देशभर से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत बनाने, युवाओं-महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और शिक्षा, रोजगार व सामाजिक उत्थान को लेकर किया व्यापक मंथन
उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, दिल्ली के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं वार्षिक समारोह 2026 में समाज की एकता, संगठन के विस्तार और सामाजिक विकास को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। माधव सेवा न्यास, श्री महाकालेश्वर भक्त निवास, भारत माता मंदिर के पास आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला प्रतिनिधि, युवा पदाधिकारी और समाजबंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।
अधिवेशन में समाज के वर्तमान परिदृश्य, संगठन की उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी संख्या में नहीं, बल्कि एकता, संगठनात्मक अनुशासन, आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच में निहित है। इसी भावना के साथ समाज को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू जी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता, सूत्रधार एवं समन्वयक राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुरारी गुप्ता जी ने की।
अधिवेशन में धनबाद के सांसद श्री ढूल्लू महतो जी, सिंगरौली के विधायक श्री रामनिवास शाह जी, तेलघानी बोर्ड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त श्री जितेंद्र कुमार साहू जी, पूर्व सांसद एवं संरक्षक श्री चन्दूलाल साहू जी, बड़का गाँव की पूर्व विधायक सुश्री अम्बा प्रसाद जी, झारखंड के पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साईं जी, श्री नारायण पटेल जी, श्री मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री के भाई तथा पूर्व आईएएस श्री विजय गुप्ता जी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी को समाज के लिए महत्वपूर्ण माना गया। मंच से सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाज के व्यापक हित में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा
अधिवेशन में महासंगठन के अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय महामंत्री श्री रामललित गुप्ता जी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री संजय गुप्ता जी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री हरभजन साहू जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री चन्द्रिका प्रसाद साहू जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनीतिक प्रकोष्ठ श्री अशोक राठौर जी, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन श्री त्रिवेणी प्रसाद साहू ‘लखन’ जी, राष्ट्रीय अपर महामंत्री श्री गिरीश साहू जी, श्री गोवर्धन गुप्ता जी तथा श्री विजय साहू जी, राष्ट्रीय अपर महामंत्री एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मध्यप्रदेश सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोजन को सफल बनाने में अधिवेशन सह समन्वयक एवं राष्ट्रीय युवाध्यक्ष श्री अशोक साहू जी, कार्यक्रम-सह संयोजक श्री यमन साहू जी तथा मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक साहू जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिला नेतृत्व और युवा शक्ति ने दिखाई सक्रिय भागीदारी
राष्ट्रीय अधिवेशन में महिला और युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। संगठन की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती मंजू साहू जी, पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष बहन कंचन गुप्ता जी, संचालनकर्ता एवं राष्ट्रीय महिला कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती संध्या साहू जी तथा राष्ट्रीय महिला महामंत्री श्रीमती पूनम साहू जी उपस्थित रहीं।
वक्ताओं ने समाज के विकास में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। युवाओं को सामाजिक नेतृत्व, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की बात भी सामने रखी गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. महेंद्र गुप्ता जी, श्री गौरव सेठ जी तथा कवि श्री रामकृष्ण गुप्ता जी ने भी अपनी भूमिका निभाई।
प्रगति प्रतिवेदन से लेकर भविष्य की रणनीति तक हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन और नाश्ते के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन एवं मां कर्मा की आरती, अध्यक्ष चयन, अतिथि परिचय, स्वागत तथा स्वागत उद्बोधन की प्रक्रिया संपन्न हुई।
इसके पश्चात महासंगठन की ओर से प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगठन की गतिविधियों और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी रखी गई। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और समाजहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार किया गया।
भोजन अवकाश के बाद अधिवेशन का दूसरा चरण भी महत्वपूर्ण रहा। इसमें संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने, अधिक से अधिक समाजबंधुओं को जोड़ने, सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर मंथन हुआ।
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता को प्राथमिकता देने पर जोर
अधिवेशन में वक्ताओं ने समाज की प्रगति के लिए केवल संगठन का विस्तार पर्याप्त नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि संगठन की सक्रियता का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे लोगों को एक मंच पर लाने, युवाओं को जिम्मेदारियां देने और नई पीढ़ी को समाज की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने आपसी सहयोग और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
“आओ समाज को एक करें, जीवन में कुछ नेक करें” का दिया संदेश
अधिवेशन में “आओ समाज को एक करें, जीवन में कुछ नेक करें” के संदेश को प्रमुखता से आगे बढ़ाया गया। समाजबंधुओं से व्यक्तिगत मतभेदों और छोटे-छोटे विवादों से ऊपर उठकर व्यापक समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा माने और अपनी क्षमता के अनुसार समाजहित में योगदान दे। आपसी विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संवाद को संगठन की मजबूती का आधार बताया गया।
सम्मान, संवाद और संकल्प के साथ संपन्न हुआ राष्ट्रीय आयोजन
राष्ट्रीय अधिवेशन में अतिथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों के बीच संवाद और विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पूरे आयोजन में सामाजिक जुड़ाव, संगठनात्मक चर्चा और भविष्य की कार्ययोजना का समन्वय देखने को मिला।
उज्जैन में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक वार्षिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने और आगामी दिशा पर सामूहिक विचार करने का अवसर भी बना। महाकाल की पावन नगरी से समाज की एकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देशभर तक पहुंचा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, समाजबंधुओं, महिला प्रतिनिधियों, युवा साथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिवेशन का समापन सामाजिक एकता, संगठन के विस्तार और समाज के सर्वांगीण विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।



















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