Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में अपने करियर के एक ऐसे संघर्षपूर्ण दौर का खुलासा किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। फिल्म ‘बॉबी जासूस’ के निर्माण के दौरान जब ऐन मौके पर फाइनेंसरों और स्टूडियो ने अपना हाथ पीछे खींच लिया, तब दीया ने हार मानने के बजाय एक साहसी कदम उठाया। उन्होंने अपनी फिल्म को पूरा करने के लिए अपना घर तक गिरवी रख दिया था।
फिल्म निर्माण के लिए उठाया बड़ा जोखिम
दीया मिर्जा ने बताया कि ‘बॉबी जासूस’ एक ऐसी कहानी थी जिसे वह हर हाल में पर्दे पर लाना चाहती थीं। जब प्रोजेक्ट के बीच में आर्थिक संकट आया, तो उन्होंने बैंक से लोन लिया और अपने घर को दांव पर लगा दिया। उनका मुख्य उद्देश्य न केवल एक अच्छी कहानी को लोगों तक पहुंचाना था, बल्कि फिल्म उद्योग में महिलाओं के काम को प्रोत्साहित करना भी था।
विद्या बालन का पूरा भुगतान
इस कठिन परिस्थिति में भी दीया ने अपनी नैतिकता और पेशेवर प्रतिबद्धता को बनाए रखा। उन्होंने फिल्म की मुख्य अभिनेत्री विद्या बालन की फीस में कोई कटौती नहीं की और उन्हें उनका पूरा पारिश्रमिक समय पर दिया। दीया का मानना है कि एक निर्माता के रूप में उनकी पहली जिम्मेदारी अपने कलाकारों और क्रू के प्रति है।
दीया मिर्जा के इस फैसले की मुख्य बातें:
- फिल्म ‘बॉबी जासूस’ के लिए दीया ने अपना घर गिरवी रखा।
- अंतिम समय में निवेशकों के पीछे हटने के बाद खुद बैंक लोन लिया।
- विद्या बालन को उनकी पूरी फीस का भुगतान सुनिश्चित किया।
- महिला प्रधान कहानियों को आगे बढ़ाने के लिए लिया यह साहसी निर्णय।
दीया मिर्जा ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘मेरे लिए कहानी का महत्व सबसे ऊपर था। जब सबने साथ छोड़ दिया, तो मुझे पता था कि मुझे खुद ही जिम्मेदारी उठानी होगी। मैं चाहती थी कि विद्या को उनकी मेहनत का पूरा फल मिले।’
दीया मिर्जा का यह कदम न केवल एक निर्माता के रूप में उनकी ईमानदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सिनेमा के प्रति उनका जुनून किसी भी भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक बड़ा है। आज भी इंडस्ट्री में उनके इस जज्बे की खूब सराहना की जाती है।

















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