पंजाब में पुलिस-गैंगस्टर गठजोड़ का आरोप: सुखजिंदर सिंह रंधावा ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

पंजाब में पुलिस-गैंगस्टर गठजोड़ का आरोप: सुखजिंदर सिंह रंधावा ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

पंजाब की राजनीति में हलचल: रंधावा का बड़ा दावा

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस और गैंगस्टरों के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है। रंधावा ने मांग की है कि राज्य के उन पुलिस अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की जाए, जिनके तार संदिग्ध अपराधियों से जुड़े होने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पुलिस महकमे की सफाई नहीं होगी, तब तक राज्य में अपराध पर लगाम लगाना असंभव है।

मामले का पूरा विवरण और रंधावा की मांग

sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, रंधावा ने कहा कि पिछले कुछ समय में राज्य में गैंगस्टरों का मनोबल बढ़ा है, जिसके पीछे कहीं न कहीं सिस्टम के भीतर बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का हाथ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए जो पुलिस अधिकारियों और गैंगस्टरों के बीच हुए संचार की कड़ी को खंगाले।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाना चाहती है, तो उसे सबसे पहले पुलिस विभाग के भीतर मौजूद काली भेड़ों की पहचान करनी होगी।

मुख्य बिंदु और संभावित प्रभाव

  • पुलिस अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की मांग।
  • गैंगस्टर-पुलिस गठजोड़ से राज्य की सुरक्षा को खतरा।
  • स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा मामले की निगरानी का आग्रह।
  • राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद तीखी प्रतिक्रिया।

रंधावा के इन आरोपों ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। बहरहाल, जनता की सुरक्षा के लिहाज से यह मुद्दा बेहद संवेदनशील बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और अधिक राजनीतिक दबाव देखने को मिल सकता है।

पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस बिना सीएम चेहरे के मैदान में उतरेगी, सचिन पायलट ने किया स्पष्ट

पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस बिना सीएम चेहरे के मैदान में उतरेगी, सचिन पायलट ने किया स्पष्ट

पंजाब चुनाव में कांग्रेस की रणनीति

आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि पार्टी पंजाब में किसी एक चेहरे को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ेगी। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पायलट का यह बयान पार्टी की सामूहिक नेतृत्व की रणनीति को दर्शाता है।

सामूहिक नेतृत्व पर जोर

सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हमेशा से यह मानना रहा है कि चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़े जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में पार्टी के पास कई सक्षम नेता हैं और चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में ही मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह रणनीति पार्टी को आंतरिक गुटबाजी से बचाने और सभी नेताओं को एकजुट रखने के लिए अपनाई जा रही है।

सचिन पायलट ने कहा, कांग्रेस पार्टी की परंपरा रही है कि हम सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ते हैं और पंजाब में भी हम इसी मॉडल के साथ आगे बढ़ेंगे, जहां जनता का फैसला सर्वोपरि होगा।

मुख्य बिंदु और चुनावी प्रभाव

  • पार्टी किसी एक व्यक्ति के बजाय संगठन की मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • यह निर्णय पार्टी के भीतर के विभिन्न धड़ों को साधने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
  • विपक्ष इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहा है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इसे अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया बता रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए एक जोखिम भरा कदम हो सकता है, विशेष रूप से तब जब विपक्षी दल पहले ही अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों को लेकर मुखर हैं। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि सामूहिक नेतृत्व से ही पंजाब में सत्ता विरोधी लहर को कम किया जा सकता है और पार्टी को फिर से मजबूती मिल सकती है।

9/11 के 25 साल: कैसे बदली हवाई सुरक्षा की तस्वीर और TSA का सफर

9/11 के 25 साल: कैसे बदली हवाई सुरक्षा की तस्वीर और TSA का सफर

9/11 की त्रासदी और सुरक्षा का नया युग

11 सितंबर 2001 की वह काली सुबह अमेरिकी इतिहास ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुई। लगभग 3,000 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले उस भयावह आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर जो सवाल खड़े हुए, उन्होंने विमानन सुरक्षा के पूरे ढांचे को बदलने पर मजबूर कर दिया। इसी आवश्यकता के परिणामस्वरूप ‘ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन’ (TSA) का जन्म हुआ।

TSA का गठन और बदलाव

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 19 नवंबर, 2001 को ‘एविएशन एंड ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एक्ट’ पर हस्ताक्षर कर TSA की नींव रखी। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डों की सुरक्षा को निजी कंपनियों के हाथों से निकालकर सरकारी नियंत्रण में लाना था। इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था बिखरी हुई थी, लेकिन TSA ने एक केंद्रीकृत और सख्त निगरानी प्रणाली को जन्म दिया।

सुरक्षा में आए प्रमुख बदलाव

  • निजी सुरक्षा फर्मों की जगह संघीय अधिकारियों की तैनाती।
  • यात्रियों की गहन जांच और आधुनिक स्क्रीनिंग तकनीक का उपयोग।
  • कॉकपिट के दरवाजों को सुरक्षित करना और उड़ान के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव।
  • खुफिया जानकारी साझा करने के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में TSA ने न केवल अपनी तकनीक को उन्नत किया है, बल्कि बदलते वैश्विक खतरों के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली में भी लगातार सुधार किया है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

निष्कर्ष

आज 25 साल बाद, TSA हवाई यात्रियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है। हालांकि, तकनीक के साथ-साथ चुनौतियां भी बढ़ रही हैं, लेकिन 9/11 के बाद से सुरक्षा को लेकर जो सतर्कता अपनाई गई है, उसने विमानन क्षेत्र को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाया है। यह सफर सुरक्षा और सतर्कता के बीच के संतुलन को बनाए रखने का एक निरंतर प्रयास है।

आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल: भगवंत मान के OSD की एंट्री, मंत्री अरोड़ा बाहर

आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल: भगवंत मान के OSD की एंट्री, मंत्री अरोड़ा बाहर

आम आदमी पार्टी की संगठनात्मक संरचना में बड़ा बदलाव

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एक महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD (विशेष कार्य अधिकारी) को पार्टी की महत्वपूर्ण राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) में शामिल किया गया है, जबकि पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को इस सूची से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय पार्टी की भविष्य की रणनीतियों और पंजाब में नेतृत्व के समीकरणों को देखते हुए लिया गया है।

राजनीतिक मामलों की समिति में भगवंत मान का कद बढ़ा

पार्टी द्वारा जारी नई सूची में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) का स्थायी सदस्य बनाना है। यह कदम दर्शाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के भीतर पंजाब इकाई का प्रभाव और अधिक मजबूत हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों और पार्टी के विस्तार को देखते हुए मान को अधिक अधिकार दिए गए हैं।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, पार्टी के इस आंतरिक फेरबदल को पंजाब में संगठन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री की भूमिका अब और भी निर्णायक हो गई है।

बदलाव के मुख्य बिंदु

  • पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को PAC का स्थायी सदस्य बनाया गया।
  • मुख्यमंत्री के OSD को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर किया गया।
  • पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए यह रणनीतिक निर्णय लिया है।

पार्टी के इस कदम से पंजाब की राजनीति में नए कयास लगाए जा रहे हैं। जहां एक ओर मुख्यमंत्री के करीबी लोगों का प्रभाव बढ़ा है, वहीं वरिष्ठ नेताओं का बाहर होना पार्टी के भीतर आंतरिक संतुलन को फिर से परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव का असर पंजाब सरकार और पार्टी के कामकाज पर किस तरह पड़ता है।

13 साल की फरारी खत्म: अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ वांटेड अपराधी

13 साल की फरारी खत्म: अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ वांटेड अपराधी

देश की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पिछले 13 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंककर अमेरिका में छिपे बैठे एक वांछित अपराधी को आखिरकार भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। जैसे ही आरोपी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कदम रखा, वहां पहले से मुस्तैद सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।

मामले का पूरा विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने विदेश का रुख किया था। भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल के साथ समन्वय स्थापित कर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने आरोपी के वीजा और दस्तावेजों की जांच के बाद उसे डिपोर्ट करने का फैसला लिया, जिसके बाद उसे सीधे भारत भेजा गया।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • आरोपी पिछले 13 वर्षों से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था।
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
  • आरोपी पर हत्या, जबरन वसूली और गंभीर आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं।
  • IGI एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती सुरक्षा पकड़ और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से उन अन्य अपराधियों में भी डर पैदा होगा जो देश छोड़कर विदेश में शरण लिए हुए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क और उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने उसे विदेश भागने और वहां रहने में मदद की थी।

GST विभाग के ETO और CA को ACB ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

GST विभाग के ETO और CA को ACB ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए GST विभाग के एक एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर (ETO) और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उक्त अधिकारी और बिचौलिया मिलकर टैक्स संबंधी मामलों को निपटाने के एवज में अवैध वसूली कर रहे थे।

मामले का पूरा विवरण

sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ACB को दी अपनी शिकायत में बताया था कि GST विभाग का ETO उसके लंबित टैक्स मामलों को सुलझाने के बदले भारी-भरकम राशि की मांग कर रहा था। इस काम में एक निजी CA भी शामिल था, जो बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। ACB ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • ACB ने ETO और CA को 3 लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा।
  • आरोपी टैक्स संबंधी फाइलों को क्लीयर करने के नाम पर अवैध धन की मांग कर रहे थे।
  • भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
  • विभाग में हड़कंप, अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी हो रही है जांच।

इस गिरफ्तारी के बाद GST विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।

बड़ा खुलासा: हथियारों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, दो एके-47 राइफल के साथ तीन गिरफ्तार

बड़ा खुलासा: हथियारों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, दो एके-47 राइफल के साथ तीन गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों को मिली बड़ी कामयाबी

देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस और खुफिया विभाग को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब आरोपियों के पास से दो अत्याधुनिक एके-47 राइफलें और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। यह गिरोह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों से अवैध हथियारों की तस्करी कर देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई कर रहा था। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने जाल बिछाकर इन तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा।

मामले का पूरा विवरण

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये हथियार पड़ोसी देशों की सीमा के रास्ते तस्करी करके लाए गए थे। तस्करों का यह नेटवर्क संगठित अपराधों में लिप्त रहा है और इनका मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देना था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इस नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी एक बड़े आतंकी साजिश को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो एके-47 राइफलें और 50 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
  • यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई चेन चला रहा था।
  • पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
  • सुरक्षा एजेंसियों ने देश भर में हथियारों की अवैध तस्करी पर नकेल कसने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

इस गिरफ्तारी के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां और भी सतर्क हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि हथियारों के इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर छापेमारी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

दीनदयाल मंडल के पदाधिकारियों ने सांसद गणेश सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत

दीनदयाल मंडल के पदाधिकारियों ने सांसद गणेश सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत

मुकेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ सतना

सुदर्शन टुडेसतना सतना। लोकसभा सांसद श्री गणेश सिंह जी को लोकसभा की अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति का पुनः चेयरमैन बनाए जाने पर दीनदयाल मंडल के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर दीनदयाल मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित गणेश गुप्ता, रश्मि सैनी, विमल नामदेव, लीला बर्मन, राकेश राकेश सोनी, डोला भैया, जितेन गुप्ता, शिवेंद्र सिंह एवं महेंद्र सिंह हेमंत पांडेय नरेन्द जयसवाल बलराम प्रजापति सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने कहा कि श्री गणेश सिंह को महत्वपूर्ण संसदीय समिति की पुनः जिम्मेदारी मिलना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सांसद श्री सिंह अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए पिछड़ा वर्ग के कल्याण एवं हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

बकानी में 50.50 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण

बकानी में 50.50 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण

पंचायत भवन और कालाजी महाराज वाली पुलिया का विधायक मोहन शर्मा ने किया लोकार्पण, उमरी हाईस्कूल भवन भी जनता को किया समर्पित

सुदर्शन टुडे रिपोर्टर ओमप्रकाश राठौर बोड़ा
बोड़ा। ग्राम पंचायत बकानी में ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक मोहन शर्मा के कर-कमलों से विधिवत किया गया। इस अवसर पर नवनिर्मित पंचायत भवन एवं कालाजी महाराज वाली पुलिया को ग्रामीणों को समर्पित किया गया। वहीं ग्राम उमरी में 1 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से निर्मित हाई स्कूल भवन का भी लोकार्पण किया गया। एक ही कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र को करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिलने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा।

ग्राम पंचायत बकानी में 37 लाख 50 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। पंचायत भवन की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत बकानी रही है। नए भवन के निर्माण से ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी सहूलियत होगी। ग्रामीणों को अब पंचायत स्तर की विभिन्न सेवाओं और योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत क्षेत्र में कालाजी महाराज वाली पुलिया का निर्माण 13 लाख रुपए की लागत से पूर्ण कराया गया है। इसका निर्माण भी ग्राम पंचायत बकानी को निर्माण एजेंसी बनाकर कराया गया। पुलिया निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन में सुविधा होगी। बारिश के दौरान रास्ते में पानी भरने और आवागमन बाधित होने की समस्या से भी ग्रामीणों को राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों के लिए यह पुलिया लंबे समय से आवश्यक विकास कार्यों में शामिल थी।

50.50 लाख के कार्य जनता को समर्पित

पंचायत भवन और कालाजी महाराज वाली पुलिया की कुल निर्माण लागत 50 लाख 50 हजार रुपए है। दोनों विकास कार्य पूर्ण होने के बाद विधायक मोहन शर्मा ने इनका लोकार्पण कर ग्रामीणों को समर्पित किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत का आभार व्यक्त किया।

उमरी में 1.39 करोड़ की लागत से बने हाईस्कूल भवन का भी लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान ग्राम उमरी में 1 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से निर्मित हाई स्कूल भवन का भी लोकार्पण किया गया। नवीन भवन मिलने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होने की उम्मीद है। विद्यालय भवन में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के साथ अध्ययन-अध्यापन का बेहतर माहौल तैयार होगा। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विकास कार्य को क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को मिल रही गति

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक मोहन शर्मा ने क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। पंचायत भवन, पुलिया और स्कूल भवन जैसे विकास कार्य सीधे तौर पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों की जरूरतों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ग्राम पंचायत बकानी के सरपंच लक्ष्मी बाई जगदीश सिंह राजपूत ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। पंचायत भवन बनने से ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी, वहीं पुलिया निर्माण से आवागमन की समस्या दूर होगी। उन्होंने विकास कार्यों के लोकार्पण के लिए विधायक मोहन शर्मा एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

भाजपा पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. प्रताप सिंह राजपूत, भाजपा मंडल अध्यक्ष सरजन सिंह राजपूत, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राधेश्याम राजपूत, जिला मंत्री सत्येंद्र सिंह राठौड़, बोड़ा मंडल प्रभारी दिनेश दांगी, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष चंद्र रुहेला, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि करण जायसवाल, मंडल प्रभारी दिनेश दांगी,किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कुमेर सिंह राजपूत, मंडल महामंत्री चंपाराम नायक, पूर्व मंडल अध्यक्ष शिवसिंह सिसोदिया, कुरावर मंडल अध्यक्ष डॉ. दिनेश मंडलोई, नरेंद्र बना, पूर्व किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कमल सिंह गाथला, सरपंच राधेश्याम राजपूत गागर, झाड़पीपलिया सरपंच शिवपाल सिंह राजपूत, सुमेर राजपूत, सरपंच राम सिंह सोनगरा,पूर्व सरपंच गजराज सिंह, एल्डरमैन रमेश पुष्पद, ओम राजपूत बकानी,भाजपा नेता इंद्रर सिंह राजपूत, दौलत राम शर्मा, झागरिया सरपंच पप्पू जी,सरपंच भागीरथ,मेहताब सिंह राजपूत थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत,जेई रामकृपाल मिश्रा,शैतान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन भाजपा नेता एवं चूमली सरपंच जगदीश सिंह राजपूत , राधेश्याम राजपूत गागर ने किया। कार्यक्रम के अंत में बकानी रिटायर्ड शिक्षक मेहताब सिंह राजपूत ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। क्षेत्र में एक साथ पंचायत भवन, पुलिया एवं हाईस्कूल भवन जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

स्वामित्व अधिकार अभिलेख की निःशुल्क रजिस्ट्री के लिए ई-केवाईसी और खसरा लिंकिंग अनिवार्य

स्वामित्व अधिकार अभिलेख की निःशुल्क रजिस्ट्री के लिए ई-केवाईसी और खसरा लिंकिंग अनिवार्य

17 सितंबर से एमपी ई-सेवा ऐप के माध्यम से कर सकेंगे रजिस्ट्री के लिए आवेदन

सुदर्शन टुडे ओमप्रकाश राठौर बोड़ा

बोड़ा। नायब तहसीलदार मोतीलाल पंथी ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ योजना लागू की गई है। योजना का लाभ केवल उन नागरिकों को मिलेगा, जिन्हें स्वामित्व योजना के सर्वे के अंतर्गत अपने आबादी भूखंड का स्वामित्व अधिकार अभिलेख (मालिकाना दस्तावेज) प्राप्त हो चुका है। शासन द्वारा ऐसे अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए सभी संबंधित भूखंड धारकों को तत्काल MP Bhulekh मोबाइल ऐप पर जाकर Samagra e-KYC एवं Land Linking (समग्र ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग) की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। जो भूखंड स्वामी स्वयं यह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने संबंधित हल्के के पटवारी से संपर्क कर उनके माध्यम से ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करा सकते हैं।

नायब तहसीलदार ने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 17 सितंबर 2026 से संबंधित भूखंड स्वामी अपनी रजिस्ट्री के लिए MPeSeva (एमपी ई-सेवा) मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकेंगे। वहीं, जो नागरिक स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपनी समग्र आईडी, आधार कार्ड एवं आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ संबंधित हल्का पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने के लिए समय रहते अपने स्वामित्व अधिकार अभिलेख प्राप्त आबादी भूखंडों की समग्र ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग अनिवार्य रूप से पूरी करवा लें। निर्धारित समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले पात्र भूखंड स्वामी निःशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा से वंचित हो सकते हैं।