150 टन प्रतिदिन होगी उत्पादन क्षमता, एशिया-यूरोप समुद्री मार्ग पर चलने वाले जहाजों को मिलेगा ईंधन
गांधीनगर/कांडला। भारत के ग्रीन शिपिंग और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी में देश के पहले पोर्ट-बेस्ड E-Methanol प्लांट की आधारशिला रखी गई है। परियोजना पर करीब ₹2,300 करोड़ का निवेश किया जाएगा। प्लांट की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 150 टन प्रतिदिन होगी।
जहाजों के लिए तैयार होगा ग्रीन फ्यूल
इस प्लांट में नवीकरणीय ऊर्जा, पानी और बायोजेनिक कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल कर E-Methanol तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले जहाजों के लिए कम-कार्बन वाला वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना है। परियोजना से एशिया-यूरोप इंटरनेशनल ट्रेड कॉरिडोर पर चलने वाले जहाजों को ईंधन उपलब्ध कराने की योजना है।
दीनदयाल पोर्ट और असम पेट्रो-केमिकल्स की साझेदारी
यह परियोजना दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और Assam Petro-Chemicals Ltd (APCL) की संयुक्त पहल है। जनवरी 2026 में दोनों के बीच 150 TPD E-Methanol प्लांट के लिए समझौता हुआ था। उस समय परियोजना के पहले चरण के लिए ₹1,200 करोड़ के निवेश की जानकारी दी गई थी।
दो चरणों में बढ़ेगी क्षमता
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहले चरण में 50 टन प्रतिदिन क्षमता के लिए करीब ₹1,200 करोड़ और दूसरे चरण में अतिरिक्त 100 टन प्रतिदिन क्षमता के लिए करीब ₹1,100 करोड़ निवेश प्रस्तावित है। इस तरह कुल क्षमता 150 टन प्रतिदिन और कुल निवेश ₹2,300 करोड़ होगा।
3,500 से ज्यादा रोजगार के अवसर
परियोजना से परिवहन, स्टोरेज, सप्लाई और अन्य सहायक गतिविधियों के साथ ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इससे 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
कांडला पहले से तैयार कर रहा ग्रीन शिपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
कांडला पोर्ट पर अप्रैल 2026 में shore-to-ship methanol bunkering का ट्रायल भी किया जा चुका है। पोर्ट का लक्ष्य 2028-29 तक लगभग 500 KTPA RFNBO-compliant E-Methanol की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना है।















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