केंद्र सरकार ने नए एम्स के संस्थान निकायों के लिए 7 सांसदों को किया नामित

केंद्र सरकार ने नए एम्स के संस्थान निकायों के लिए 7 सांसदों को किया नामित

Sudarshantoday ब्यूरो: केंद्र सरकार ने देश भर में स्थापित किए जा रहे नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के संचालन और निगरानी को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में स्थित नए एम्स के ‘इंस्टीट्यूट बॉडीज’ (Institute Bodies) के लिए सात सांसदों को नामित किया है। इस निर्णय का उद्देश्य संसदीय निगरानी को बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करना है।

संसदीय भागीदारी और जवाबदेही

नए एम्स के कामकाज में पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इन सांसदों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। ये सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित एम्स के प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सांसदों की नियुक्ति से संस्थान और आम जनता के बीच संवाद का एक नया सेतु बनेगा।

सरकार का यह कदम स्वास्थ्य संस्थानों के विकेंद्रीकरण और स्थानीय आवश्यकताओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे संस्थानों की कार्यप्रणाली में अधिक जवाबदेही आएगी।

प्रमुख बिंदु और जिम्मेदारियां

  • नामित सांसद एम्स की गवर्निंग बॉडी की बैठकों में भाग लेंगे।
  • संस्थानों के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर नजर रखेंगे।
  • स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए नीतिगत सुझाव देंगे।
  • संस्थानों के बजट और उनके उचित उपयोग की समीक्षा में सहयोग करेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

वर्तमान में केंद्र सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए एम्स का जाल बिछा रही है। इन सांसदों की नियुक्ति से न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में आने वाली बाधाओं को भी समय रहते दूर किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इन संस्थानों को विश्व स्तरीय चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *