बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की दस्तक, 1,065 घरों में पहुंची टीम; 6,777 लोगों की जांच

बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की दस्तक, 1,065 घरों में पहुंची टीम; 6,777 लोगों की जांच

अरुण गर्ग – ब्यूरो चीफ सुदर्शन टुडे

सतना। रामपुर बघेलान तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने सघन स्वास्थ्य सर्वेक्षण एवं उपचार अभियान चलाकर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। कलेक्टर के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला के मार्गदर्शन में टीमों ने घर-घर पहुंचकर 1,065 घरों का सर्वे और 6,777 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 436 मरीजों का उपचार किया गया तथा पेयजल को सुरक्षित रखने के लिए 62 कुओं का क्लोरीनेशन कराया गया। आशा, आशा सहयोगिनी, एएनएम, सीएचओ और सेक्टर सुपरवाइजर ने मैदानी स्तर पर सर्वे एवं स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी संभाली।
अभियान सीएचसी कोटर के प्रभारी डॉ. सर्वेश सिंह के प्रयास एवं बीएमओ डॉ. राघवेंद्र गुर्जर की निगरानी में संचालित किया गया। स्वास्थ्य टीमों ने गढ़वा खुर्द, खम्हा, घुँचिहाई, रहुँटा, मालगांव, कोरीगवा, खमहरिया, करमाऊ, बैरिहा, रामनगर, मटियाटोला, बर्दाडीह और जनार्दनपुर सहित प्रभावित गांवों में पहुंचकर उपचार, दवा एवं स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया। सर्वेक्षण में कोई गंभीर बीमारी या महामारी जैसी स्थिति सामने नहीं आई। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी जारी रखते हुए जरूरत के अनुसार तत्काल उपचार एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सड़कों पर बैठे मवेशियों पर नपा की कार्रवाई, पशुपालकों को भी चेतावनी

सड़कों पर बैठे मवेशियों पर नपा की कार्रवाई, पशुपालकों को भी चेतावनी

सुदर्शन टुडे, नितीश श्रीवास्तव, जिला ब्यूरो

विदिशा। गंजबासौदा नगर की मुख्य सड़कों और गलियों में खुलेआम घूम रहे बेसहारा मवेशियों की समस्या को लेकर लगातार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा था। सड़कों पर बैठे और घूमते मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लगातार प्रकाशित खबरों और नागरिकों की परेशानी को देखते हुए आखिरकार नगर पालिका प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई शुरू कर दी। नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर गुरुवार को नपा अमले ने काऊ कैचर वाहन के माध्यम से नगर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाया। अभियान के दौरान जयस्तंभ चौक, स्टेशन रोड, बरेठ रोड, गल्ला मंडी, एसडीएम कार्यालय के सामने तथा पुरानी अनाज मंडी सहित अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। इस दौरान दो दर्जन से अधिक मवेशियों को पकड़कर नजदीकी गौशाला भेजा गया।
नगर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में मवेशियों के बैठे रहने और घूमने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी अंधेरे के कारण वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मवेशी भी घायल हो जाते हैं।लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नगर की सड़कों को बेसहारा मवेशियों से मुक्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद नपा अमले ने काऊ कैचर के साथ अभियान शुरू किया। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि बेसहारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
नगर पालिका ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को खुले में सड़कों पर न छोड़ें। ऐसा पाए जाने पर संबंधित पशुपालक के विरुद्ध जुर्माना लगाने के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार नगर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाए रखना प्राथमिकता है तथा नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम आगे भी उठाए जाएंगे। कार्रवाई के बाद नगरवासियों ने राहत की सांस ली और नगर पालिका के इस कदम की सराहना की।

MP के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ई-अटेंडेंस पर DPI ने लिया ये फैसला

MP के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ई-अटेंडेंस पर DPI ने लिया ये फैसला

आयुक्त ने बैठक में कहा कि ई अटेंडेंस नहीं लगाने पर अब सैलरी नहीं कटेगी

भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अब ई अटेंडेंस न लगाने पर सैलरी नहीं कटेगी। तकनीकी समस्या की वजह से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने को अनुपस्थिति का आधार नहीं माना जाएगा। हालांकि ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य रहेगा।

प्रदेश में ई अटेंडेंस 98 से 99 फीसदी तक पहुंच गई है। लेकिन ई-अटेंडेंस के दौरान कई जगह नेटवर्क की समस्या, लॉगिन की परेशानी, एप में तकनीकी खामी, लोकेशन संबंधी गड़बड़ी या फिर अन्य तकनीकी वजह से स्कूल में मौजूद रहने के बावजूद ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही थी। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी में कटौती हो रही थी। इसे देखते हुए बड़ा निर्णय लिया गया है।
डीपीआई आयुक्त ने बैठक में कहा कि ई अटेंडेंस नहीं लगाने पर अब सैलरी नहीं कटेगी। किसी भी कारण से अगर सैलरी रोक गई है तो उसके बारे में बताया जाए। ई अटेंडेंस किसी कारण से नहीं लगी तो संकुल प्राचार्य पर उस पर फैसला लेंगे। निर्देश के बाद जिला स्तर पर आदेश जारी हुआ। आपको बता दें कि शिक्षक संगठन लगातार ई अटेंडेंस के चलते कटने वाली सैलरी को लेकर विरोध कर रहे थे।