गुड़गांव हिट-एंड-रन: महिला बाइकर का 2 किमी तक पीछा कर मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

गुड़गांव हिट-एंड-रन: महिला बाइकर का 2 किमी तक पीछा कर मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

Sudarshantoday ब्यूरो: गुड़गांव की गोल्फ कोर्स रोड पर हाल ही में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला बाइकर को दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने आरोपी कल्याण सिंह बैंसला को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक क्लब से लौटने के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया।

घटना का विवरण: दो किलोमीटर का खौफनाक पीछा

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कल्याण सिंह बैंसला अपने दोस्तों के साथ एक क्लब में पार्टी करने के बाद एक उधार ली गई कार चला रहा था। गोल्फ कोर्स रोड पर उसने महिला बाइकर को निशाना बनाया और करीब दो किलोमीटर तक उसका पीछा किया। पीछा करने के दौरान आरोपी ने न केवल महिला को डराया, बल्कि अंत में जानबूझकर उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों की गहन समीक्षा के बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त ने पुष्टि की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘हत्या के प्रयास’ (Attempt to Murder) के तहत दर्ज किया गया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वीडियो साक्ष्यों से स्पष्ट है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत महिला को निशाना बनाया गया था। हमने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है जो इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगा।’

जांच और आगे की कार्रवाई

आरोपी के पास से बरामद कार किसी और के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय कार में और कौन लोग सवार थे।

  • आरोपी कल्याण सिंह बैंसला को पुलिस ने हिरासत में लिया।
  • घटना में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया गया है।
  • पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

फिलहाल, महिला बाइकर की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का आश्वासन दे रही है।

अरुलनिधि की 'डेमोंटे कॉलोनी 3' पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक, रिलीज को लेकर बढ़ा संकट

अरुलनिधि की ‘डेमोंटे कॉलोनी 3’ पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक, रिलीज को लेकर बढ़ा संकट

Sudarshantoday ब्यूरो: तमिल सिनेमा की बहुप्रतीक्षित हॉरर फ्रैंचाइज़ी ‘डेमोंटे कॉलोनी 3’ कानूनी पचड़ों में फंस गई है। मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिससे अभिनेता अरुलनिधि और निर्देशक अजय ज्ञानमुथु के प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। यह मामला फिल्म के निर्माण और वितरण अधिकारों से जुड़े विवाद के कारण सामने आया है।

कानूनी विवाद की जड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिल्म के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है जिसमें दावा किया गया है कि ‘डेमोंटे कॉलोनी 3’ का निर्माण बिना उचित सहमति के किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह फिल्म पूर्व में हुए एक समझौते का सीधा उल्लंघन है। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की समीक्षा पूरी होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

अजय ज्ञानमुथु को नोटिस

न्यायालय ने इस मामले में निर्देशक अजय ज्ञानमुथु को अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद फिल्म की रिलीज डेट अब अनिश्चितकालीन हो गई है।

  • फिल्म के निर्माण और वितरण अधिकारों को लेकर विवाद।
  • याचिकाकर्ता का दावा, बिना सहमति के हुआ निर्माण।
  • मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर लगाई अस्थायी रोक।
  • निर्देशक अजय ज्ञानमुथु को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का समय।

न्यायालय का यह हस्तक्षेप फिल्म उद्योग में अनुबंधों और अधिकारों के महत्व को रेखांकित करता है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक फिल्म के भविष्य पर संशय बना रहेगा।

फिलहाल, फिल्म की टीम की ओर से इस कानूनी घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो फिल्म की रिलीज में लंबा विलंब हो सकता है।

टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर राहुल गांधी का हमला, चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर राहुल गांधी का हमला, चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

Sudarshantoday ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के मामले को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर तीखे सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंता का विषय है।

लोकतंत्र की मर्यादा पर सवाल

राहुल गांधी ने अपने हालिया बयान में कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीएमसी के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल एक पार्टी के लिए झटका है, बल्कि यह विपक्षी दलों के प्रति चुनाव आयोग के रवैये को भी उजागर करती है।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था नहीं रही, बल्कि सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है।

मुख्य बिंदु और विवाद

  • टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक के फैसले से राजनीतिक गलियारों में हलचल।
  • राहुल गांधी ने इसे भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत करार दिया।
  • विपक्षी दलों ने एकजुट होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
  • आयोग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव आयोग जैसे संस्थानों की विश्वसनीयता पर उठते सवाल देश की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। राहुल गांधी के इस हमले ने आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह मुद्दा संसद के पटल तक पहुंचता है।

हार्दिक पांड्या क्यों नहीं हैं वनडे टीम का हिस्सा? कोच गौतम गंभीर ने बताई बड़ी वजह

हार्दिक पांड्या क्यों नहीं हैं वनडे टीम का हिस्सा? कोच गौतम गंभीर ने बताई बड़ी वजह

Sudarshantoday ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वनडे टीम चयन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति पर खुलकर बात की है। गंभीर ने स्पष्ट किया कि हार्दिक का वर्कलोड मैनेजमेंट और उनकी गेंदबाजी क्षमता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

गंभीर का स्पष्ट रुख: फिटनेस है प्राथमिकता

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब गंभीर से पूछा गया कि हार्दिक पांड्या को वनडे टीम में क्यों नहीं चुना गया, तो उन्होंने कहा कि वनडे फॉर्मेट में एक ऑलराउंडर से 10 ओवर गेंदबाजी की उम्मीद की जाती है। गंभीर के अनुसार, हार्दिक की वर्तमान फिटनेस स्थिति उन्हें 50 ओवर के मैच में लगातार 10 ओवर डालने की अनुमति नहीं देती है।

गंभीर ने कहा, ‘वनडे क्रिकेट में आपको ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो पूरे 10 ओवर गेंदबाजी कर सकें। हार्दिक की फिटनेस को देखते हुए फिलहाल उनसे यह उम्मीद करना सही नहीं है। हम उनके कार्यभार को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते।’

टीम इंडिया के लिए भविष्य की रणनीति

कोच गंभीर ने जोर देकर कहा कि टीम प्रबंधन का लक्ष्य 2027 के विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित टीम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हार्दिक टी20 फॉर्मेट में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन वनडे में संतुलन के लिए उन्हें ऐसे खिलाड़ियों की तलाश है जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी अपना पूरा योगदान दे सकें।

वनडे टीम चयन के मुख्य बिंदु:

  • हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी क्षमता पर कोच का बड़ा बयान।
  • वनडे फॉर्मेट में 10 ओवर की गेंदबाजी अनिवार्य शर्त।
  • भविष्य के टूर्नामेंट्स के लिए खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट।
  • टीम इंडिया का लक्ष्य एक संतुलित और फिट स्क्वाड तैयार करना।

गंभीर का यह बयान साफ करता है कि टीम इंडिया अब फिटनेस और भूमिका की स्पष्टता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। हार्दिक का भविष्य में वनडे टीम में वापसी करना उनकी फिटनेस और गेंदबाजी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका मंदाना: संगीत की दुनिया का बड़ा ऐलान

एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका मंदाना: संगीत की दुनिया का बड़ा ऐलान

Sudarshantoday ब्यूरो: भारत रत्न से सम्मानित महान कर्नाटक संगीत गायिका एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के जीवन पर आधारित एक बहुप्रतीक्षित बायोपिक की घोषणा ने संगीत और फिल्म जगत में हलचल मचा दी है। उनकी 110वीं जयंती के अवसर पर इस फिल्म के निर्माण का आधिकारिक ऐलान किया गया है, जिसमें मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना संगीत की इस दिग्गज कलाकार की भूमिका निभाती नजर आएंगी।

संगीत और सिनेमा का संगम

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्देशन ‘जर्सी’ फेम निर्देशक गौतम तिन्ननुरी कर रहे हैं। फिल्म में संगीत की जिम्मेदारी युवा और प्रतिभाशाली संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर को सौंपी गई है, जिससे दर्शकों को एक बेहतरीन संगीतमय अनुभव की उम्मीद है। एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का जीवन संघर्ष और शास्त्रीय संगीत के प्रति उनके समर्पण की एक अद्भुत गाथा है, जिसे पर्दे पर उतारना एक बड़ी चुनौती होगी।

कमल हासन का मार्गदर्शन

फिल्म के लॉन्च इवेंट के दौरान दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने मुख्य भूमिका निभा रहीं रश्मिका मंदाना का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस भूमिका की गंभीरता को रेखांकित करते हुए रश्मिका को शुभकामनाएं दीं।

एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का व्यक्तित्व और उनकी आवाज आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस भूमिका को निभाना न केवल एक अभिनय चुनौती है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें

  • मुख्य भूमिका: रश्मिका मंदाना
  • निर्देशक: गौतम तिन्ननुरी
  • संगीत: अनिरुद्ध रविचंदर
  • विषय: एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का जीवन और संगीत यात्रा

यह फिल्म न केवल उनके करियर के सुनहरे पन्नों को दिखाएगी, बल्कि उनके उन निजी संघर्षों को भी सामने लाएगी जिन्होंने उन्हें ‘भारत की स्वर कोकिला’ के रूप में स्थापित किया। प्रशंसकों को अब रश्मिका के इस नए अवतार का बेसब्री से इंतजार है।

Asian Games Cricket: स्वर्ण पदक की राह पर भारत, जापान के खिलाफ अभियान का आगाज

Asian Games Cricket: स्वर्ण पदक की राह पर भारत, जापान के खिलाफ अभियान का आगाज

Sudarshantoday ब्यूरो: एशियाई खेलों में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर है और गत चैंपियन भारतीय टीम आज अपने स्वर्ण पदक के बचाव के लिए मैदान में उतर रही है। टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में भारत का सामना जापान की टीम से हो रहा है। एशियाई स्तर पर अपनी बादशाहत कायम रखने के इरादे से उतरी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला लय हासिल करने का एक बड़ा अवसर है।

जापान के खिलाफ भारत की मजबूत चुनौती

भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में एक स्पष्ट पसंदीदा के रूप में प्रवेश कर रही है। टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का बेहतरीन मिश्रण है। जापान जैसी उभरती हुई टीम के खिलाफ भारत के बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी रणनीतियों को परखने की कोशिश करेंगे। कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले रही है और हर मैच को फाइनल की तरह खेल रही है।

एशियाई खेलों में हमारा लक्ष्य केवल जीतना नहीं, बल्कि अपने खेल के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। जापान के खिलाफ हम अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेंगे और टूर्नामेंट में सकारात्मक शुरुआत करेंगे। – भारतीय टीम प्रबंधन

मैच के मुख्य आकर्षण

  • भारतीय टीम अपने खिताब की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
  • जापान के पास इस बड़े मंच पर खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है।
  • भारतीय गेंदबाजों के लिए यह पिच की स्थिति को समझने का अच्छा अवसर है।
  • मैच का सीधा प्रसारण एशियाई खेलों के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर्स पर उपलब्ध है।

क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम इस बार अपनी रणनीति में क्या बदलाव लाती है। टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ ही मुकाबला और कड़ा होता जाएगा, लेकिन फिलहाल भारतीय टीम का पूरा ध्यान जापान के खिलाफ जीत हासिल कर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है।

बॉक्स ऑफिस पर 'इरुमुडी' का जलवा बरकरार, 28वें दिन की कमाई ने चौंकाया

बॉक्स ऑफिस पर ‘इरुमुडी’ का जलवा बरकरार, 28वें दिन की कमाई ने चौंकाया

Sudarshantoday ब्यूरो: रवि तेजा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘इरुमुडी’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूती से बनाए हुए है। रिलीज के 28वें दिन भी फिल्म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफलता हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने अपने चौथे सप्ताह के अंत में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 लाख रुपये का कलेक्शन दर्ज किया है।

बॉक्स ऑफिस का ताजा गणित

फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘इरुमुडी’ का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 186.10 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। फिल्म की लोकप्रियता केवल घरेलू बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी बाजारों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 238.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

‘टॉक्सिक’ के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा

इस बीच, बॉक्स ऑफिस पर यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ भी अपनी धाक जमाए हुए है। ‘टॉक्सिक’ का प्रदर्शन भी बेहद प्रभावशाली रहा है और इसने भारत में कुल 297.92 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन हासिल कर लिया है। दोनों फिल्मों के बीच चल रही यह प्रतिस्पर्धा दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा साधन बनी हुई है।

  • ‘इरुमुडी’ का 28वें दिन का कलेक्शन: 95 लाख रुपये
  • भारत में कुल नेट कलेक्शन: 186.10 करोड़ रुपये
  • वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन: 238.65 करोड़ रुपये
  • ‘टॉक्सिक’ का भारत में ग्रॉस कलेक्शन: 297.92 करोड़ रुपये

फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘इरुमुडी’ ने जिस तरह से चौथे हफ्ते में भी अपनी निरंतरता बनाए रखी है, वह रवि तेजा की स्टार पावर और फिल्म की कहानी की मजबूती को दर्शाता है।

गणपति दर्शन के बाद भीड़ में घिरे सलमान खान, हाथ जोड़कर लोगों से की ये अपील

गणपति दर्शन के बाद भीड़ में घिरे सलमान खान, हाथ जोड़कर लोगों से की ये अपील

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड के ‘दबंग’ सलमान खान इन दिनों गणेश चतुर्थी के रंग में पूरी तरह रंगे हुए हैं। गुरुवार को मुंबई में अभिनेता ने आशीष शेलार के गणपति पंडाल में पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लिया। हालांकि, पंडाल से बाहर निकलते समय उन्हें भारी भीड़ का सामना करना पड़ा, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

भीड़ के बीच संयम बरतते दिखे सलमान

पंडाल से बाहर निकलते ही सलमान खान के चारों ओर प्रशंसकों का तांता लग गया। सुरक्षाकर्मियों की कड़ी घेराबंदी के बावजूद भीड़ इतनी अधिक थी कि अभिनेता के लिए अपनी कार तक पहुंचना मुश्किल हो गया। इस दौरान सलमान ने अपना आपा खोने के बजाय बेहद संयमित व्यवहार दिखाया। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रशंसकों से रास्ता देने की विनम्र अपील की।

भीड़ के बीच फंसे होने के बावजूद सलमान खान ने न केवल शांति बनाए रखी, बल्कि वहां मौजूद बच्चों के साथ भी संक्षिप्त बातचीत की, जो उनके प्रशंसकों के लिए एक सुखद पल बन गया।

त्योहारों में सक्रिय भागीदारी

सलमान खान हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व अपने परिवार के साथ बड़े उत्साह से मनाते हैं। गैलेक्सी अपार्टमेंट में होने वाली पूजा से लेकर शहर के प्रमुख पंडालों में दर्शन तक, अभिनेता की सक्रियता उनके धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है।

मुख्य बातें:

  • आशीष शेलार के पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान।
  • भीड़ के कारण सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
  • अभिनेता ने हाथ जोड़कर प्रशंसकों से रास्ता खाली करने का आग्रह किया।
  • भीड़ में मौजूद बच्चों के साथ सलमान का स्नेहपूर्ण व्यवहार चर्चा का विषय बना।
Bethlehem Kudumba Unit की बॉक्स ऑफिस पर धीमी रफ्तार, 300 करोड़ के पार पहुंची कमाई

Bethlehem Kudumba Unit की बॉक्स ऑफिस पर धीमी रफ्तार, 300 करोड़ के पार पहुंची कमाई

Sudarshantoday ब्यूरो: सिनेमाघरों में अपनी लंबी पारी खेल रही फिल्म ‘Bethlehem Kudumba Unit’ का जादू अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। रिलीज के 28वें दिन फिल्म की कमाई में गिरावट दर्ज की गई है। 17 सितंबर को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर एक करोड़ पांच लाख रुपये का कलेक्शन किया है, जो इसके अब तक के प्रदर्शन के मुकाबले काफी कम है।

बॉक्स ऑफिस का ताजा गणित

फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने रिलीज के चार हफ्तों के भीतर ही एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 152.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, विदेशी बाजारों में भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 136.20 करोड़ रुपये की कमाई की है।

कुल कमाई का आंकड़ा

फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई अब 313.92 करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि, ‘I’m Game’ जैसी नई फिल्मों की दस्तक के बाद ‘Bethlehem Kudumba Unit’ की स्क्रीन संख्या में कमी आई है, जिसका सीधा असर इसकी दैनिक कमाई पर दिख रहा है।

फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि 300 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद फिल्म अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन ओटीटी रिलीज से पहले यह कुछ और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।

मुख्य बिंदु:

  • 28वें दिन की कमाई: 1.05 करोड़ रुपये
  • भारत में कुल नेट कलेक्शन: 152.20 करोड़ रुपये
  • ओवरसीज कमाई: 136.20 करोड़ रुपये
  • वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 313.92 करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट की बिल्डरों को कड़ी फटकार, जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट की बिल्डरों को कड़ी फटकार, जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर जताई नाराजगी

Sudarshantoday ब्यूरो: सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा जजों के खिलाफ की जा रही गुमनाम शिकायतों के चलन पर गंभीर रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अदालत ने इस प्रवृत्ति को न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का एक ‘खतरनाक प्रयास’ करार दिया है।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर प्रहार

सुनवाई के दौरान बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि बिल्डर लॉबी अक्सर अपने पक्ष में फैसला न आने पर जजों को निशाना बनाने के लिए गुमनाम पत्र या शिकायतें भेजती है। कोर्ट ने कहा कि यह न केवल जजों का मनोबल गिराने का प्रयास है, बल्कि यह न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाने की एक सोची-समझी साजिश है।

न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी ठोस आधार के गुमनाम शिकायतें करना न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने का प्रयास है। हम ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों की कार्यशैली को अनुचित बताया।
  • गुमनाम शिकायतों के पीछे छिपे उद्देश्यों की जांच के संकेत दिए गए।
  • न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देशों पर विचार।
  • अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सर्वोपरि है।

आगे की राह

शीर्ष अदालत ने संबंधित पक्षों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी को किसी जज के आचरण पर आपत्ति है, तो उसके लिए उचित कानूनी प्रक्रिया मौजूद है, न कि गुमनाम पत्र लिखकर दबाव बनाना।