिश कपाड़िया ने यह भूमिका विशेष रूप से उन्हें ध्यान में रखकर लिखी थी। अभिनेत्री ने याद करते हुए कहा कि ऑडिशन की तैयारी के लिए उन्होंने अपने ही अलमारी से पुराने कपड़े निकाले और उस लुक को अपनाया जो एक पारसी महिला के व्यक्तित्व को दर्शाता हो।

मेरे सह-कलाकार अनंत जोशी का मानना है कि इस फिल्म की शूटिंग के बाद मैं अब और भी ज्यादा ‘पारसी’ हो गई हूं। यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इसमें बनावटीपन नहीं बल्कि वास्तविकता है।

क्यों झिझक रही थीं दिलनाज?

अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि वह पहले पारसी किरदारों को निभाने से बचती थीं, क्योंकि अक्सर फिल्मों में उन्हें केवल एक ‘कैरीकेचर’ या मजाक का पात्र बनाकर पेश किया जाता था। हालांकि, ‘चुंबक’ की पटकथा ने उन्हें प्रभावित किया।

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • पारसी परिवार के जीवन को एक नई और गहरी दृष्टि से पेश किया गया है।
  • किरदार में केवल हास्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की परतें हैं।
  • फिल्म में पारसी संस्कृति की विशिष्ट आदतों को बहुत ही खूबसूरती से बुना गया है।

दिलनाज का मानना है कि ‘चुंबक’ एक ऐसी कहानी है जो समुदायों के प्रति बनी पुरानी धारणाओं को तोड़ने का काम करती है और दर्शकों को एक प्रामाणिक अनुभव प्रदान करती है।

नानी के 'चोटी' वाले बयान पर छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

नानी के ‘चोटी’ वाले बयान पर छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

Sudarshantoday ब्यूरो: अपनी आगामी फिल्म ‘द पैराडाइज’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता नानी का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। फिल्म में अपने किरदार ‘जडल’ के अनोखे लुक और लंबी चोटी को लेकर नानी ने एक ऐसा सुझाव दिया, जिसने दर्शकों और नेटिजन्स के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाओं को जन्म दे दिया है।

फिल्म प्रमोशन के दौरान का वाकया

प्रमोशन इवेंट के दौरान नानी ने न केवल अपने किरदार के लुक को फ्लॉन्ट किया, बल्कि मजाकिया अंदाज में महिलाओं को भी चोटी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बालों के रखरखाव और स्टाइलिंग को लेकर कुछ हल्की-फुल्की टिप्पणियां कीं, जिसे वहां मौजूद पत्रकारों ने काफी दिलचस्प माना। हालांकि, यह बातचीत जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों की राय बंटी हुई नजर आई।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जहाँ नानी के प्रशंसक इसे एक मजाकिया और सहज बातचीत के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ने उनके बयान को लेकर अपनी असहमति जताई है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लोग इस पर अपनी राय रख रहे हैं।

नानी ने कहा, ‘मेरा यह लुक सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक पहचान है। मुझे लगता है कि महिलाओं को भी इस तरह के पारंपरिक और सुंदर हेयरस्टाइल को अपनाना चाहिए, यह न केवल सुविधाजनक है बल्कि आकर्षक भी लगता है।’

फिल्म ‘द पैराडाइज’ के बारे में

नानी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द पैराडाइज’ को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। फिल्म के बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • फिल्म का शीर्षक: द पैराडाइज
  • रिलीज की तारीख: 24 सितंबर
  • नानी का किरदार: जडल (एक अनूठा और चुनौतीपूर्ण रोल)
  • फिल्म का जॉनर: ड्रामा और एंटरटेनमेंट

कुल मिलाकर, नानी का यह बयान फिल्म के प्रमोशन के लिए एक चर्चा का केंद्र बन गया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह विवाद फिल्म की रिलीज पर कोई असर डालता है या फिर दर्शक इसे महज एक अभिनेता की शरारत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।