कालकाजी गैंगरेप के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा सख्त, ‘पिंक पुलिस’ की होगी तैनाती

कालकाजी गैंगरेप के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा सख्त, 'पिंक पुलिस' की होगी तैनाती

Sudarshantoday ब्यूरो: दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई गैंगरेप की वीभत्स घटना ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली के सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है।

सुरक्षा ऑडिट और सख्त कदम

उपराज्यपाल के आदेश के बाद, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नगर निगम को उन सभी पार्कों की पहचान करने को कहा गया है जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। इन पार्कों में लाइटिंग की कमी और झाड़ियों की सघनता को अपराधों के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। अब इन सभी पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और सुरक्षा गार्डों की तैनाती बढ़ाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।

‘पिंक पुलिस’ का होगा पहरा

सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने ‘पिंक पुलिस’ दस्ते को सक्रिय करने का निर्णय लिया है। यह दस्ता विशेष रूप से उन संवेदनशील घंटों के दौरान पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर पेट्रोलिंग करेगा, जब वहां भीड़ कम होती है।

उपराज्यपाल कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पार्कों में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने और नियमित गश्त के साथ-साथ पिंक पुलिस की मौजूदगी से अपराधियों में डर पैदा होगा और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करेंगे।’

प्रमुख बिंदु:

  • सभी पार्कों में एलईडी स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  • अंधेरे कोनों और सुनसान इलाकों की विशेष निगरानी होगी।
  • पिंक पुलिस की टीमें शाम और रात के समय पार्कों में गश्त करेंगी।
  • सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में पार्कों के समय में भी बदलाव किया जा सकता है।

स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि केवल कागजी ऑडिट के बजाय धरातल पर सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *