Sudarshantoday ब्यूरो: अभिनेत्री दिलनाज ईरानी इन दिनों नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘चुंबक’ में गुलशन तारापुरवाला की भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। एक ओवरबेयरिंग पारसी मां के रूप में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने इस किरदार को निभाने के अपने अनुभव और तैयारी के बारे में खुलकर बात की।
आतिश कपाड़िया ने खास दिलनाज के लिए लिखा किरदार
दिलनाज ने बताया कि फिल्म के निर्देशक आतिश कपाड़िया ने यह भूमिका विशेष रूप से उन्हें ध्यान में रखकर लिखी थी। अभिनेत्री ने याद करते हुए कहा कि ऑडिशन की तैयारी के लिए उन्होंने अपने ही अलमारी से पुराने कपड़े निकाले और उस लुक को अपनाया जो एक पारसी महिला के व्यक्तित्व को दर्शाता हो।
मेरे सह-कलाकार अनंत जोशी का मानना है कि इस फिल्म की शूटिंग के बाद मैं अब और भी ज्यादा ‘पारसी’ हो गई हूं। यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि इसमें बनावटीपन नहीं बल्कि वास्तविकता है।
क्यों झिझक रही थीं दिलनाज?
अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि वह पहले पारसी किरदारों को निभाने से बचती थीं, क्योंकि अक्सर फिल्मों में उन्हें केवल एक ‘कैरीकेचर’ या मजाक का पात्र बनाकर पेश किया जाता था। हालांकि, ‘चुंबक’ की पटकथा ने उन्हें प्रभावित किया।
फिल्म की मुख्य विशेषताएं
- पारसी परिवार के जीवन को एक नई और गहरी दृष्टि से पेश किया गया है।
- किरदार में केवल हास्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की परतें हैं।
- फिल्म में पारसी संस्कृति की विशिष्ट आदतों को बहुत ही खूबसूरती से बुना गया है।
दिलनाज का मानना है कि ‘चुंबक’ एक ऐसी कहानी है जो समुदायों के प्रति बनी पुरानी धारणाओं को तोड़ने का काम करती है और दर्शकों को एक प्रामाणिक अनुभव प्रदान करती है।

















Leave a Reply