विवेक ओबेरॉय ने सलमान खान के एंटी-ट्रोलिंग स्टैंड का किया समर्थन, पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ने के संकेत

विवेक ओबेरॉय ने सलमान खान के एंटी-ट्रोलिंग स्टैंड का किया समर्थन, पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ने के संकेत

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने हाल ही में सलमान खान के उस रुख की सराहना की है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग संस्कृति की कड़ी आलोचना की थी। बिग बॉस के मंच पर सलमान खान ने जिस तरह से बॉडी शेमिंग और नफरत फैलाने वाले कमेंट्स को ‘गंदा’ करार दिया, उसकी चर्चा हर तरफ है। अब विवेक ओबेरॉय का इस पर समर्थन आना एक सुखद बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

सकारात्मकता की ओर बढ़ता कदम

विवेक ओबेरॉय ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि वे अब पुरानी बातों को कुरेदने के बजाय जीवन में सकारात्मकता को प्राथमिकता देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रोलिंग किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है और सलमान खान का इसे लेकर स्टैंड लेना एक सराहनीय कदम है।

ट्रोलिंग और नकारात्मकता से किसी का भला नहीं होता। सलमान ने जो कहा वह बिल्कुल सही है। हमें एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

पुरानी कड़वाहट और नया नजरिया

गौरतलब है कि साल 2003 में विवेक ओबेरॉय और सलमान खान के बीच हुए सार्वजनिक विवाद ने पूरे बॉलीवुड को हिला कर रख दिया था। उस समय विवेक ने सलमान पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद से दोनों के बीच दूरियां बन गई थीं। हालांकि, इतने वर्षों बाद विवेक का यह बयान यह दर्शाता है कि वे अब परिपक्वता के साथ पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ चुके हैं।

मुख्य बिंदु:

  • सलमान खान ने बिग बॉस में ट्रोलिंग को ‘गंदा’ बताया था।
  • विवेक ओबेरॉय ने सलमान के इस स्टैंड को सकारात्मकता के लिए जरूरी माना।
  • दोनों अभिनेताओं के बीच 2003 के विवाद के बाद से रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं।
  • विवेक अब विवादों से दूर रहकर अपने काम और सकारात्मक सोच पर ध्यान दे रहे हैं।

विवेक का यह रुख न केवल उनके प्रशंसको को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि फिल्म इंडस्ट्री में अब आपसी सम्मान और परिपक्वता का दौर लौट रहा है।

बॉक्स ऑफिस पर 'मंदादी' का जलवा बरकरार, 'सरदार 2' की धीमी रफ्तार

बॉक्स ऑफिस पर ‘मंदादी’ का जलवा बरकरार, ‘सरदार 2’ की धीमी रफ्तार

Sudarshantoday ब्यूरो: दक्षिण भारतीय सिनेमा के गलियारों में इस समय सूरी की फिल्म ‘मंदादी’ की चर्चा जोरों पर है। रिलीज के 13वें दिन भी फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, जबकि कार्थी की ‘सरदार 2’ बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही है।

‘मंदादी’ की निरंतर सफलता

फिल्म ‘मंदादी’ ने अपने 13वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 1.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया है। इस आंकड़े के साथ फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन अब 93.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में कमाई में मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन फिल्म का कुल प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है।

सफलता के आंकड़े

  • पहले हफ्ते की कुल कमाई: 57.30 करोड़ रुपये
  • 13वें दिन का कलेक्शन: 1.90 करोड़ रुपये
  • कुल ग्रॉस कलेक्शन: 93.40 करोड़ रुपये

फिल्म की सफलता का मुख्य श्रेय इसके मजबूत वीकेंड कलेक्शन को जाता है, जिसने फिल्म को 100 करोड़ के जादुई आंकड़े के करीब पहुंचा दिया है।

‘सरदार 2’ की चुनौतियां

दर्शकों की पसंद और वर्ड ऑफ माउथ के मामले में ‘मंदादी’ फिलहाल ‘सरदार 2’ पर भारी पड़ती दिख रही है। कार्थी की फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

जहां ‘मंदादी’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही है, वहीं ‘सरदार 2’ की धीमी रफ्तार निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘सरदार 2’ अपनी स्थिति में सुधार कर पाती है या ‘मंदादी’ का दबदबा जारी रहेगा।

प्रेस्ली गेरबर की मौत और केटामाइन का कनेक्शन: मैथ्यू पेरी मामले से जुड़ी कड़ियां

प्रेस्ली गेरबर की मौत और केटामाइन का कनेक्शन: मैथ्यू पेरी मामले से जुड़ी कड़ियां

Sudarshantoday ब्यूरो: हॉलीवुड के गलियारों में एक और दुखद खबर ने सनसनी फैला दी है। प्रेस्ली गेरबर का शव मेडिकल परीक्षक द्वारा रिलीज कर दिया गया है, जिसके बाद उनकी मौत के कारणों को लेकर जांच तेज हो गई है। एक पुनर्वास केंद्र (रिहैब) में प्रेस्ली के मृत पाए जाने के बाद से ही मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। शुरुआती जांच में केटामाइन के अत्यधिक सेवन की आशंका जताई जा रही है, जिसने इस मामले को मैथ्यू पेरी की दुखद मौत की यादों से जोड़ दिया है।

केटामाइन का घातक प्रभाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेस्ली गेरबर को रिहैब सेंटर में भर्ती कराए जाने के कुछ ही समय बाद उन्हें अचेत अवस्था में पाया गया था। अधिकारियों को संदेह है कि उनकी मौत का कारण ओवरडोज है। विशेष रूप से, उनके मेडिकल इतिहास में केटामाइन के प्रिस्क्रिप्शन का जिक्र सामने आया है, जो वर्तमान में हॉलीवुड में चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रेस्ली ने अपने जीवन के कठिन दौर और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के बारे में हमेशा खुलकर बात की थी। उनका संघर्ष कई युवाओं के लिए एक चेतावनी की तरह था।

मानसिक स्वास्थ्य और संघर्ष

प्रेस्ली गेरबर ने अपने जीवनकाल में नशीले पदार्थों की लत और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में सार्वजनिक रूप से साझा किया था। उन्होंने कई बार अपने प्रशंसकों को अपने संघर्षों से अवगत कराया था। उनकी असामयिक मृत्यु ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि कैसे सेलिब्रिटीज के बीच केटामाइन जैसे पदार्थों का उपयोग एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

मामले के मुख्य बिंदु:

  • प्रेस्ली गेरबर का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
  • रिहैब सेंटर में भर्ती होने के कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत हो गई।
  • जांच में केटामाइन के सेवन की पुष्टि होने की संभावना जताई जा रही है।
  • यह मामला मैथ्यू पेरी की मौत के बाद केटामाइन के दुरुपयोग पर उठ रहे सवालों को और गहरा करता है।

फिलहाल, पुलिस और मेडिकल टीम मामले की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।

मशहूर गायक लियोनेल रिची अस्पताल में भर्ती, हृदय की सर्जरी के बाद रद्द किए कॉन्सर्ट

मशहूर गायक लियोनेल रिची अस्पताल में भर्ती, हृदय की सर्जरी के बाद रद्द किए कॉन्सर्ट

Sudarshantoday ब्यूरो: संगीत जगत के दिग्गज कलाकार और मशहूर गायक लियोनेल रिची को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिची को पिछले तीन महीनों में तीसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बार उन्हें ‘एट्रियल फाइब्रिलेशन’ (atrial fibrillation) की समस्या के कारण मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते उनकी हृदय की सर्जरी की जा रही है।

स्वास्थ्य कारणों से दौरे पर लगा ब्रेक

लियोनेल रिची की बिगड़ती सेहत का असर उनके वर्क फ्रंट पर भी पड़ा है। गायक ने अपने आगामी तीन कॉन्सर्ट्स को रद्द करने की घोषणा की है। ये शो ‘अर्थ, विंड एंड फायर’ (Earth, Wind & Fire) के साथ उनके चल रहे संयुक्त दौरे का हिस्सा थे। प्रशंसकों के लिए यह खबर काफी निराशाजनक है, लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए रिची ने फिलहाल आराम करने का फैसला किया है।

लियोनेल रिची के करीबी सूत्रों का कहना है कि गायक का हृदय में अनियमित धड़कन (irregular heartbeat) का इलाज किया जा रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

क्या है एट्रियल फाइब्रिलेशन?

एट्रियल फाइब्रिलेशन हृदय की एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल की धड़कन अनियमित और अक्सर तेज हो जाती है। इसके कारण शरीर में रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।

प्रमुख जानकारियां

  • पिछले तीन महीनों में यह तीसरी बार है जब लियोनेल रिची को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
  • गायक का इलाज ‘एट्रियल फाइब्रिलेशन’ के लिए किया जा रहा है।
  • ‘अर्थ, विंड एंड फायर’ के साथ होने वाले तीन आगामी शो रद्द कर दिए गए हैं।
  • रिची के स्वास्थ्य को लेकर उनके प्रशंसक और साथी कलाकार सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

फिलहाल, लियोनेल रिची की टीम की ओर से उनकी रिकवरी को लेकर कोई आधिकारिक समय सीमा नहीं दी गई है। फैंस को उम्मीद है कि सर्जरी के बाद वे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर मंच पर वापसी करेंगे।

रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन, बेटी की कामयाबी पर गर्व करती थीं वह

रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन, बेटी की कामयाबी पर गर्व करती थीं वह

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी मां कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। कृष्णा मुखर्जी न केवल रानी की मां थीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी समर्थक और मार्गदर्शक भी थीं। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

बेटी की सफलता पर अटूट विश्वास

कृष्णा मुखर्जी हमेशा रानी के करियर के हर उतार-चढ़ाव में उनके साथ खड़ी रहीं। रानी की हालिया फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला, तो कृष्णा मुखर्जी की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने न केवल इस जीत का जश्न मनाया, बल्कि सार्वजनिक रूप से यह भी कहा था कि रानी को यह सम्मान बहुत पहले मिल जाना चाहिए था।

कृष्णा मुखर्जी का मानना था कि रानी मुखर्जी की प्रतिभा को ‘ब्लैक’ फिल्म के समय ही राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए था। उन्होंने हमेशा अपनी बेटी के अभिनय कौशल पर गर्व किया और उसे एक बेहतरीन कलाकार के रूप में देखा।

एक मजबूत स्तंभ का जाना

रानी मुखर्जी के लिए उनकी मां का जाना एक अपूरणीय क्षति है। कृष्णा मुखर्जी ने हमेशा रानी को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके जाने से मुखर्जी परिवार में सन्नाटा पसर गया है और कई फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

प्रमुख बातें:

  • कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन।
  • रानी मुखर्जी की सफलता में उनकी मां का रहा है अहम योगदान।
  • ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिलने पर जताई थी खुशी।
  • फिल्म ‘ब्लैक’ के समय से ही रानी की प्रतिभा की प्रशंसक थीं कृष्णा।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अनंत नाग को दादा साहब फाल्के सम्मान, मिला स्टैंडिंग ओवेशन

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अनंत नाग को दादा साहब फाल्के सम्मान, मिला स्टैंडिंग ओवेशन

Sudarshantoday ब्यूरो: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उस समय एक भावुक पल देखने को मिला जब दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को सिनेमा जगत के सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ से नवाजा गया। जैसे ही वे पुरस्कार लेने के लिए मंच पर पहुंचे, पूरा सभागार उनके सम्मान में खड़ा हो गया और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

पांच दशकों का स्वर्णिम सफर

अनंत नाग का करियर पांच दशकों से अधिक लंबा है, जिसमें उन्होंने कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ भारतीय फिल्म उद्योग को कई कालजयी फिल्में दी हैं। ‘ना निनना बिदलारे’ से लेकर ‘मुंगारू माले’ और हालिया ब्लॉकबस्टर ‘के.जी.एफ’ तक, उनकी अभिनय यात्रा कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उनके योगदान को नमन करते हुए कहा, “आपने फिल्म उद्योग के लिए महान सेवा की है। आपका समर्पण और अभिनय के प्रति निष्ठा आने वाले कलाकारों के लिए एक मिसाल है।”

अनंत नाग के योगदान के मुख्य बिंदु

  • भारतीय सिनेमा में 50 वर्षों से अधिक का असाधारण योगदान।
  • कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
  • विविध शैलियों में यादगार किरदारों का निर्वहन।
  • नई पीढ़ी के निर्देशकों के साथ काम कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देना।

यह सम्मान न केवल अनंत नाग के व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि है, बल्कि यह उस दौर के सिनेमा का भी सम्मान है जिसने भारतीय कला और संस्कृति को समृद्ध किया है। समारोह में मौजूद तमाम फिल्मी हस्तियों ने उनके इस सम्मान पर खुशी जाहिर की और उनके अभिनय कौशल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

अशोक सेलवन का बड़ा खुलासा: फिल्म 'अनबिल अवन' के लिए गिरवी रखा माता-पिता का घर

अशोक सेलवन का बड़ा खुलासा: फिल्म ‘अनबिल अवन’ के लिए गिरवी रखा माता-पिता का घर

Sudarshantoday ब्यूरो: तमिल सिनेमा के प्रतिभाशाली अभिनेता अशोक सेलवन ने हाल ही में अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर के बारे में बात की है। अपनी आगामी फिल्म ‘अनबिल अवन’ के निर्माण के दौरान आई वित्तीय कठिनाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अपनी फिल्म को पूरा करने के लिए एक बड़ा जोखिम उठाना पड़ा।

फिल्म के लिए उठाया बड़ा कदम

अशोक सेलवन ने खुलासा किया कि जब ‘अनबिल अवन’ का बजट उनकी शुरुआती योजना से काफी बढ़ गया, तो उन्होंने हार मानने के बजाय अपने माता-पिता के घर को गिरवी रखने का साहसी फैसला लिया। उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में उनके माता-पिता ने न केवल उनके फैसले का समर्थन किया, बल्कि उनके सपनों के साथ मजबूती से खड़े रहे।

मेरे माता-पिता का मुझ पर अटूट विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। जब बजट हाथ से निकलने लगा, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा साथ दिया। यह फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक नया जीवन है।

दो साल बाद मुख्य भूमिका में वापसी

यह फिल्म अभिनेता के लिए एक ‘नई शुरुआत’ की तरह है। पिछले दो वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद अशोक सेलवन एक बार फिर मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन ‘अनबिल अवन’ को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं।

फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें:

  • अशोक सेलवन ने फिल्म के बजट को पूरा करने के लिए निजी संपत्ति गिरवी रखी।
  • माता-पिता का सहयोग अभिनेता के लिए सबसे बड़ा संबल बना।
  • दो साल के लंबे अंतराल के बाद लीड रोल में वापसी।
  • फिल्म को अभिनेता अपने करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं।

अशोक सेलवन का यह समर्पण दिखाता है कि एक कलाकार अपने काम के प्रति कितना ईमानदार हो सकता है। अब दर्शकों को इस फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार है।

नैनटकेट का ऐतिहासिक घर: 9.5 मिलियन डॉलर में बिका, अब 32 मिलियन डॉलर में लिस्ट

नैनटकेट का ऐतिहासिक घर: 9.5 मिलियन डॉलर में बिका, अब 32 मिलियन डॉलर में लिस्ट

Sudarshantoday ब्यूरो: मैसाचुसेट्स के नैनटकेट में स्थित एक ऐतिहासिक संपत्ति इन दिनों रियल एस्टेट बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। 1834 के आसपास समुद्री कप्तान जॉर्ज सी. गार्डनर के लिए निर्मित यह ग्रीक रिवाइवल शैली का आलीशान घर अब 32 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम कीमत पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। दिलचस्प बात यह है कि इस संपत्ति को कुछ समय पहले ही 9.5 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था, जिसके बाद इसकी कीमत में यह रिकॉर्ड उछाल देखा गया है।

इतिहास और आधुनिकता का अनूठा संगम

नैनटकेट की मुख्य सड़क पर स्थित यह 7,000 वर्ग फुट से अधिक का विशाल आवास अपने आप में वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। अपने लंबे इतिहास के दौरान, इस घर ने न केवल दो बड़े जीर्णोद्धार (restoration) देखे हैं, बल्कि इसे अपनी मूल जगह से स्थानांतरित भी किया गया है। आज यह घर 19वीं सदी के क्लासिक आकर्षण और आधुनिक विलासिता का एक बेहतरीन मिश्रण पेश करता है।

संपत्ति की प्रमुख विशेषताएं

  • विशाल 7,000 वर्ग फुट का मुख्य निवास क्षेत्र।
  • आधुनिक सुविधाओं से लैस आलीशान स्विमिंग पूल।
  • मेहमानों के लिए एक अलग तीन-बेडरूम वाला गेस्ट कॉटेज।
  • नैनटकेट के मुख्य आकर्षणों और स्थानीय केंद्रों के बेहद करीब।

विशेषज्ञों का मानना है कि नैनटकेट जैसे प्रीमियम बाजार में इस तरह की ऐतिहासिक संपत्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है, जहां विरासत और आधुनिक जीवनशैली का मेल दुर्लभ है।

इस घर का जीर्णोद्धार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि इसकी ऐतिहासिक भव्यता बरकरार रहे, जबकि अंदरूनी हिस्सों को पूरी तरह से समकालीन सुख-सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यह संपत्ति न केवल एक घर है, बल्कि नैनटकेट के समुद्री इतिहास का एक जीवंत प्रतीक भी है।

हनुमान अंश की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक दौड़, 280 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म

हनुमान अंश की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक दौड़, 280 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म

Sudarshantoday ब्यूरो: विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित आध्यात्मिक ड्रामा ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। फिल्म ने अपनी रिलीज के 47वें दिन भी सिनेमाघरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने भारत में 276 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन पार कर लिया है और अब यह 280 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े की ओर तेजी से बढ़ रही है।

धीमी शुरुआत से ब्लॉकबस्टर तक का सफर

फिल्म की शुरुआत भले ही साधारण रही हो, लेकिन तीसरे सप्ताह से इसने जो रफ्तार पकड़ी, उसने ट्रेड पंडितों को भी हैरान कर दिया। शोभिनव सत्या के दमदार अभिनय ने दर्शकों को फिल्म से गहराई से जोड़ दिया है। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित यह बायोपिक न केवल व्यावसायिक रूप से सफल रही है, बल्कि इसे दर्शकों और समीक्षकों से भी काफी सराहना मिली है।

वैश्विक स्तर पर भी जलवा

सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ‘हनुमान अंश’ का जादू बरकरार है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन पहले ही 350 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। फिल्म की इस लंबी और सफल पारी ने इसे इस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया है।

फिल्म की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि विषय में गहराई और ईमानदारी हो, तो दर्शक उसे लंबे समय तक सिनेमाघरों में देखने आते हैं। यह फिल्म केवल एक बायोपिक नहीं, बल्कि एक अनुभव बन गई है।

फिल्म की सफलता के मुख्य बिंदु:

  • भारत में नेट कलेक्शन: 276 करोड़ रुपये से अधिक।
  • वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 350 करोड़ रुपये के पार।
  • सफलता का कारण: मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ और भावनात्मक जुड़ाव।
  • लक्ष्य: 280 करोड़ रुपये का घरेलू नेट कलेक्शन।

फिल्म के निर्माता अब इसके ओटीटी रिलीज की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन सिनेमाघरों में इसकी निरंतर उपस्थिति यह साबित करती है कि ‘हनुमान अंश’ अभी भी दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: केवड़िया में राष्ट्रपति मुर्मू ने विजेताओं को किया सम्मानित

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: केवड़िया में राष्ट्रपति मुर्मू ने विजेताओं को किया सम्मानित

Sudarshantoday ब्यूरो: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार दिल्ली की सीमाओं से बाहर निकलकर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया गया, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। 22 सितंबर को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की कला और संस्कृति के दिग्गजों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।

सिनेमाई जगत का महाकुंभ: एकता नगर में दिखा सितारों का जमावड़ा

पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समीप स्थित एकता नगर में हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सिनेमा न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह हमारी सामाजिक चेतना को भी प्रतिबिंबित करता है।

प्रमुख पुरस्कार और विजेता

इस वर्ष के पुरस्कारों में ‘आर्टिकल 370’ ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम किया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों की प्रासंगिकता को एक बार फिर सिद्ध किया है। अभिनय के क्षेत्र में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा रहा।

  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: ममूटी और कार्तिक आर्यन (संयुक्त विजेता)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम
  • दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2024: अनंत नाग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘सिनेमा के माध्यम से जो संदेश समाज तक पहुँचते हैं, वे बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं। आज सम्मानित होने वाले सभी कलाकार अपनी कड़ी मेहनत और रचनात्मकता के प्रतीक हैं।’

अनंत नाग को लाइफटाइम अचीवमेंट

दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके करियर की लंबी यात्रा और अभिनय के प्रति समर्पण को पूरे देश ने सराहा। यह पुरस्कार न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि है, बल्कि भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत का भी सम्मान है।