Sudarshantoday ब्यूरो: बिहार की राजनीति में वीआईपी (VIP) सुप्रीमो मुकेश सहनी ने निषाद समाज के नेता और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद पर सीधा और कड़ा प्रहार किया है। सहनी ने संजय निषाद पर आरोप लगाया कि वे केवल अपने परिवार के हितों को साधने में लगे हैं और समाज के नाम पर अपनी ‘राजनीतिक दुकान’ चला रहे हैं।
परिवारवाद का आरोप
मुकेश सहनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि संजय निषाद का पूरा ध्यान केवल अपने परिवार को राजनीति में स्थापित करने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज के हक और अधिकार की बात करने वाले संजय निषाद असल में केवल ‘परिवारवाद’ की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। सहनी के अनुसार, समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करने के बजाय वे सत्ता के गलियारों में अपने निजी लाभ के लिए सक्रिय हैं।
‘अपनी दुकान चला रहे हैं’
सहनी ने तल्ख लहजे में कहा कि संजय निषाद समाज के वास्तविक मुद्दों को दरकिनार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा:
समाज के नाम पर राजनीति करना और उसे अपनी निजी जागीर समझकर चलाना दो अलग बातें हैं। संजय निषाद केवल अपनी दुकान चला रहे हैं, जिसका समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।
प्रमुख बिंदु:
- मुकेश सहनी ने संजय निषाद की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल।
- परिवारवाद को निषाद समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया।
- सहनी ने दावा किया कि निषाद समाज अब जागरूक हो चुका है और वह किसी के निजी एजेंडे का हिस्सा नहीं बनेगा।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को निषाद वोट बैंक को अपने पाले में करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मुकेश सहनी लगातार निषाद आरक्षण की मांग को लेकर मुखर रहे हैं, जबकि संजय निषाद सत्ताधारी गठबंधन के साथ मिलकर अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस जुबानी जंग का असर आने वाले चुनावों में कितना पड़ता है।

















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