13 साल की फरारी खत्म: अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ वांटेड अपराधी

13 साल की फरारी खत्म: अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ वांटेड अपराधी

देश की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पिछले 13 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंककर अमेरिका में छिपे बैठे एक वांछित अपराधी को आखिरकार भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। जैसे ही आरोपी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कदम रखा, वहां पहले से मुस्तैद सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।

मामले का पूरा विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने विदेश का रुख किया था। भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल के साथ समन्वय स्थापित कर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने आरोपी के वीजा और दस्तावेजों की जांच के बाद उसे डिपोर्ट करने का फैसला लिया, जिसके बाद उसे सीधे भारत भेजा गया।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • आरोपी पिछले 13 वर्षों से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था।
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
  • आरोपी पर हत्या, जबरन वसूली और गंभीर आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं।
  • IGI एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती सुरक्षा पकड़ और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से उन अन्य अपराधियों में भी डर पैदा होगा जो देश छोड़कर विदेश में शरण लिए हुए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क और उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने उसे विदेश भागने और वहां रहने में मदद की थी।

GST विभाग के ETO और CA को ACB ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

GST विभाग के ETO और CA को ACB ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए GST विभाग के एक एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर (ETO) और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उक्त अधिकारी और बिचौलिया मिलकर टैक्स संबंधी मामलों को निपटाने के एवज में अवैध वसूली कर रहे थे।

मामले का पूरा विवरण

sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ACB को दी अपनी शिकायत में बताया था कि GST विभाग का ETO उसके लंबित टैक्स मामलों को सुलझाने के बदले भारी-भरकम राशि की मांग कर रहा था। इस काम में एक निजी CA भी शामिल था, जो बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। ACB ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • ACB ने ETO और CA को 3 लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा।
  • आरोपी टैक्स संबंधी फाइलों को क्लीयर करने के नाम पर अवैध धन की मांग कर रहे थे।
  • भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
  • विभाग में हड़कंप, अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी हो रही है जांच।

इस गिरफ्तारी के बाद GST विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।

बड़ा खुलासा: हथियारों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, दो एके-47 राइफल के साथ तीन गिरफ्तार

बड़ा खुलासा: हथियारों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, दो एके-47 राइफल के साथ तीन गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों को मिली बड़ी कामयाबी

देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस और खुफिया विभाग को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब आरोपियों के पास से दो अत्याधुनिक एके-47 राइफलें और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। यह गिरोह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों से अवैध हथियारों की तस्करी कर देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई कर रहा था। sudarshantoday.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने जाल बिछाकर इन तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा।

मामले का पूरा विवरण

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये हथियार पड़ोसी देशों की सीमा के रास्ते तस्करी करके लाए गए थे। तस्करों का यह नेटवर्क संगठित अपराधों में लिप्त रहा है और इनका मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देना था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इस नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं।

sudarshantoday.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी एक बड़े आतंकी साजिश को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है।

मुख्य बिंदु और प्रभाव

  • गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो एके-47 राइफलें और 50 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
  • यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई चेन चला रहा था।
  • पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
  • सुरक्षा एजेंसियों ने देश भर में हथियारों की अवैध तस्करी पर नकेल कसने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

इस गिरफ्तारी के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां और भी सतर्क हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि हथियारों के इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर छापेमारी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।