Sudarshantoday ब्यूरो: हरियाणा की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आगामी चुनावों की आहट के बीच हुड्डा ने अपने पारंपरिक गढ़ में ‘ग्राम संपर्क अभियान’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सीधे जनता के बीच जाकर फीडबैक लेना और जमीनी हकीकत को समझना है।
जनता के बीच हुड्डा: वादों और हकीकत का सामना
अपने इस दौरे के दौरान हुड्डा ने विभिन्न गांवों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार की कमी, सरकारी दफ्तरों में कामकाज की सुस्ती और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। हुड्डा ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति थम गई है और जनता बदलाव के लिए तैयार है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘बीजेपी सरकार ने केवल घोषणाएं की हैं, जबकि धरातल पर काम पूरी तरह से ठप पड़ा है। जनता अब इस कुशासन से मुक्ति चाहती है और हम उनके हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।’
बीजेपी का पलटवार: ‘प्रभाव कम हो रहा है’
हुड्डा के इस अभियान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि हुड्डा का यह दौरा महज एक दिखावा है क्योंकि उनका राजनीतिक प्रभाव अब पहले जैसा नहीं रहा। बीजेपी के स्थानीय प्रवक्ताओं का दावा है कि किलोई की जनता अब परिवारवाद और पुरानी राजनीति से ऊब चुकी है और विकास के लिए बीजेपी की नीतियों पर भरोसा कर रही है।
अभियान की मुख्य बातें:
- हुड्डा ने गांवों में जनसभाएं कर सीधे जनता से संवाद किया।
- रोजगार और महंगाई को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी।
- बीजेपी ने हुड्डा के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए इसे ‘राजनीतिक हताशा’ करार दिया।
- हुड्डा ने बीजेपी पर चुनाव प्रबंधन में हेरफेर करने का गंभीर आरोप लगाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गढ़ी सांपला-किलोई की यह लड़ाई केवल एक सीट की नहीं, बल्कि हुड्डा के राजनीतिक वर्चस्व की परीक्षा भी है। अब देखना यह होगा कि हुड्डा का यह जनसंपर्क अभियान उनके पुराने वोट बैंक को फिर से एकजुट करने में कितना सफल होता है।















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