शरीर में फाइबर की कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत, गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया कमी कैसे होगी पूरी?

शरीर में फाइबर की कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत, गैस्ट्रोलॉजिस्ट ने बताया कमी कैसे होगी पूरी?

कब्ज, कठोर मल और पेट की अनियमितता हो सकती है कम फाइबर वाले आहार से जुड़ी; फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज बढ़ाने की सलाह

नई दिल्ली। शरीर के लिए फाइबर एक महत्वपूर्ण पोषक घटक है। यह मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है और पाचन तंत्र को सामान्य रखने में मदद करता है। आहार में पर्याप्त फाइबर न मिलने पर खासकर कब्ज और मल त्याग में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इन लक्षणों का कारण केवल फाइबर की कमी ही हो, यह जरूरी नहीं है।

फाइबर की कमी के ये संकेत हो सकते हैं

  1. कब्ज और कठोर मल

कम फाइबर का सेवन कब्ज का एक कारण हो सकता है। मल कठोर, सूखा या गांठदार हो सकता है और उसे बाहर निकालने में जोर लगाना पड़ सकता है। कुछ लोगों को ऐसा भी लगता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ।

  1. पेट साफ होने में अनियमितता

यदि सामान्य से कम बार मल त्याग हो रहा है या कई दिनों तक मल त्याग में परेशानी बनी रहती है, तो खान-पान में फाइबर की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि हर व्यक्ति की सामान्य bowel habit अलग हो सकती है।

  1. गैस और पेट फूलना

फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ाने पर गैस और पेट फूलना हो सकता है। इसलिए कम फाइबर वाले आहार से सीधे बहुत अधिक फाइबर लेने के बजाय मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह दी जाती है।

रोज कितना फाइबर जरूरी है?

वयस्कों के लिए उम्र और लिंग के अनुसार रोजाना लगभग 22 से 34 ग्राम फाइबर की जरूरत हो सकती है। व्यक्तिगत जरूरत अलग हो सकती है।

फाइबर को मुख्य रूप से दो प्रकारों में समझा जाता है—घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील (Insoluble) फाइबर। घुलनशील फाइबर पानी के साथ जेल जैसा बनता है, जबकि अघुलनशील फाइबर मल में bulk बढ़ाने और आंतों में उसकी गति को सपोर्ट करने में मदद करता है।

फाइबर की कमी कैसे पूरी करें?

🥗 1. सब्जियों को भोजन का हिस्सा बनाएं

गाजर, मटर, ब्रोकली और अन्य सब्जियां फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। भोजन में अलग-अलग तरह की सब्जियां शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

🍎 2. फल खाएं

सेब को छिलके सहित, नाशपाती, संतरा और केला जैसे फल फाइबर प्रदान करते हैं। जहां संभव हो, साबुत फल खाना बेहतर है क्योंकि जूस में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है।

🌾 3. साबुत अनाज चुनें

ओट्स, साबुत गेहूं और अन्य whole-grain foods को भोजन में शामिल किया जा सकता है।

🫘 4. दाल और फलियों का सेवन बढ़ाएं

चना, राजमा, सोयाबीन, दालें और अन्य legumes फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।

🥜 5. मेवे और बीज शामिल करें

बादाम और मूंगफली जैसे nuts भी आहार में फाइबर जोड़ सकते हैं।

फाइबर बढ़ाते समय पानी भी जरूरी

फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। फाइबर को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से गैस, पेट फूलना या ऐंठन हो सकती है, इसलिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर है।

सिर्फ फाइबर की कमी मानकर न करें इलाज

कब्ज के पीछे कम फाइबर के अलावा पानी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि, कुछ दवाएं और कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए लंबे समय से समस्या होने पर कारण की जांच जरूरी है।

⚠️ इन लक्षणों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें

अगर कब्ज के साथ मल में खून, काला मल, लगातार पेट दर्द, उल्टी, गैस बिल्कुल पास न होना, बुखार या बिना कोशिश के वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। किसी व्यक्ति की बीमारी, दवा या विशेष डाइट के लिए डॉक्टर/डायटीशियन की सलाह जरूरी है।

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