बॉक्स ऑफिस पर 'मंदादी' की दहाड़: 9वें दिन कमाई का आंकड़ा पहुंचा 60 करोड़ के पार

बॉक्स ऑफिस पर ‘मंदादी’ की दहाड़: 9वें दिन कमाई का आंकड़ा पहुंचा 60 करोड़ के पार

Sudarshantoday ब्यूरो: अभिनेता सूरी की फिल्म ‘मंदादी’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। रिलीज के नौवें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। इस आंकड़े के साथ ही फिल्म ने भारत में कुल 60.80 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है।

लगातार बढ़ रही है दर्शकों की संख्या

फिल्म ‘मंदादी’ की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे शुक्रवार को भी इसकी कमाई में उछाल देखा गया। फिल्म के तमिल वर्जन ने कुल कमाई में सबसे बड़ा योगदान दिया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि जिस तरह से फिल्म को माउथ पब्लिसिटी मिल रही है, उससे आने वाले वीकेंड में इसके कलेक्शन में और भी बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी तेजी

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का जलवा बरकरार है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ‘मंदादी’ ने अब तक दुनिया भर में 84.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की यह रफ्तार इसे जल्द ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल करने की ओर ले जा रही है।

फिल्म की मुख्य विशेषताएं

  • फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन: 60.80 करोड़ रुपये
  • 9वें दिन की कमाई: 3.50 करोड़ रुपये
  • वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: 84.75 करोड़ रुपये
  • तमिल वर्जन का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा

फिल्म की सफलता यह साबित करती है कि एक मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के दम पर कोई भी फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब हो सकती है। सूरी का अभिनय इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बनकर उभरा है।

वहीं, दूसरी ओर दर्शकों की नजरें अब कार्थी की आगामी फिल्म ‘सरदार 2’ पर भी टिकी हैं। फिलहाल, ‘मंदादी’ जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर दौड़ रही है, उसने आने वाली फिल्मों के लिए एक बेंचमार्क सेट कर दिया है।

यूएई राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात, मध्य-पूर्व में शांति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

यूएई राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात, मध्य-पूर्व में शांति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

Sudarshantoday ब्यूरो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता हुई है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने न केवल द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया, बल्कि मौजूदा मध्य-पूर्व की अस्थिर स्थिति और वहां शांति बहाली के प्रयासों पर भी गहन चर्चा की।

रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता

भारत और यूएई के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में एक नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं। पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। बातचीत के दौरान मध्य-पूर्व में जारी तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक समाधानों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना और संवाद के माध्यम से विवादों को सुलझाना अनिवार्य है।

प्रमुख बिंदु

  • दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।
  • मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा हुई।
  • आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर संवाद जारी रखने का निर्णय लिया गया।

कूटनीतिक महत्व

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। भारत, जो मध्य-पूर्व के देशों के साथ अपने ऐतिहासिक और आर्थिक संबंधों को लेकर प्रतिबद्ध है, इस क्षेत्र में शांति का समर्थक रहा है। यूएई के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की यह बातचीत भारत की सक्रिय कूटनीति को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य न केवल अपने हितों की रक्षा करना है, बल्कि वैश्विक शांति में भी योगदान देना है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: 'दोष की धारणा' का मतलब यह नहीं कि अभियोजन पक्ष का हर दावा सच है

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: ‘दोष की धारणा’ का मतलब यह नहीं कि अभियोजन पक्ष का हर दावा सच है

Sudarshantoday ब्यूरो: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी के खिलाफ ‘दोष की धारणा’ (Presumption of guilt) होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई कहानी को ‘अंतिम सत्य’ या ‘गॉस्पेल ट्रुथ’ मान लिया जाए। शीर्ष अदालत ने आपराधिक न्याय प्रणाली में साक्ष्य की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्य का महत्व

न्यायमूर्ति की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कानून की नजर में अभियोजन पक्ष को अपने मामले को संदेह से परे साबित करना होता है। अदालत ने कहा कि जब तक अभियोजन पक्ष ठोस सबूतों के साथ अपने दावे को पुष्ट नहीं करता, तब तक केवल अनुमानों के आधार पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को छीना नहीं जा सकता।

न्यायालय ने कहा, ‘अभियोजन पक्ष की कहानी को बिना किसी ठोस आधार के गॉस्पेल ट्रुथ नहीं माना जा सकता। साक्ष्यों का परीक्षण करना और उनकी विश्वसनीयता की जांच करना अदालत का प्राथमिक कर्तव्य है।’

मामले के मुख्य बिंदु

  • अभियोजन पक्ष पर सबूतों का बोझ: अभियोजन को हर हाल में अपने आरोपों को साबित करना होगा।
  • संदेह का लाभ: यदि साक्ष्यों में विरोधाभास है, तो उसका लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।
  • न्यायिक निष्पक्षता: अदालतें केवल अनुमानों पर नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती हैं।

न्यायिक दृष्टिकोण में बदलाव

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी उन मामलों में बेहद अहम है जहां अक्सर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मुकदमे चलाए जाते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कानून की प्रक्रिया में ‘सत्य’ की खोज साक्ष्यों के आईने में होनी चाहिए, न कि केवल अभियोजन पक्ष के आरोपों के आधार पर। यह फैसला निचली अदालतों के लिए एक दिशा-निर्देश के रूप में कार्य करेगा ताकि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो।

World War Z 2: ब्रैड पिट की धमाकेदार वापसी, जॉम्बी थ्रिलर के लिए तैयार हुए सुपरस्टार

World War Z 2: ब्रैड पिट की धमाकेदार वापसी, जॉम्बी थ्रिलर के लिए तैयार हुए सुपरस्टार

Sudarshantoday ब्यूरो: हॉलीवुड के सुपरस्टार ब्रैड पिट एक बार फिर अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वर्ल्ड वॉर जेड 2’ (World War Z 2) के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी इस जॉम्बी थ्रिलर को लेकर अब पैरामाउंट पिक्चर्स ने आधिकारिक तौर पर काम तेज कर दिया है, जिससे प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

एडवर्ड बर्गर संभालेंगे निर्देशन की कमान

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खबर यह है कि फिल्म के निर्देशन के लिए एडवर्ड बर्गर को चुना गया है। बर्गर और ब्रैड पिट का यह सहयोग फिल्म को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की उम्मीद जगाता है। पटकथा लिखने की जिम्मेदारी डेनिस केली को सौंपी गई है, जो इस थ्रिलर को और भी अधिक रोमांचक बनाने के लिए तैयार हैं।

फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें

  • ब्रैड पिट मुख्य भूमिका में अपनी वापसी करेंगे।
  • एडवर्ड बर्गर फिल्म का निर्देशन करेंगे।
  • डेनिस केली पटकथा लेखन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • पैरामाउंट पिक्चर्स ने इसे अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है।

फिल्म के निर्माण को लेकर सूत्र बताते हैं कि ब्रैड पिट, डेड गार्डनर और जेरेमी क्लीनर इस प्रोजेक्ट को प्रोड्यूस करेंगे, जबकि एडवर्ड बर्गर कार्यकारी निर्माता के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

लंबे समय तक इस फिल्म के निर्माण में देरी हुई, लेकिन अब स्टूडियो इसे एक बड़े बजट और हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट के रूप में देख रहा है। फैंस को उम्मीद है कि यह सीक्वल पहले भाग की तुलना में अधिक डरावना और एक्शन से भरपूर होगा। फिलहाल, फिल्म की रिलीज डेट और अन्य कास्टिंग के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार है।

गुरुग्राम में बच्चों की सुरक्षा पर आयोग सख्त: स्कूल से लेकर जेल तक का औचक निरीक्षण

गुरुग्राम में बच्चों की सुरक्षा पर आयोग सख्त: स्कूल से लेकर जेल तक का औचक निरीक्षण

Sudarshantoday ब्यूरो: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को गुरुग्राम में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। आयोग की चेयरपर्सन ने शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों का दौरा किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पॉक्सो (POCSO) एक्ट के अनुपालन और असुरक्षित वातावरण में रह रहे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

स्कूलों में पॉक्सो जागरूकता पर जोर

निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने स्थानीय स्कूलों का दौरा किया। यहाँ स्कूल प्रबंधन के साथ एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। चेयरपर्सन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रशासन को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और स्टाफ के पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए।

रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का जायजा

आयोग की टीम ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया, जहाँ अक्सर लावारिस या भटके हुए बच्चे देखे जाते हैं। यहाँ बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और उनके पुनर्वास के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद, टीम ने भोंडसी जेल का रुख किया। यहाँ उन बच्चों की स्थिति का आकलन किया गया जो अपनी माताओं के साथ जेल में रहने को मजबूर हैं।

बाल सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में पले-बढ़े, चाहे वह स्कूल में हो या किसी अन्य सरकारी संस्थान में।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु

  • स्कूलों में पॉक्सो एक्ट के तहत सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच।
  • रेलवे स्टेशन पर बच्चों के लिए हेल्प डेस्क और सुरक्षा सुविधाओं का आकलन।
  • भोंडसी जेल में माताओं के साथ रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति की समीक्षा।
  • संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा खामियों को तुरंत दूर करने के निर्देश।

आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि बाल अधिकारों का हनन न हो और बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जा सके।

रणबीर-आलिया ने धूमधाम से किया बप्पा का विसर्जन, नन्ही राहा को कैमरे से रखा दूर

रणबीर-आलिया ने धूमधाम से किया बप्पा का विसर्जन, नन्ही राहा को कैमरे से रखा दूर

Sudarshantoday ब्यूरो: मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कपूर परिवार ने भी बप्पा को भावभीनी विदाई दी। अभिनेता रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और नीतू कपूर ने मिलकर गणपति विसर्जन की रस्मों को निभाया। इस दौरान पूरा परिवार भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

परंपरा और सादगी का संगम

विसर्जन के दौरान रणबीर कपूर पारंपरिक कुर्ते में नजर आए। उन्होंने नंगे पैर बप्पा की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और पूरे सम्मान के साथ विसर्जन स्थल तक ले गए। उनके साथ आलिया भट्ट भी बेहद सादगी भरे एथनिक लुक में दिखाई दीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

राहा की सुरक्षा को लेकर सतर्क दिखा परिवार

इस खास मौके पर कपूर परिवार की नन्ही सदस्य राहा भी मौजूद थीं। हालांकि, पैपराजी की नजरों से अपनी बेटी को बचाने के लिए रणबीर और आलिया ने पूरी सावधानी बरती। उन्होंने राहा के चेहरे को कैमरे से छिपाकर रखा, ताकि उनकी निजता बनी रहे।

यह पहली बार नहीं है जब कपूर परिवार ने अपनी बेटी की सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता दी है। रणबीर और आलिया अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में राहा को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने की कोशिश करते हैं।

विसर्जन की मुख्य बातें

  • रणबीर कपूर ने पूरी श्रद्धा के साथ बप्पा की प्रतिमा को विसर्जित किया।
  • आलिया भट्ट और नीतू कपूर पारंपरिक अंदाज में पूजा-अर्चना करती दिखीं।
  • ढोल की थाप पर कपूर परिवार ने बप्पा को विदाई दी।
  • राहा की प्राइवेसी का खास ख्याल रखा गया।

कपूर परिवार की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां प्रशंसक उनके सादगी भरे अंदाज और बप्पा के प्रति उनकी अटूट आस्था की सराहना कर रहे हैं।

MP Petrol Pump UPI Rule: मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के पेट्रोल-डीजल बिल पर UPI बंद, जानिए क्या है वजह

MP Petrol Pump UPI Rule: मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के पेट्रोल-डीजल बिल पर UPI बंद, जानिए क्या है वजह

मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पेट्रोल-डीजल बिल पर UPI Payment स्वीकार नहीं करने का फैसला। जानिए MDR Charge, Cash Payment और ग्राहकों पर असर।

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल भरवाने वाले वाहन चालकों के लिए Payment System में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने फैसला किया है कि 16 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पेट्रोल-डीजल बिल का भुगतान UPI के जरिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे ग्राहकों को ₹2,000 से अधिक के बिल के लिए Cash Payment का विकल्प अपनाना पड़ सकता है।

16 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
एसोसिएशन के फैसले के अनुसार, ₹2,000 तक के Fuel Bill पर UPI Payment जारी रहेगा, लेकिन यदि पेट्रोल या डीजल का बिल ₹2,000 से अधिक होता है तो पेट्रोल पंप पर UPI से भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह व्यवस्था प्रदेश के करीब 4,700 Petrol Pumps पर लागू होने की बात कही गई है।

इसका सीधा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जो लंबी दूरी के सफर, ट्रांसपोर्ट, कमर्शियल वाहनों या अन्य बड़े वाहनों में एक बार में ₹2,000 से अधिक का पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं।
क्यों लिया गया फैसला? MDR बना मुख्य कारण
पेट्रोल पंप डीलर्स का कहना है कि ₹2,000 से अधिक के UPI Merchant Transactions पर MDR यानी Merchant Discount Rate लागू होने से पेट्रोल पंप संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, नए MDR Framework में ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI Merchant Transactions पर सामान्य तौर पर शुल्क का प्रावधान किया गया है, जबकि Fuel Transactions के लिए अलग शुल्क संरचना बताई गई है।

डीलर्स का तर्क है कि पेट्रोल-डीजल कारोबार में मार्जिन सीमित रहता है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ेगी और इसका असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा।
ग्राहकों को कितना करना होगा भुगतान?
महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से अलग से वसूलने वाला सामान्य UPI Charge नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार MDR का भुगतान Merchant यानी कारोबारी पक्ष से संबंधित है और ग्राहकों से सीधे यह शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।

यही वजह है कि पेट्रोल पंप डीलर्स अपने ऊपर आने वाले अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए ₹2,000 से ज्यादा के UPI Payment को स्वीकार नहीं करने का रास्ता अपना रहे हैं।
वाहन चालकों के लिए क्या बदलेगा?
16 अक्टूबर से यदि किसी ग्राहक का पेट्रोल या डीजल का बिल:
₹2,000 तक है — UPI Payment जारी रहने की बात कही गई है।
₹2,000 से अधिक है — UPI Payment स्वीकार नहीं करने का फैसला है।
बड़े Fuel Bills के लिए — ग्राहकों को Cash Payment रखना पड़ सकता है।
इसलिए लंबी दूरी के सफर या कमर्शियल वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए पेट्रोल पंप पर निकलने से पहले पर्याप्त नकदी रखना उपयोगी होगा।

Digital India और UPI पर बहस

पेट्रोल पंप डीलर्स के इस फैसले ने Digital Payment, UPI और Merchant Charges को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। UPI पिछले वर्षों में देश में डिजिटल पेमेंट का प्रमुख माध्यम बना है। ऐसे में बड़े Fuel Transactions में UPI Payment सीमित होने से Cash Transactions बढ़ने की संभावना पर चर्चा हो रही है।

व्यापारी संगठनों ने भी MDR व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। Confederation of All India Traders (CAIT) ने मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों के इस फैसले को लेकर चिंता व्यक्त की है और पेट्रोल-डीजल बिक्री को MDR से अलग रखने की मांग का समर्थन किया है।

अभी क्या करें पेट्रोल-डीजल ग्राहक?

अगर आप मध्य प्रदेश में रहते हैं और नियमित रूप से पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं, तो 16 अक्टूबर 2026 के बाद ₹2,000 से अधिक के Fuel Bill के लिए Cash रखने की तैयारी रखें। हालांकि, नियम लागू होने से पहले संबंधित संस्थाओं या सरकार की ओर से कोई नया फैसला या स्पष्टीकरण आता है तो व्यवस्था में बदलाव संभव है।

बीसीसीआई के 100 साल: भारतीय क्रिकेट बोर्ड मनाएगा भव्य शताब्दी समारोह, साल भर चलेंगे वैश्विक कार्यक्रम

बीसीसीआई के 100 साल: भारतीय क्रिकेट बोर्ड मनाएगा भव्य शताब्दी समारोह, साल भर चलेंगे वैश्विक कार्यक्रम

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अपने गौरवशाली इतिहास के 100 साल पूरे करने की दहलीज पर है। साल 2028 में बीसीसीआई अपनी स्थापना की शताब्दी मनाएगा, जिसे यादगार बनाने के लिए बोर्ड ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी।

दिसंबर 2027 से शुरू होगा जश्न का दौर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई का यह शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 में शुरू होगा और पूरे वर्ष 2028 तक जारी रहेगा। बोर्ड का लक्ष्य इस दौरान न केवल भारतीय क्रिकेट की उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है, बल्कि खेल के भविष्य को लेकर भी एक नई दृष्टि पेश करना है।

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘100 साल का सफर भारतीय क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर है। हम इसे केवल एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि एक उत्सव के रूप में मनाना चाहते हैं जो दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को जोड़ेगा।’

क्या होंगे मुख्य आकर्षण?

शताब्दी समारोहों के दौरान कई तरह के वैश्विक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें क्रिकेट के दिग्गजों का सम्मान, ऐतिहासिक मैचों का पुनरावलोकन और खेल के विकास पर केंद्रित सेमिनार शामिल हो सकते हैं।

  • दिसंबर 2027 से 2028 के अंत तक भव्य आयोजनों की श्रृंखला।
  • वैश्विक क्रिकेट हस्तियों और पूर्व खिलाड़ियों की भागीदारी।
  • भारतीय क्रिकेट के विकास को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी और डिजिटल कैंपेन।
  • खेल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल।

बीसीसीआई की यह पहल न केवल भारतीय क्रिकेट की साख को और मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर बीसीसीआई के प्रभाव को भी रेखांकित करेगी। बोर्ड जल्द ही इस समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा करेगा, जो इन कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने का काम करेंगे।

पंजाब सरकार की तीर्थ यात्रा योजना: 5.10 लाख से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

पंजाब सरकार की तीर्थ यात्रा योजना: 5.10 लाख से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

Sudarshantoday ब्यूरो: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना ने राज्य के लाखों बुजुर्गों और श्रद्धालुओं के जीवन में नई खुशियां भर दी हैं। राज्य के कैबिनेट मंत्री ने हाल ही में जानकारी दी कि अब तक 5.10 लाख से अधिक लोग इस सरकारी योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिससे वे देश के विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करने में सफल रहे हैं।

योजना का उद्देश्य और पहुंच

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराना है, जो अपनी इच्छा के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण धार्मिक स्थलों तक नहीं पहुंच पाते थे। सरकार द्वारा विशेष ट्रेनों और बसों की व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा प्रदान की जा रही है।

सरकार का लक्ष्य हर उस व्यक्ति तक पहुंचना है जो आस्था के केंद्रों के दर्शन करना चाहता है। 5.10 लाख का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना धरातल पर कितनी प्रभावी ढंग से काम कर रही है।

प्रमुख बिंदु और उपलब्धियां

  • अब तक 5.10 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने योजना का लाभ लिया।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा के दौरान विशेष चिकित्सा और सुरक्षा प्रबंध।
  • देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को योजना के दायरे में शामिल किया गया।
  • पारदर्शी पंजीकरण प्रक्रिया के जरिए लाभार्थियों का चयन।

भविष्य की योजनाएं

मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इस योजना का विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें। सरकार का प्रयास है कि यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें ठहरने से लेकर भोजन तक की सर्वोत्तम सुविधाएं मिलें। यह पहल न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है, बल्कि सामाजिक कल्याण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

स्पैम कॉल्स पर TRAI का कड़ा प्रहार: रोबोकॉल्स और प्री-रिकॉर्डेड मैसेज पर होगी सख्त कार्रवाई

स्पैम कॉल्स पर TRAI का कड़ा प्रहार: रोबोकॉल्स और प्री-रिकॉर्डेड मैसेज पर होगी सख्त कार्रवाई

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश में लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल्स और अनचाहे संदेशों की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। नियामक ने अब रोबोकॉल्स और प्री-रिकॉर्डेड संदेशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे ऐसी गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगाएं।

स्पैमर्स पर नकेल की तैयारी

TRAI के नए आदेश के अनुसार, अब कोई भी अनधिकृत इकाई या कंपनी बिना अनुमति के प्री-रिकॉर्डेड संदेशों या रोबोकॉल्स का उपयोग नहीं कर सकेगी। नियामक ने स्पष्ट किया है कि जो भी कंपनियां इन नियमों का उल्लंघन करेंगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी सेवाओं को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

TRAI का मानना है कि नागरिकों की निजता का सम्मान सर्वोपरि है। स्पैम कॉल्स न केवल एक परेशानी हैं, बल्कि ये साइबर धोखाधड़ी का एक बड़ा जरिया भी बनती जा रही हैं। हम एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्य बिंदु और नियम

  • अनधिकृत रोबोकॉल्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध।
  • प्री-रिकॉर्डेड संदेश भेजने वाली संस्थाओं का सख्त सत्यापन।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर दूरसंचार सेवाओं का निलंबन।
  • उपभोक्ताओं के लिए स्पैम रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाना।

उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

इस कदम से आम नागरिकों को उन परेशान करने वाली कॉल्स से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर दिन के किसी भी समय परेशान करती हैं। TRAI का यह फैसला न केवल स्पैम को कम करेगा, बल्कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में भी कमी लाएगा। नियामक ने दूरसंचार ऑपरेटरों को अपनी तकनीक को अपग्रेड करने का भी निर्देश दिया है ताकि स्पैम कॉल्स को नेटवर्क स्तर पर ही पहचाना और ब्लॉक किया जा सके।