Sudarshantoday ब्यूरो: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि पूर्व एयर मार्शल आरकेएस मिश्रा ने मंदिर के सीईओ पद के लिए आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ दिया था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन खबरों को निराधार और भ्रामक करार दिया है।
क्या था पूरा मामला?
हाल ही में कुछ मीडिया संस्थानों में यह खबर चली थी कि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान पूर्व एयर मार्शल आरकेएस मिश्रा ने प्रक्रिया को अधूरा छोड़ दिया था। इस दावे के बाद से ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
ट्रस्ट का आधिकारिक रुख
ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निर्धारित नियमों के तहत संचालित की गई है। ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा है कि साक्षात्कार प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या किसी उम्मीदवार द्वारा प्रक्रिया छोड़ने की घटना नहीं हुई है।
ट्रस्ट के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया अपनी गरिमा और नियमों के अनुरूप चल रही है। पूर्व एयर मार्शल आरकेएस मिश्रा के साक्षात्कार छोड़ने की खबरें पूरी तरह से असत्य हैं। हम ऐसी आधारहीन अटकलों का खंडन करते हैं।’
प्रमुख बिंदु
- ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया।
- पूर्व एयर मार्शल आरकेएस मिश्रा के साक्षात्कार छोड़ने की खबर को ट्रस्ट ने सिरे से नकारा।
- ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में कोई भी विवाद नहीं हुआ है।
- भ्रामक खबरों से बचने के लिए ट्रस्ट ने आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।
अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन के लिए एक सक्षम सीईओ की नियुक्ति ट्रस्ट की प्राथमिकता है। ट्रस्ट ने कहा है कि नियुक्ति से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी समय आने पर सार्वजनिक की जाएगी।

















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