

पूर्वांचल की राजनीति में कई दशक तक सक्रिय रहे बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा को लेकर हाल के दिनों में एक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें उनकी जाति विशेष के कारण निशाना बनाया जा रहा है. जबकि न्यायालयों के फैसले, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और दशकों से दर्ज आपराधिक मुकदमे इस दावे की सच्चाई को पूरी तरह खारिज करते हैं. वास्तविकता यह है कि विजय मिश्रा कोई ‘राजनीतिक उत्पीड़न’ का शिकार नहीं, बल्कि कानून द्वारा दोषी ठहराया गया एक सफेदपोश माफिया है, जिसने राजनीतिक ताकत और प्रभाव का इस्तेमाल कर वर्षों तक अपराध का समानांतर तंत्र खड़ा किया.
आज कुछ लोग विजय मिश्रा पर हुई कार्रवाई को ‘ब्राह्मण उत्पीड़न’ का रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन तथ्य यह है कि उसके खिलाफ कार्रवाई अदालतों के फैसलों और जांच एजेंसियों के सबूतों के आधार पर हुई है. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पीड़ितों में बड़ी संख्या ब्राह्मण समाज के लोगों की ही रही है. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार यह संदेश देती रही है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में जाति, धर्म, मत, मजहब या राजनीतिक पहचान नहीं देखी जाएगी. राज्य में माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियानों में विभिन्न जातियों और समुदायों से जुड़े अपराधियों पर समान रूप से कार्रवाई हुई है. विजय मिश्रा का मामला भी इसी नीति का हिस्सा है, जहां दशकों से लंबित मामलों में अदालतों के जरिए सजा सुनिश्चित हुई.
प्रकाश नारायण पांडे (हत्याकांड – 1980)
विजय मिश्रा के खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में से एक 11 फरवरी 1980 को प्रयागराज जिला अदालत परिसर में हुई प्रकाश नारायण पांडे की हत्या थी. प्रकाश नारायण पांडे एक विश्वविद्यालय के छात्र थे जो एक मामले में जमानत लेने अदालत आए थे. इस मामले में विजय मिश्रा को मई 2026 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इस केस की प्राथमिकी (FIR) मृतक के बड़े भाई श्याम नारायण ने दर्ज कराई थी. हाल ही में प्रयागराज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने विजय मिश्रा को 46 साल पुराने इस हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
कृष्ण मोहन तिवारी उर्फ ‘मुन्ना’ (संपत्ति कब्जा – 2020)
विजय मिश्रा के पतन की शुरुआत उसके अपने ही एक रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी की शिकायत से हुई. अगस्त 2020 में, कृष्ण मोहन तिवारी ने आरोप लगाया कि मिश्रा और उसके परिवार ने उनकी पैतृक संपत्ति (लगभग 50 बीघा जमीन और एक बड़ा घर) पर जबरन कब्जा कर लिया है और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. इस मामले में मई 2026 में विजय मिश्रा, उसकी पत्नी और बेटे को 10-10 साल की, जबकि बहु को 4 साल जेल की सजा सुनाई गई है.
विपुल दुबे (राजनीतिक अदावत – 2022)
विजय मिश्रा की राजनीतिक पकड़ कमजोर करने में विपुल दुबे का नाम महत्वपूर्ण है. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में, निषाद पार्टी ने विजय मिश्रा को टिकट देने से इनकार कर दिया और उनकी जगह विपुल दुबे को ज्ञानपुर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. विजय मिश्रा ने जेल से चुनाव लड़ा लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे, जिससे उनकी दशकों पुरानी राजनीतिक सत्ता का अंत हुआ. उल्लेखनीय है कि लोक अभियोजक प्रवेश तिवारी ने विजय मिश्रा और उसके परिवार के खिलाफ संपत्ति कब्जाने वाले मामले में प्रभावी ढंग से पैरवी की, जिससे उनकी सजा सुनिश्चित हुई. वहीं जिला सरकारी अधिवक्ता दिनेश पांडे ने भी विजय मिश्रा के खिलाफ बलात्कार और अन्य आपराधिक मामलों में अभियोजन का नेतृत्व किया था.
गैंगरेप केस में भी दोषी
नवंबर 2023 में वाराणसी की अदालत ने एक महिला लोकगायिका के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में विजय मिश्रा को 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा ऐसा अपराध समाज के विश्वास के साथ विश्वासघात है. यह फैसला केवल एक व्यक्ति की सजा नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग पर न्यायपालिका की कठोर टिप्पणी भी था.
विजय मिश्रा का नाम 2010 में तत्कालीन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर हुए रिमोट कंट्रोल बम हमले के मामले में भी सामने आया था। इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी. यह मामला उस दौर के अपराध-राजनीति गठजोड़ की गंभीरता को भी उजागर करता है.
मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया कि विजय मिश्रा और उसके परिवार ने कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन को वैध बनाने के लिए कंपनियों और बेनामी निवेश का सहारा लिया. जांच एजेंसी ने दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज और रीवा में करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं. सतर्कता जांच में भी यह पाया गया कि घोषित आय की तुलना में मिश्रा परिवार ने कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की. यह पूरा पैटर्न उस ‘सफेदपोश माफिया मॉडल’ को दर्शाता है जिसमें राजनीति, पैसा और अपराध एक-दूसरे से जुड़े होते हैं.
अपराध, सपा-बसपा और कांग्रेसी राजनीति का गठजोड़ है विजय मिश्रा
विजय मिश्रा सपा-बसपा और कांग्रेस के दौर की राजनीति का वह चेहरा था जहां बाहुबल, भय, दबाव और नेटवर्क के सहारे सत्ता और संपत्ति दोनों अर्जित किए जाते थे. विधायक रहने के दौरान उस पर हत्या, रंगदारी, अवैध कब्जा, धोखाधड़ी, अपहरण, जालसाजी, अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगातार लगते रहे. उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल में 80 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं. उसकी कार्यप्रणाली सामान्य अपराधी जैसी नहीं थी. वह कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण, आर्थिक नेटवर्क और दबंगई के सहारे बड़े अपराधों को अंजाम देता था.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी की चपेट में है. कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक 19, 20 और 21 मई को प्रदेश के कई जिलों में भयंकर गर्म हवा चल सकती है. तापमान में तीन से चार डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है. लू की संभावना को लेकर योगी सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट रहने को कहा है.
सीएम योगी ने सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. मौसम विभाग ने लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जिसके मद्देनजर सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर रखने को कहा है. सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
सीएम ने अस्पतालों में दवाओं, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट रखने को कहा है. वहीं सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया है. साथ ही सीएम ने निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति को लेकर भी निर्देश दिए हैं. इसके अलावा सीएम ने जनता से भी अपील की है कि आवश्यक काम होने पर ही बाहर निकलें. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.

लखनऊ. हाल ही में योगी सरकार ने मंत्रीमंडल का विस्तार किया था. 6 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. अब उनके विभाग का भी बंटवारा कर दिया गया है. हालांकि, शपथ लेने वाले 6 मंत्रियों के अलावा 2 और मंत्रियों को भी विभाग सौंप दिया गया है. भूपेंद्र चौधरी को MSME विभाग, मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद, अजीत सिंह पाल स्वतंत्रता प्रभार को खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन, सोमेंद्र तोमर, स्वतंत्र प्रभार को सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल को जिम्मेदारी दी गई है.
इनके अलावा कृष्णा पासवान राज्य मंत्री को पशुधन एवं दुग्ध विकास, कैलाश सिंह राजपूत राज्य मंत्री को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, सुरेंद्र दिलेर राज्य मंत्री को राजस्व विभाग औऱ हंसराज विश्वकर्मा, राज्य मंत्री को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
भूपेंद्र चौधरी:- जाट राजनीति और पश्चिम यूपी का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं. चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं. आम जन के बीच उनकी अच्छी खासी पकड़ है और योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायतीराज मंत्री की कमान संभाल चुके हैं. उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्य़क्ष रहते संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वर्तमान में भूपेंद्र चौधरी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल साल 2028 तक है.
कृष्णा पासवान:- दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली दलित कृष्णा पासवान को मंत्री पद सौंपा गया. सपा के पीडीए को टक्कर देने में पासवान की पहुंच और पहचान भाजपा को फायदा पहुंच सकती है. उनके मंत्री बनने से पूर्वांचल और मध्य यूपी में पासवान वोट बैंक को आसानी से साधा जा सकता है.
हंसराज विश्वकर्मा:- पूर्वांचल की ओबीसी वोटों को साधने के लिए हंसराज विश्वकर्मा भाजपा के सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा हो सकते हैं. उनकी गिनती भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में होती है. जिनकी वाराणसी, चंदौली, भदोही और आसपास के जिलों में अच्छी खासी पकड़ है. विश्वकर्मा लंबे समय से संगठन में भी सक्रिय रहे हैं.
सुरेंद्र दिलेर:- मूल रूप से जाटव समाज से आने वाले खैर विधानसभा सीट के विधायक सुरेंद्र दिलेर को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. दिलेर राजनीतिक प्रष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके दादा किशन लाल दिलेर हाथरस लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे हैं. पश्चिमी यूपी में दलित राजनीति के लिहाज से उनका नाम काफी प्रभावशाली माना जाता है.
कैलाश सिंह राजपूत:- कैलाश राजपूत कन्नौज की तिर्वा से विधायक हैं, वो लोध बिरादरी से आते हैं. तिर्वा इलाका समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है.0 ऐसे में सपा का किला भेदने के लिए कैलाश राजपूत काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने 1996 में तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. इसके बाद वे बसपा चले गए और 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से भाजपा के साथ जुड़े.
मनोज पांडेय:- समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. मनोज पांडेय की गिनती प्रदेश के कद्दावर ब्राह्मण नेता के रूप में होती है. ब्राह्मण वोट को साधने और इनके जरिये सपा के वोटर्स में सेंध लगाने के लिए मंत्री पद दिया गया है. पांडेय ने लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी से दूरी बनाई और खुलकर भाजपा का समर्थन किया था.

बरेली. जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है. जहां अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक सवार 2 दोस्तों की मौत हो गई. हादसे के बाद मौके हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा. पुलिस घटना की जांच में जुट गई है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि घटना बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के विजेजमर्ज ढाबा के पास उस वक्त घटी, जब 2 दोस्त बाइक से गैस सिलेंडर भरवाने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी. हादसा इतना भयानक था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए. वहीं दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना होता देख राहगीरों को भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई. लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी.
जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया. जहां डॉक्टरों ने जांच कर दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान 18 वर्षीय रवि और 16 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है. पुलिस फरार वाहन चालक की खोजबीन में जुट गई है. शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है.

भोपाल/बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गुदगांव-धामनगांव मार्ग पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 35 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। हादसे में कार में सवार तीन युवक घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों और 108 एम्बुलेंस टीम की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यह पूरी घटना भैंसदेही थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के अमरावती जिले के भातकोली गांव निवासी राहुल कड़ू, सत्यम तोमर और कृष्णा मोकडे कार से अपने घर लौट रहे थे। सुबह करीब चार बजे रास्ते में कार के ब्रेक फेल हो गए। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सड़क किनारे बने कुएं में गिर गई।
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। साथ ही 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची। ईएमटी दीपक बारस्कर और पायलट मोहित चडोकर ने ग्रामीणों की मदद से कुएं में उतरकर घायलों को बाहर निकाला।
कड़ी मशक्कत के बाद तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। समय पर रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय आगर-मालवा में कंप्यूटर साइंस एवं एप्लीकेशन विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान और तकनीकी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाना तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा। तकनीकी क्विज प्रतियोगिता में तंजीला खान ने प्रथम, तैयब हुसैन ने द्वितीय तथा अक्षरा शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को महाविद्यालय परिवार ने बधाई दी।
विशेष व्याख्यान में शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय आगर-मालवा के प्राध्यापक प्रताप सिंह कटारा ने मोबाइल टेक्नोलॉजी और उसके उपयोग पर जानकारी दी। वहीं शासकीय महाविद्यालय नलखेड़ा की अलमीना कुरैशी ने तकनीकी शिक्षा में कंप्यूटर विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्वागत भाषण प्रभारी प्राचार्य डॉ. रंजू गुप्ता ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन राजशेखर कलोसिया ने माना।

भोपाल। MP Morning News: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज असम दौरे पर रहेंगे। सीएम गुवाहाटी में हेमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण होगा जहां हेमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। असम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शिरकत करेंगे।
केन बेतवा से विस्थापित परिवारों से मिलेंगे जीतू पटवारी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज छतरपुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह केन बेतवा लिंक परियोजना के ढोढऩ बांध निर्माण की वजह से विस्थापित किए गए परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान कलेक्टर से भी चर्चा करेंगे। उनकी मांग है कि बांध के कारण डूब प्रभावित वाले इलाके में आने वाले ग्रामीणों का मुआवजा बढ़ाया जाए।
केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश शासन ने भू अर्जन की कवायद शुरु कर दी है। ढोढऩ में बनने वाले मुख्य बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। जिसमें छतरपुर के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित होंगे। ऐसे में कुल प्रभावित गांव की संख्या 23 है, लेकिन डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है।
मध्यप्रदेश में तेज हुई यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया
आज मध्यप्रदेश भवन दिल्ली में यूसीसी कमेटी की पहली बैठक होगी। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक होगी। बैठक में मध्य प्रदेश के लिए संभावित प्रारूप पर चर्चा होगी।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक जल्द हट सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति तैयार कर रहा है, जिसे जल्द कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। संभावना है कि करीब एक महीने के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक गंभीर बीमारी, प्रशासनिक आवश्यकता, स्वेच्छा और अन्य विशेष परिस्थितियों के आधार पर तबादलों को प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों की अनुशंसाओं को भी महत्व मिल सकता है। बताया जा रहा है कि आज हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों से रोक हटाने का प्रस्ताव नहीं आ सका, लेकिन अगले कुछ दिनों में नीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब दो दशक 18 से 19 साल बाद निकली संगीत और नृत्य शिक्षकों की भर्ती अब नियुक्ति में देरी के कारण विवादों में आ गई है। माध्यमिक (संगीत गायन वादन)और प्राथमिक शिक्षक(संगीत गायन वादन एवं नृत्य) पदों पर चयनित अभ्यर्थी पिछले 10 महीनों से जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से चयनित शिक्षकों में नाराजगी
है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2022 में जारी हुआ था। 2023 में पात्रता परीक्षा और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा आयोजित की गई। सितंबर 2025 में परिणाम घोषित होने के बाद दस्तावेज सत्यापन भी पूरा हो चुका है, लेकिन 2026 तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमों के अनुसार चयन सूची जारी होने के तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जानी चाहिए, लेकिन करीब 10 महीने बीतने के बाद भी पात्र-अपात्र सूची और चॉइस फिलिंग शुरू नहीं हुई।
अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि अन्य विषयों के चयनित उम्मीदवारों को जॉइनिंग मिल चुकी है, जबकि संगीत और नृत्य विषय के उम्मीदवार अब भी इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में संगीत और नृत्य शिक्षकों के करीब एक हजार पद खाली हैं। स्कूलों में हजारों विद्यार्थी संगीत और नृत्य विषय चुन रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।नियुक्ति की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी ज्वाइनिंग दो अभियान चलाया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से स्कूल खुलने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।