सोहना स्ट्रीटलाइट घोटाला: 8 अधिकारियों और 3 ठेकेदारों पर FIR दर्ज

सोहना स्ट्रीटलाइट घोटाला: 8 अधिकारियों और 3 ठेकेदारों पर FIR दर्ज

Sudarshantoday ब्यूरो: गुरुग्राम के सोहना में करीब एक दशक पुराने स्ट्रीटलाइट घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। 4.87 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर प्रक्रिया में धांधली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 नगर निगम अधिकारियों और 3 ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

जांच रिपोर्ट के अनुसार, सोहना में स्ट्रीटलाइट लगाने के लिए आवंटित इस परियोजना में टेंडर दरों में हेरफेर की गई थी। आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से न केवल सरकारी खजाने को चूना लगाया गया, बल्कि मानकों के विपरीत घटिया गुणवत्ता की लाइटें लगाई गईं। जांच में यह भी पाया गया कि जिन लाइटों को लगाने की मंजूरी दी गई थी, उनके स्थान पर बाजार में उपलब्ध सस्ती और अलग विनिर्देश वाली लाइटें लगा दी गईं और भुगतान पूरी कीमत पर लिया गया।

जांच में सामने आई धांधली

विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि भुगतान प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गईं। बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और बिना भौतिक सत्यापन के ही ठेकेदारों को भुगतान जारी कर दिए गए। इस मामले में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • परियोजना की कुल लागत 4.87 करोड़ रुपये थी।
  • अनुमोदित लाइटों के स्थान पर घटिया गुणवत्ता के उपकरण लगाए गए।
  • टेंडर की शर्तों को दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया।
  • दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी धन का गबन किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भ्रष्टाचार का एक गंभीर उदाहरण है। प्रारंभिक जांच में मिली साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब उन सभी फाइलों और भुगतान रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है जो उस समय के दौरान तैयार किए गए थे। इस मामले में शामिल अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए ताकि जनता के पैसे की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।

भारत के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की राह पर मलेशिया और इथियोपिया

भारत के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की राह पर मलेशिया और इथियोपिया

Sudarshantoday ब्यूरो: भारत की बढ़ती वैश्विक रक्षा साख का लोहा अब दुनिया भर के देश मान रहे हैं। इसी क्रम में मलेशिया और इथियोपिया ने भारत के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की इच्छा जताई है। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, तकनीकी हस्तांतरण और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय

हाल के दिनों में भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित रक्षा उपकरणों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाई है। मलेशिया, जो पहले से ही भारत के साथ रक्षा सहयोग में सक्रिय है, अब अपनी वायुसेना के आधुनिकीकरण के लिए भारतीय रक्षा प्रणालियों में गहरी रुचि दिखा रहा है। वहीं, इथियोपिया ने भी अफ्रीकी महाद्वीप में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत के साथ रक्षा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में साझेदारी की इच्छा व्यक्त की है।

विशेषज्ञों की राय

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि भारत का रक्षा निर्यात पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। मलेशिया और इथियोपिया जैसे देशों का भारत की ओर रुख करना यह दर्शाता है कि भारत अब केवल एक खरीदार नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय रक्षा निर्यातक के रूप में उभर रहा है।

सहयोग के प्रमुख बिंदु

  • रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देना।
  • सैन्य प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी साझा करने में सहयोग।
  • हिंद महासागर और अफ्रीकी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना।
  • तकनीकी हस्तांतरण के जरिए स्थानीय रक्षा उद्योगों को सशक्त बनाना।

भारत की विदेश नीति के केंद्र में ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करना रहा है। मलेशिया और इथियोपिया के साथ यह बढ़ता रक्षा सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में इन देशों के साथ रक्षा समझौतों के और अधिक विस्तार की संभावना है।

काइली जेनर ने अपना आलीशान हिडन हिल्स मेंशन 15.3 मिलियन डॉलर में बेचा

काइली जेनर ने अपना आलीशान हिडन हिल्स मेंशन 15.3 मिलियन डॉलर में बेचा

Sudarshantoday ब्यूरो: रियलिटी टीवी स्टार और फैशन मुगल काइली जेनर ने आखिरकार अपने आलीशान हिडन हिल्स मेंशन को बेचने का फैसला कर लिया है। खबरों के अनुसार, 13,200 वर्ग फुट में फैले इस शानदार घर को 15.3 मिलियन डॉलर में बेचा गया है। दिलचस्प बात यह है कि काइली ने इसे 20.25 मिलियन डॉलर की शुरुआती कीमत पर लिस्ट किया था, लेकिन अंततः इसे कम कीमत पर सौदा करना पड़ा।

2016 में की थी खरीदारी

काइली जेनर ने इस विशाल कैलिफोर्निया संपत्ति को साल 2016 में मात्र 19 साल की उम्र में 12.05 मिलियन डॉलर में खरीदा था। तब से यह प्रॉपर्टी उनकी रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव और अपनी बदलती प्राथमिकताओं के चलते उन्होंने इस संपत्ति से बाहर निकलने का निर्णय लिया।

प्रॉपर्टी की खासियतें

1.4 एकड़ में फैला यह एस्टेट किसी महल से कम नहीं है। इसमें सुविधाओं की लंबी फेहरिस्त है जो इसे बेहद खास बनाती है:

  • आठ आलीशान बेडरूम और आठ बाथरूम।
  • मनोरंजन के लिए एक निजी होम थिएटर।
  • बाहरी गतिविधियों के लिए एक बड़ा पूल और स्पा।
  • कई मनोरंजन क्षेत्र और विशाल गार्डन।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही काइली को उम्मीद से कम कीमत मिली हो, लेकिन 2016 की खरीद कीमत के मुकाबले यह अभी भी एक मुनाफे वाला सौदा है।

काइली जेनर का रियल एस्टेट के प्रति जुनून जगजाहिर है और वह अक्सर अपनी संपत्तियों को अपग्रेड करती रहती हैं। इस बिक्री के बाद अब फैंस की नजरें इस पर टिकी हैं कि काइली अपनी अगली निवेश योजना क्या बनाती हैं।

गौतम गंभीर की कार्यशैली को लेकर श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, कहा- मैं उनके दिमाग को बखूबी समझता हूं

गौतम गंभीर की कार्यशैली को लेकर श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, कहा- मैं उनके दिमाग को बखूबी समझता हूं

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अपने पुराने संबंधों और उनकी कार्यशैली पर खुलकर बात की है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 2024 में आईपीएल चैंपियन बनाने में इन दोनों की जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई थी, जहां अय्यर कप्तान थे और गंभीर मेंटर की भूमिका में थे।

गंभीर की आक्रामकता और स्पष्टता

श्रेयस अय्यर का मानना है कि गंभीर का आक्रामक रवैया और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत क्षमता को पहचानने का हुनर टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अय्यर ने एक साक्षात्कार में कहा कि गंभीर के साथ काम करना हमेशा से सीखने वाला अनुभव रहा है।

मैं निश्चित रूप से जानता हूं कि उनका दिमाग कैसे काम करता है। वह बहुत स्पष्ट हैं कि वह क्या चाहते हैं और खिलाड़ियों से क्या उम्मीद रखते हैं। उनकी यही स्पष्टता टीम के माहौल में एक अलग ऊर्जा भर देती है।

खिलाड़ियों के रोल पर फोकस

अय्यर ने इस बात पर जोर दिया कि गंभीर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह हर खिलाड़ी को उनका रोल बहुत बारीकी से समझाते हैं। इससे मैदान पर भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होती।

श्रेयस अय्यर के बयान के मुख्य बिंदु:

  • गंभीर की आक्रामक रणनीति टीम को जीत की मानसिकता प्रदान करती है।
  • खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत संवाद में गंभीर का कोई सानी नहीं है।
  • आईपीएल 2024 की सफलता ने दोनों के बीच के तालमेल को और मजबूत किया है।

गंभीर के साथ काम करने के अनुभव को लेकर अय्यर काफी सकारात्मक हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

सीधे अफसर बनने का रास्ता साफ! जारी हुआ इन पदों पर नोटिफिकेशन, जानिए कौन दे सकेगा परीक्षा…

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मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लिए बड़ा मौका, 73 नायब तहसीलदार पदों पर विभागीय परीक्षा
पटवारी, राजस्व निरीक्षक और लिपिक संवर्ग के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा अधिकारी बनने का अवसर; 17 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू

भोपाल। मध्य प्रदेश के राजस्व विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के जरिए अधिकारी बनने का महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। राजस्व विभाग ने सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा-2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस परीक्षा के माध्यम से विभाग में कार्यरत पात्र कर्मचारियों का चयन नायब तहसीलदार के पद पर किया जाएगा।

विभागीय परीक्षा में कुल 73 पद शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि यह भर्ती सामान्य प्रतियोगी परीक्षा की तरह सभी अभ्यर्थियों के लिए खुली नहीं है। इसमें केवल मध्य प्रदेश राजस्व विभाग के निर्धारित संवर्गों में कार्यरत और अधिसूचना में दी गई पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारी ही शामिल हो सकेंगे।

इस परीक्षा को राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए करियर में आगे बढ़ने का अहम अवसर माना जा रहा है। पात्र कर्मचारी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नति प्राप्त कर सकते हैं।

73 पदों के लिए होगी सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा

राजस्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार नायब तहसीलदार के कुल 73 पद इस विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे। पदों को अलग-अलग कर्मचारी संवर्गों के लिए निर्धारित किया गया है।

पदों का विवरण इस प्रकार है—

लिपिक वर्गीय सेवा संवर्ग – 46 पद
पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (RI) संवर्ग – 27 पद

इस तरह विभागीय कर्मचारियों के लिए अधिकारी पद तक पहुंचने का रास्ता खुला है। हालांकि, पदों पर चयन निर्धारित नियमों, पात्रता और परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

आम उम्मीदवार नहीं दे सकेंगे परीक्षा

इस परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें बाहर से कोई सामान्य उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकता। परीक्षा विशेष रूप से मध्य प्रदेश राजस्व विभाग में पहले से कार्यरत पात्र कर्मचारियों के लिए आयोजित की जा रही है।

इसलिए निजी क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति अथवा ऐसे अभ्यर्थी जो राजस्व विभाग के निर्धारित कर्मचारी संवर्ग में नहीं आते, इस परीक्षा के माध्यम से नायब तहसीलदार पद के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

17 सितंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

विभागीय परीक्षा के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

आवेदन से जुड़ी प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं—

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 17 सितंबर 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: 1 अक्टूबर 2026
आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर 2026
परीक्षा प्रारंभ होने की संभावित तिथि: 14 नवंबर 2026

अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा योजना और अन्य शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

भोपाल सहित चार शहरों में बनाए जा सकते हैं परीक्षा केंद्र

विभागीय परीक्षा के लिए प्रदेश के चार प्रमुख शहरों को परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन शामिल हैं।

परीक्षा केंद्र से संबंधित अंतिम जानकारी अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र अथवा विभाग द्वारा जारी आगामी सूचना के माध्यम से प्राप्त होगी।

पांच साल की सेवा और स्नातक की डिग्री जरूरी

परीक्षा में शामिल होने के लिए केवल राजस्व विभाग में कार्यरत होना पर्याप्त नहीं है। अभ्यर्थियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और सेवा अनुभव की शर्त भी पूरी करनी होगी।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभ्यर्थी के पास राजस्व विभाग के लिपिक, पटवारी या राजस्व निरीक्षक (RI) के रूप में कम से कम 5 वर्ष की स्थायी अथवा स्थानापन्न सेवा का अनुभव होना आवश्यक है।

इसके अलावा उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है।

किन विषयों से स्नातक होना जरूरी?

शैक्षणिक योग्यता के तहत अभ्यर्थी ने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से निम्न में से किसी विषय/क्षेत्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की होनी चाहिए—

कला (Arts)
विज्ञान (Science)
वाणिज्य (Commerce)
कृषि (Agriculture)

इसलिए पात्रता की दोनों प्रमुख शर्तों—निर्धारित सेवा अनुभव और स्नातक की शैक्षणिक योग्यता—को पूरा करने वाले कर्मचारी ही परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।

पदोन्नति के जरिए अधिकारी बनने का अवसर

नायब तहसीलदार राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों के लिए यह परीक्षा केवल पदोन्नति का अवसर नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के अगले स्तर तक पहुंचने का माध्यम भी है।

राजस्व विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे पटवारी, राजस्व निरीक्षक और लिपिक संवर्ग के पात्र कर्मचारियों के लिए यह परीक्षा अपने अनुभव और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।

पात्र कर्मचारी समय सीमा का रखें ध्यान

विभागीय परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक कर्मचारियों को आवेदन की अंतिम तारीख 1 अक्टूबर 2026 का विशेष ध्यान रखना होगा। आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर 6 अक्टूबर 2026 तक संशोधन का अवसर निर्धारित किया गया है।

संभावित रूप से परीक्षा 14 नवंबर 2026 से शुरू होगी। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, प्रवेश पत्र, केंद्र और अन्य निर्देश विभाग की ओर से समय-समय पर जारी किए जाएंगे।

नोट: पात्रता, पदों की संख्या, आरक्षण, परीक्षा प्रक्रिया और अन्य शर्तों के लिए अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा जारी मूल आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम और प्रमाणिक मानना चाहिए।

उज्जैन से उठी सामाजिक एकजुटता की नई आवाज, राष्ट्रीय अधिवेशन में तेली साहू समाज ने तय की विकास की दिशा

उज्जैन से उठी सामाजिक एकजुटता की नई आवाज, राष्ट्रीय अधिवेशन में तेली साहू समाज ने तय की विकास की दिशा

देशभर से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत बनाने, युवाओं-महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और शिक्षा, रोजगार व सामाजिक उत्थान को लेकर किया व्यापक मंथन

उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, दिल्ली के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं वार्षिक समारोह 2026 में समाज की एकता, संगठन के विस्तार और सामाजिक विकास को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। माधव सेवा न्यास, श्री महाकालेश्वर भक्त निवास, भारत माता मंदिर के पास आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला प्रतिनिधि, युवा पदाधिकारी और समाजबंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

अधिवेशन में समाज के वर्तमान परिदृश्य, संगठन की उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी संख्या में नहीं, बल्कि एकता, संगठनात्मक अनुशासन, आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच में निहित है। इसी भावना के साथ समाज को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू जी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता, सूत्रधार एवं समन्वयक राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुरारी गुप्ता जी ने की।

अधिवेशन में धनबाद के सांसद श्री ढूल्लू महतो जी, सिंगरौली के विधायक श्री रामनिवास शाह जी, तेलघानी बोर्ड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त श्री जितेंद्र कुमार साहू जी, पूर्व सांसद एवं संरक्षक श्री चन्दूलाल साहू जी, बड़का गाँव की पूर्व विधायक सुश्री अम्बा प्रसाद जी, झारखंड के पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साईं जी, श्री नारायण पटेल जी, श्री मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री के भाई तथा पूर्व आईएएस श्री विजय गुप्ता जी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी को समाज के लिए महत्वपूर्ण माना गया। मंच से सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाज के व्यापक हित में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा

अधिवेशन में महासंगठन के अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय महामंत्री श्री रामललित गुप्ता जी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री संजय गुप्ता जी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री हरभजन साहू जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री चन्द्रिका प्रसाद साहू जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनीतिक प्रकोष्ठ श्री अशोक राठौर जी, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन श्री त्रिवेणी प्रसाद साहू ‘लखन’ जी, राष्ट्रीय अपर महामंत्री श्री गिरीश साहू जी, श्री गोवर्धन गुप्ता जी तथा श्री विजय साहू जी, राष्ट्रीय अपर महामंत्री एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मध्यप्रदेश सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

आयोजन को सफल बनाने में अधिवेशन सह समन्वयक एवं राष्ट्रीय युवाध्यक्ष श्री अशोक साहू जी, कार्यक्रम-सह संयोजक श्री यमन साहू जी तथा मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक साहू जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिला नेतृत्व और युवा शक्ति ने दिखाई सक्रिय भागीदारी

राष्ट्रीय अधिवेशन में महिला और युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। संगठन की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती मंजू साहू जी, पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष बहन कंचन गुप्ता जी, संचालनकर्ता एवं राष्ट्रीय महिला कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती संध्या साहू जी तथा राष्ट्रीय महिला महामंत्री श्रीमती पूनम साहू जी उपस्थित रहीं।

वक्ताओं ने समाज के विकास में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। युवाओं को सामाजिक नेतृत्व, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की बात भी सामने रखी गई।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. महेंद्र गुप्ता जी, श्री गौरव सेठ जी तथा कवि श्री रामकृष्ण गुप्ता जी ने भी अपनी भूमिका निभाई।

प्रगति प्रतिवेदन से लेकर भविष्य की रणनीति तक हुई चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन और नाश्ते के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन एवं मां कर्मा की आरती, अध्यक्ष चयन, अतिथि परिचय, स्वागत तथा स्वागत उद्बोधन की प्रक्रिया संपन्न हुई।

इसके पश्चात महासंगठन की ओर से प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगठन की गतिविधियों और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी रखी गई। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और समाजहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार किया गया।

भोजन अवकाश के बाद अधिवेशन का दूसरा चरण भी महत्वपूर्ण रहा। इसमें संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने, अधिक से अधिक समाजबंधुओं को जोड़ने, सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर मंथन हुआ।

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता को प्राथमिकता देने पर जोर

अधिवेशन में वक्ताओं ने समाज की प्रगति के लिए केवल संगठन का विस्तार पर्याप्त नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि संगठन की सक्रियता का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

समाज के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे लोगों को एक मंच पर लाने, युवाओं को जिम्मेदारियां देने और नई पीढ़ी को समाज की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने आपसी सहयोग और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

“आओ समाज को एक करें, जीवन में कुछ नेक करें” का दिया संदेश

अधिवेशन में “आओ समाज को एक करें, जीवन में कुछ नेक करें” के संदेश को प्रमुखता से आगे बढ़ाया गया। समाजबंधुओं से व्यक्तिगत मतभेदों और छोटे-छोटे विवादों से ऊपर उठकर व्यापक समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा माने और अपनी क्षमता के अनुसार समाजहित में योगदान दे। आपसी विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संवाद को संगठन की मजबूती का आधार बताया गया।

सम्मान, संवाद और संकल्प के साथ संपन्न हुआ राष्ट्रीय आयोजन

राष्ट्रीय अधिवेशन में अतिथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों के बीच संवाद और विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पूरे आयोजन में सामाजिक जुड़ाव, संगठनात्मक चर्चा और भविष्य की कार्ययोजना का समन्वय देखने को मिला।

उज्जैन में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक वार्षिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने और आगामी दिशा पर सामूहिक विचार करने का अवसर भी बना। महाकाल की पावन नगरी से समाज की एकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देशभर तक पहुंचा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, समाजबंधुओं, महिला प्रतिनिधियों, युवा साथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिवेशन का समापन सामाजिक एकता, संगठन के विस्तार और समाज के सर्वांगीण विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत, दुनिया की आधी आबादी के नेताओं की अहम बैठक

दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत, दुनिया की आधी आबादी के नेताओं की अहम बैठक

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है। भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आएंगे। ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है, इस सम्मेलन को उभरती वैश्विक व्यवस्था और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक मंच पर दिखेंगे मोदी, जिनपिंग और पुतिन

18वें BRICS शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी तस्वीर भारत, चीन और रूस के शीर्ष नेताओं की एक साथ मौजूदगी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात और उनके बीच होने वाली बातचीत पर खास नजर रहेगी।

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय में संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, जबकि रूस वैश्विक स्तर पर लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में तीनों नेताओं का एक ही मंच पर आना अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण संदेश दे सकता है।

भारत मंडपम में होगा क्लोज्ड डोर सेशन

सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में BRICS नेताओं का क्लोज्ड डोर सेशन आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, बहुपक्षीय सहयोग, विकासशील देशों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

BRICS का विस्तार होने के बाद संगठन का वैश्विक प्रभाव और बढ़ा है। ऐसे में सम्मेलन में शामिल देशों के नेता दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी रणनीति और प्राथमिकताएं सामने रख सकते हैं।

दुनिया की आधी आबादी से जुड़े देशों के नेता एक साथ

BRICS समूह को दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसके सदस्य देशों की संयुक्त आबादी विश्व की आबादी का बहुत बड़ा हिस्सा है। यही वजह है कि दिल्ली में होने वाली इस बैठक को वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।

पीएम मोदी की मेजबानी में डिनर

शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में विशेष डिनर का भी आयोजन होगा। इस दौरान BRICS देशों के शीर्ष नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत का अवसर मिलेगा। औपचारिक बैठकों के अलावा ऐसे आयोजन नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद और द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी अहम होते हैं।

दुनिया की नजर दिल्ली पर

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक भूमिका को भी प्रदर्शित करेगा। अमेरिका और यूरोप के प्रभाव से इतर BRICS को एक वैकल्पिक वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मंच के रूप में देखा जाता है।

ऐसे में दिल्ली में मोदी, जिनपिंग और पुतिन समेत BRICS नेताओं की मौजूदगी सिर्फ एक शिखर बैठक नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति का बड़ा संकेत भी मानी जा रही है। सम्मेलन में होने वाली बैठकों, नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकातों और जारी होने वाले साझा बयानों पर दुनिया की निगाहें रहेंगी।

सोनीपत में युवक की संदिग्ध मौत के दो महीने बाद FIR दर्ज, संपत्ति विवाद पर टिकी जांच की सुई

सोनीपत में युवक की संदिग्ध मौत के दो महीने बाद FIR दर्ज, संपत्ति विवाद पर टिकी जांच की सुई

मामले का पूरा विवरण

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में करीब दो महीने बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसके पीछे संपत्ति का विवाद मुख्य कारण हो सकता है। पुलिस ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

संपत्ति विवाद और संदेह के घेरे में परिजन

sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के परिवार का दावा है कि घटना के दिन से ही कुछ लोग संपत्ति को लेकर उन पर दबाव बना रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण एफआईआर दर्ज कराने में दो महीने का लंबा समय लग गया। अब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच के मुख्य बिंदु

  • मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और आखिरी लोकेशन की जांच की जा रही है।
  • संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेकर कानूनी वैधता की पड़ताल की जा रही है।
  • घटनास्थल पर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी है।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

हिसार में H1N1 का कहर: एक और मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, 7 नए मामले दर्ज

हिसार में H1N1 का कहर: एक और मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, 7 नए मामले दर्ज

हिसार में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा

हरियाणा के हिसार जिले में H1N1 वायरस यानी स्वाइन फ्लू ने एक बार फिर से चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, जिले में स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 7 नए मामले सामने आए हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदम

बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आम जनता को भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना अनिवार्य है। समय पर इलाज मिलने से इस वायरस से बचा जा सकता है।

मुख्य बिंदु और बचाव के उपाय

  • जिले में स्वाइन फ्लू के कुल सक्रिय मामलों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
  • बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार और पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दवाओं और वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह की वापसी, टीम इंडिया की तैयारियों को मिली मजबूती

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह की वापसी, टीम इंडिया की तैयारियों को मिली मजबूती

भारतीय क्रिकेट टीम अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए अपनी कमर कस चुकी है। हालिया अभ्यास सत्र के दौरान टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पूर्ण स्क्वाड के साथ नेट प्रैक्टिस करते देखा गया, जो भारतीय टीम के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। बुमराह की मौजूदगी ने गेंदबाजी आक्रमण को नई धार दी है और टीम प्रबंधन आगामी विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर उन्हें पूरी लय में देखना चाहता है।

अभ्यास सत्र और टीम की रणनीति

टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए कड़ा अभ्यास सत्र आयोजित किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने वार्म-अप, फील्डिंग ड्रिल और लंबे नेट सत्र में हिस्सा लिया। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य कोच और सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों की फिटनेस और तकनीक पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बुमराह ने अपनी सटीक यॉर्कर और बाउंसरों से बल्लेबाजों को काफी परेशान किया, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।

इशान किशन की फिटनेस पर अपडेट

अभ्यास सत्र के दौरान एक समय भारतीय खेमे में चिंता की लहर दौड़ गई थी जब विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन फील्डिंग ड्रिल के दौरान मैदान पर गिर गए थे। हालांकि, बाद में वे बिना किसी परेशानी के चलते हुए मैदान से बाहर निकले, जिससे टीम प्रबंधन और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली। फिलहाल उनकी चोट को लेकर कोई गंभीर संकेत नहीं मिले हैं।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, टीम का मुख्य लक्ष्य अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखना और टी20 प्रारूप में नई रणनीतियों को लागू करना है।

मुख्य बिंदु और टीम की तैयारी

  • जसप्रीत बुमराह ने पूर्ण स्क्वाड के साथ गेंदबाजी का अभ्यास किया।
  • टीम ने फील्डिंग और कैचिंग प्रैक्टिस पर विशेष जोर दिया।
  • इशान किशन की चोट को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं है, वे पूरी तरह फिट नजर आए।
  • अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका है।

आगामी टी20 सीरीज न केवल अफगानिस्तान के खिलाफ एक चुनौती है, बल्कि यह टीम इंडिया के लिए उन संयोजनों को आजमाने का भी अवसर है जो भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों में काम आ सकते हैं। बुमराह की वापसी से भारतीय गेंदबाजी लाइनअप अब कहीं अधिक संतुलित और घातक दिखाई दे रही है।