CBFC में रिकी केज की एंट्री: 'बच्चों को बचाने का मतलब वयस्कों की फिल्मों को बदलना नहीं'

CBFC में रिकी केज की एंट्री: ‘बच्चों को बचाने का मतलब वयस्कों की फिल्मों को बदलना नहीं’

Sudarshantoday ब्यूरो: ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज ने हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पुनर्गठित पैनल में अपनी नियुक्ति को एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया है। केज का मानना है कि सेंसरशिप का मतलब रचनात्मकता को दबाना नहीं, बल्कि दर्शकों को सही जानकारी देना है।

आयु-आधारित प्रमाणन पर जोर

रिकी केज ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता फिल्मों में अनावश्यक कटौती करने के बजाय ‘आयु-आधारित प्रमाणन’ (Age-based certification) को अधिक प्रभावी बनाना है। उनका तर्क है कि यदि कोई फिल्म वयस्कों के लिए बनी है, तो उसे उसी रूप में रहने देना चाहिए, बशर्ते दर्शकों को पहले से चेतावनी दी गई हो।

बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम वयस्कों के लिए बनाई गई परिपक्व सिनेमा को ‘सैनिटाइज’ करना शुरू कर दें। हमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है ताकि माता-पिता अपने बच्चों के लिए सही चुनाव कर सकें।

वैश्विक दृष्टिकोण का समावेश

केज का कहना है कि वे बोर्ड में अपने वैश्विक अनुभव, संगीत की समझ और कहानी कहने की कला का उपयोग करेंगे। उनका लक्ष्य भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना है, जहाँ कलात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच एक स्वस्थ तालमेल हो।

मुख्य बिंदु:

  • फिल्मों में अनावश्यक सेंसरशिप के बजाय बेहतर वर्गीकरण पर ध्यान।
  • माता-पिता को सशक्त बनाना ताकि वे बच्चों के लिए सही कंटेंट चुन सकें।
  • वैश्विक सिनेमाई मानकों और भारतीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन।
  • कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना।

रिकी केज की यह नई भूमिका फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। उम्मीद है कि उनके आने से सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और तार्किकता आएगी।

मलयालम सिनेमा का जलवा: 'हाफ' ने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में रचा इतिहास

मलयालम सिनेमा का जलवा: ‘हाफ’ ने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में रचा इतिहास

Sudarshantoday ब्यूरो: मलयालम सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, फिल्म ‘हाफ’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) के प्रतिष्ठित ‘मिडनाइट मैडनेस’ सेक्शन में अपनी जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब किसी मलयालम फिल्म को इस श्रेणी में प्रदर्शित किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती धमक को दर्शाता है।

दर्शकों और समीक्षकों की मिली-जुली सराहना

फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही। फिल्म की कसी हुई पटकथा और इसके अनूठे विजुअल स्टाइल ने न केवल समीक्षकों को प्रभावित किया, बल्कि वहां मौजूद दर्शकों को भी अंत तक बांधे रखा। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और साउंड डिजाइन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमकर तारीफ हो रही है।

कलाकारों ने साझा किए अनुभव

स्क्रीनिंग के बाद आयोजित एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र (Q&A) में फिल्म के मुख्य कलाकार रंजीत सजीवन और ऐश्वर्या राज ने अपने किरदारों के साथ जुड़ी चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया।

फिल्म की सफलता पर बात करते हुए कलाकारों ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। एक मलयालम फिल्म का टोरंटो जैसे बड़े मंच पर इस तरह से सराहा जाना पूरी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।’

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मिडनाइट मैडनेस सेक्शन में शामिल होने वाली पहली मलयालम फिल्म।
  • फिल्म के एक्शन दृश्यों और साउंड डिजाइन को वैश्विक स्तर पर सराहा गया।
  • रंजीत सजीवन और ऐश्वर्या राज के अभिनय की विशेष प्रशंसा।

यह उपलब्धि न केवल फिल्म ‘हाफ’ के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह मलयालम फिल्म उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी है। वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने के बाद, अब इस फिल्म को लेकर भारत में भी उत्सुकता बढ़ गई है।

‘चुंबक’ में पारसी मां के किरदार पर दिलनाज ईरानी का खुलासा, बताया कैसे मिली भूमिका

‘चुंबक’ में पारसी मां के किरदार पर दिलनाज ईरानी का खुलासा, बताया कैसे मिली भूमिका

Sudarshantoday ब्यूरो: अभिनेत्री दिलनाज ईरानी इन दिनों नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘चुंबक’ में गुलशन तारापुरवाला की भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। एक ओवरबेयरिंग पारसी मां के रूप में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने इस किरदार को निभाने के अपने अनुभव और तैयारी के बारे में खुलकर बात की।

आतिश कपाड़िया ने खास दिलनाज के लिए लिखा किरदार

दिलनाज ने बताया कि फिल्म के निर्देशक आतिश कपाड़िया ने यह भूमिका विशेष रूप से उन्हें ध्यान में रखकर लिखी थी। अभिनेत्री ने याद करते हुए कहा कि ऑडिशन की तैयारी के लिए उन्होंने अपने ही अलमारी से पुराने कपड़े निकाले और उस लुक को अपनाया जो एक पारसी महिला के व्यक्तित्व को दर्शाता हो।

मेरे सह-कलाकार अनंत जोशी का मानना है कि इस फिल्म की शूटिंग के बाद मैं अब और भी ज्यादा ‘पारसी’ हो गई हूं। यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इसमें बनावटीपन नहीं बल्कि वास्तविकता है।

क्यों झिझक रही थीं दिलनाज?

अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि वह पहले पारसी किरदारों को निभाने से बचती थीं, क्योंकि अक्सर फिल्मों में उन्हें केवल एक ‘कैरीकेचर’ या मजाक का पात्र बनाकर पेश किया जाता था। हालांकि, ‘चुंबक’ की पटकथा ने उन्हें प्रभावित किया।

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • पारसी परिवार के जीवन को एक नई और गहरी दृष्टि से पेश किया गया है।
  • किरदार में केवल हास्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की परतें हैं।
  • फिल्म में पारसी संस्कृति की विशिष्ट आदतों को बहुत ही खूबसूरती से बुना गया है।

दिलनाज का मानना है कि ‘चुंबक’ एक ऐसी कहानी है जो समुदायों के प्रति बनी पुरानी धारणाओं को तोड़ने का काम करती है और दर्शकों को एक प्रामाणिक अनुभव प्रदान करती है।

नानी के 'चोटी' वाले बयान पर छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

नानी के ‘चोटी’ वाले बयान पर छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

Sudarshantoday ब्यूरो: अपनी आगामी फिल्म ‘द पैराडाइज’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता नानी का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। फिल्म में अपने किरदार ‘जडल’ के अनोखे लुक और लंबी चोटी को लेकर नानी ने एक ऐसा सुझाव दिया, जिसने दर्शकों और नेटिजन्स के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाओं को जन्म दे दिया है।

फिल्म प्रमोशन के दौरान का वाकया

प्रमोशन इवेंट के दौरान नानी ने न केवल अपने किरदार के लुक को फ्लॉन्ट किया, बल्कि मजाकिया अंदाज में महिलाओं को भी चोटी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बालों के रखरखाव और स्टाइलिंग को लेकर कुछ हल्की-फुल्की टिप्पणियां कीं, जिसे वहां मौजूद पत्रकारों ने काफी दिलचस्प माना। हालांकि, यह बातचीत जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों की राय बंटी हुई नजर आई।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जहाँ नानी के प्रशंसक इसे एक मजाकिया और सहज बातचीत के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ने उनके बयान को लेकर अपनी असहमति जताई है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लोग इस पर अपनी राय रख रहे हैं।

नानी ने कहा, ‘मेरा यह लुक सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक पहचान है। मुझे लगता है कि महिलाओं को भी इस तरह के पारंपरिक और सुंदर हेयरस्टाइल को अपनाना चाहिए, यह न केवल सुविधाजनक है बल्कि आकर्षक भी लगता है।’

फिल्म ‘द पैराडाइज’ के बारे में

नानी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द पैराडाइज’ को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। फिल्म के बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • फिल्म का शीर्षक: द पैराडाइज
  • रिलीज की तारीख: 24 सितंबर
  • नानी का किरदार: जडल (एक अनूठा और चुनौतीपूर्ण रोल)
  • फिल्म का जॉनर: ड्रामा और एंटरटेनमेंट

कुल मिलाकर, नानी का यह बयान फिल्म के प्रमोशन के लिए एक चर्चा का केंद्र बन गया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह विवाद फिल्म की रिलीज पर कोई असर डालता है या फिर दर्शक इसे महज एक अभिनेता की शरारत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

राधिका आप्टे का बड़ा बयान: '12 घंटे की शिफ्ट के बाद भी घर का काम महिलाओं की नियति क्यों?'

राधिका आप्टे का बड़ा बयान: ’12 घंटे की शिफ्ट के बाद भी घर का काम महिलाओं की नियति क्यों?’

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री राधिका आप्टे ने हाल ही में महिलाओं के जीवन में संतुलन और उनके व्यक्तिगत समय को लेकर एक गंभीर चर्चा छेड़ दी है। ‘लस्ट स्टोरीज 3’ के संदर्भ में एक साक्षात्कार के दौरान, राधिका ने उस कड़वे सच को उजागर किया है जिसे अक्सर समाज अनदेखा कर देता है। उन्होंने कहा कि एक महिला जब 12 घंटे की कठिन शिफ्ट के बाद घर लौटती है, तो भी उसे आराम नहीं मिलता, बल्कि वह सीधे रसोई में खाना बनाने के काम में जुट जाती है।

मातृत्व ही पहचान नहीं

राधिका ने इस बात पर जोर दिया कि मातृत्व किसी भी महिला की एकमात्र पहचान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज ने महिलाओं पर घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी का ऐसा बोझ डाल दिया है कि उनके पास खुद के लिए ‘जीरो टाइम’ बचता है।

महिलाओं को यह समझने की जरूरत है कि वे केवल एक मां या पत्नी नहीं हैं। जब तक घर की जिम्मेदारियों को साझा नहीं किया जाएगा, तब तक महिलाएं अपनी इच्छाओं और सपनों को पूरा करने के लिए समय नहीं निकाल पाएंगी।

घरेलू काम का असमान बोझ

अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक पुरुष और महिलाएं घर के कामों को बराबरी से साझा नहीं करेंगे, तब तक यह असंतुलन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जो कि एक चिंताजनक स्थिति है।

मुख्य बिंदु:

  • महिलाओं पर घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी का बोझ।
  • मातृत्व को महिला की संपूर्ण पहचान बनाने की मानसिकता पर प्रहार।
  • घरेलू कार्यों में समान भागीदारी की सख्त जरूरत।
  • महिलाओं के लिए व्यक्तिगत समय और आत्म-विकास की वकालत।
फ्रैंकी मुनिज़ ने साझा किया अपना दर्द, बताया पिछले छह हफ्तों को 'बुरा सपना'

फ्रैंकी मुनिज़ ने साझा किया अपना दर्द, बताया पिछले छह हफ्तों को ‘बुरा सपना’

Sudarshantoday ब्यूरो: हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता फ्रैंकी मुनिज़ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया है। अभिनेता ने पिछले छह हफ्तों को अपने जीवन का सबसे कठिन दौर बताते हुए इसे एक ‘बुरा सपना’ करार दिया है। मुनिज़ ने अपनी इस मानसिक और भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में खुलकर बात की है।

संघर्ष से आत्म-चिंतन तक का सफर

फ्रैंकी मुनिज़ ने अपने पोस्ट में बताया कि कैसे यह चुनौतीपूर्ण समय उनके लिए आत्म-चिंतन का एक माध्यम बन गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जीवन के इस निचले स्तर (rock bottom) पर पहुंचना वास्तव में उनके लिए व्यक्तिगत विकास की एक नई शुरुआत साबित होगा। अभिनेता का मानना है कि कठिन समय ही इंसान को खुद को बेहतर तरीके से समझने का मौका देता है।

पेज प्राइस का रहस्यमयी पोस्ट

इस बीच, फ्रैंकी मुनिज़ की अलग हो चुकी पत्नी पेज प्राइस ने भी सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा किया है। उन्होंने मुश्किल समय में ‘नजरिए’ (perspective) की शक्ति पर जोर दिया है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर फ्रैंकी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस पोस्ट को अभिनेता के हालिया खुलासे से जोड़कर देखा जा रहा है।

  • फ्रैंकी मुनिज़ ने पिछले छह हफ्तों को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया।
  • अभिनेता का मानना है कि यह दौर उन्हें नई सीख दे रहा है।
  • पेज प्राइस ने कठिन समय में सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की बात कही।

मुनिज़ ने कहा, ‘कभी-कभी आपको सबसे निचले स्तर पर पहुंचना पड़ता है ताकि आप फिर से ऊपर उठने की ताकत जुटा सकें।’

फैंस अभिनेता के इस साहसी कदम की सराहना कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है। मुनिज़ के इस खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सेलिब्रिटी लाइफ के पीछे भी कई अनकहे संघर्ष छिपे होते हैं।

अनु अग्रवाल का खुलासा: देव आनंद की फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ था गंभीर हादसा, करियर पर लगा पूर्णविराम

अनु अग्रवाल का खुलासा: देव आनंद की फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ था गंभीर हादसा, करियर पर लगा पूर्णविराम

Sudarshantoday ब्यूरो: ‘आशिकी’ फेम अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने अपने अभिनय करियर के एक अनकहे और दर्दनाक अध्याय का खुलासा किया है। अभिनेत्री ने याद करते हुए बताया कि कैसे दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक देव आनंद की फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें एक गंभीर दुर्घटना का सामना करना पड़ा था, जिसने उनके फिल्मी सफर की दिशा ही बदल दी।

शूटिंग के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

अनु अग्रवाल ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वे एक कार पर फिसल गईं, जिससे उन्हें ‘कॉक्सीक्स’ (रीढ़ की हड्डी का निचला हिस्सा) में फ्रैक्चर हो गया। यह चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए सामान्य रूप से चलना-फिरना भी दूभर हो गया था। उस समय का मंजर याद करते हुए उन्होंने कहा कि शारीरिक दर्द के साथ-साथ मानसिक तनाव भी काफी बढ़ गया था।

जब आर्थिक तंगी ने रोकी फिल्म

अभिनेत्री ने आगे बताया कि चोट के बाद मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब फिल्म निर्माण के दौरान आर्थिक संकट पैदा हो गया। फंड की कमी के कारण फिल्म की शूटिंग अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई। इस घटना ने उन्हें एक चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया था।

दुर्घटना के बाद जब फिल्म का काम रुक गया, तो मेरे पास अपने जीवन को नई दिशा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उस समय मैंने फ्रांस में एक आध्यात्मिक रिट्रीट की योजना पहले ही बना ली थी, जो मेरे जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।

करियर का अंत और आध्यात्मिक सफर

इस हादसे और फिल्म के बंद होने के बाद, अनु अग्रवाल ने अभिनय की दुनिया से दूरी बनाने का फैसला किया। उन्होंने इसे एक संकेत माना और अपने आध्यात्मिक सफर की ओर कदम बढ़ा दिए। उनके लिए यह केवल एक चोट नहीं थी, बल्कि एक अध्याय का अंत था जिसने उन्हें ग्लैमर की दुनिया से दूर शांति की तलाश में भेज दिया।

मुख्य बिंदु:

  • देव आनंद की फिल्म की शूटिंग के दौरान अनु अग्रवाल को कॉक्सीक्स फ्रैक्चर हुआ।
  • कार पर फिसलने के कारण अभिनेत्री को गंभीर चोट आई थी।
  • फंड की कमी के कारण फिल्म का निर्माण बीच में ही रुक गया।
  • इस घटना के बाद अनु अग्रवाल ने अभिनय करियर को अलविदा कह दिया।
बॉक्स ऑफिस पर 'मंदादी' की दहाड़: 9वें दिन कमाई का आंकड़ा पहुंचा 60 करोड़ के पार

बॉक्स ऑफिस पर ‘मंदादी’ की दहाड़: 9वें दिन कमाई का आंकड़ा पहुंचा 60 करोड़ के पार

Sudarshantoday ब्यूरो: अभिनेता सूरी की फिल्म ‘मंदादी’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। रिलीज के नौवें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। इस आंकड़े के साथ ही फिल्म ने भारत में कुल 60.80 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है।

लगातार बढ़ रही है दर्शकों की संख्या

फिल्म ‘मंदादी’ की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे शुक्रवार को भी इसकी कमाई में उछाल देखा गया। फिल्म के तमिल वर्जन ने कुल कमाई में सबसे बड़ा योगदान दिया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि जिस तरह से फिल्म को माउथ पब्लिसिटी मिल रही है, उससे आने वाले वीकेंड में इसके कलेक्शन में और भी बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी तेजी

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का जलवा बरकरार है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ‘मंदादी’ ने अब तक दुनिया भर में 84.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की यह रफ्तार इसे जल्द ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल करने की ओर ले जा रही है।

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन: 60.80 करोड़ रुपये
  • 9वें दिन की कमाई: 3.50 करोड़ रुपये
  • वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: 84.75 करोड़ रुपये
  • तमिल वर्जन का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा

फिल्म की सफलता यह साबित करती है कि एक मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के दम पर कोई भी फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब हो सकती है। सूरी का अभिनय इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बनकर उभरा है।

वहीं, दूसरी ओर दर्शकों की नजरें अब कार्थी की आगामी फिल्म ‘सरदार 2’ पर भी टिकी हैं। फिलहाल, ‘मंदादी’ जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर दौड़ रही है, उसने आने वाली फिल्मों के लिए एक बेंचमार्क सेट कर दिया है।

World War Z 2: ब्रैड पिट की धमाकेदार वापसी, जॉम्बी थ्रिलर के लिए तैयार हुए सुपरस्टार

World War Z 2: ब्रैड पिट की धमाकेदार वापसी, जॉम्बी थ्रिलर के लिए तैयार हुए सुपरस्टार

Sudarshantoday ब्यूरो: हॉलीवुड के सुपरस्टार ब्रैड पिट एक बार फिर अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वर्ल्ड वॉर जेड 2’ (World War Z 2) के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी इस जॉम्बी थ्रिलर को लेकर अब पैरामाउंट पिक्चर्स ने आधिकारिक तौर पर काम तेज कर दिया है, जिससे प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

एडवर्ड बर्गर संभालेंगे निर्देशन की कमान

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खबर यह है कि फिल्म के निर्देशन के लिए एडवर्ड बर्गर को चुना गया है। बर्गर और ब्रैड पिट का यह सहयोग फिल्म को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की उम्मीद जगाता है। पटकथा लिखने की जिम्मेदारी डेनिस केली को सौंपी गई है, जो इस थ्रिलर को और भी अधिक रोमांचक बनाने के लिए तैयार हैं।

फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें

  • ब्रैड पिट मुख्य भूमिका में अपनी वापसी करेंगे।
  • एडवर्ड बर्गर फिल्म का निर्देशन करेंगे।
  • डेनिस केली पटकथा लेखन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • पैरामाउंट पिक्चर्स ने इसे अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है।

फिल्म के निर्माण को लेकर सूत्र बताते हैं कि ब्रैड पिट, डेड गार्डनर और जेरेमी क्लीनर इस प्रोजेक्ट को प्रोड्यूस करेंगे, जबकि एडवर्ड बर्गर कार्यकारी निर्माता के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

लंबे समय तक इस फिल्म के निर्माण में देरी हुई, लेकिन अब स्टूडियो इसे एक बड़े बजट और हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट के रूप में देख रहा है। फैंस को उम्मीद है कि यह सीक्वल पहले भाग की तुलना में अधिक डरावना और एक्शन से भरपूर होगा। फिलहाल, फिल्म की रिलीज डेट और अन्य कास्टिंग के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार है।

रणबीर-आलिया ने धूमधाम से किया बप्पा का विसर्जन, नन्ही राहा को कैमरे से रखा दूर

रणबीर-आलिया ने धूमधाम से किया बप्पा का विसर्जन, नन्ही राहा को कैमरे से रखा दूर

Sudarshantoday ब्यूरो: मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कपूर परिवार ने भी बप्पा को भावभीनी विदाई दी। अभिनेता रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और नीतू कपूर ने मिलकर गणपति विसर्जन की रस्मों को निभाया। इस दौरान पूरा परिवार भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

परंपरा और सादगी का संगम

विसर्जन के दौरान रणबीर कपूर पारंपरिक कुर्ते में नजर आए। उन्होंने नंगे पैर बप्पा की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और पूरे सम्मान के साथ विसर्जन स्थल तक ले गए। उनके साथ आलिया भट्ट भी बेहद सादगी भरे एथनिक लुक में दिखाई दीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

राहा की सुरक्षा को लेकर सतर्क दिखा परिवार

इस खास मौके पर कपूर परिवार की नन्ही सदस्य राहा भी मौजूद थीं। हालांकि, पैपराजी की नजरों से अपनी बेटी को बचाने के लिए रणबीर और आलिया ने पूरी सावधानी बरती। उन्होंने राहा के चेहरे को कैमरे से छिपाकर रखा, ताकि उनकी निजता बनी रहे।

यह पहली बार नहीं है जब कपूर परिवार ने अपनी बेटी की सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता दी है। रणबीर और आलिया अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में राहा को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने की कोशिश करते हैं।

विसर्जन की मुख्य बातें

  • रणबीर कपूर ने पूरी श्रद्धा के साथ बप्पा की प्रतिमा को विसर्जित किया।
  • आलिया भट्ट और नीतू कपूर पारंपरिक अंदाज में पूजा-अर्चना करती दिखीं।
  • ढोल की थाप पर कपूर परिवार ने बप्पा को विदाई दी।
  • राहा की प्राइवेसी का खास ख्याल रखा गया।

कपूर परिवार की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां प्रशंसक उनके सादगी भरे अंदाज और बप्पा के प्रति उनकी अटूट आस्था की सराहना कर रहे हैं।