यूपीआई शुल्क छूट सीमा पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- ‘अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेके’

यूपीआई शुल्क छूट सीमा पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- 'अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेके'

Sudarshantoday ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस बार मुद्दा यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर शुल्क छूट की सीमा तय करने का है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने एक बार फिर अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।

डिजिटल इंडिया के दावों पर सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की नीतियां जनहित के बजाय बाहरी दबावों से संचालित हो रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जिस यूपीआई को देश की डिजिटल क्रांति का प्रतीक बताया गया था, अब उसे सीमित करने की कोशिश की जा रही है।

सरकार का यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के बजाय उसे संकुचित करने वाला है। विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए आम भारतीय की जेब काटी जा रही है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

विवाद की जड़ क्या है?

विपक्ष का आरोप है कि यूपीआई ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाने की तैयारी या सीमा तय करना सीधे तौर पर उन बड़ी वैश्विक कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए है जो भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाना चाहती हैं। राहुल गांधी के अनुसार, यह निर्णय घरेलू डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को कमजोर करेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • यूपीआई ट्रांजेक्शन पर शुल्क की सीमा तय करने से छोटे व्यापारियों पर असर।
  • विपक्ष का दावा: सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर लिया फैसला।
  • डिजिटल भुगतान की सुगमता पर उठ रहे गंभीर सवाल।

फिलहाल, सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस के इस आक्रामक रुख ने संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि देश का एक बड़ा वर्ग अब पूरी तरह से डिजिटल भुगतान पर निर्भर हो चुका है।

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