राधिका आप्टे का बड़ा बयान: ’12 घंटे की शिफ्ट के बाद भी घर का काम महिलाओं की नियति क्यों?’

राधिका आप्टे का बड़ा बयान: '12 घंटे की शिफ्ट के बाद भी घर का काम महिलाओं की नियति क्यों?'

Sudarshantoday ब्यूरो: बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री राधिका आप्टे ने हाल ही में महिलाओं के जीवन में संतुलन और उनके व्यक्तिगत समय को लेकर एक गंभीर चर्चा छेड़ दी है। ‘लस्ट स्टोरीज 3’ के संदर्भ में एक साक्षात्कार के दौरान, राधिका ने उस कड़वे सच को उजागर किया है जिसे अक्सर समाज अनदेखा कर देता है। उन्होंने कहा कि एक महिला जब 12 घंटे की कठिन शिफ्ट के बाद घर लौटती है, तो भी उसे आराम नहीं मिलता, बल्कि वह सीधे रसोई में खाना बनाने के काम में जुट जाती है।

मातृत्व ही पहचान नहीं

राधिका ने इस बात पर जोर दिया कि मातृत्व किसी भी महिला की एकमात्र पहचान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज ने महिलाओं पर घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी का ऐसा बोझ डाल दिया है कि उनके पास खुद के लिए ‘जीरो टाइम’ बचता है।

महिलाओं को यह समझने की जरूरत है कि वे केवल एक मां या पत्नी नहीं हैं। जब तक घर की जिम्मेदारियों को साझा नहीं किया जाएगा, तब तक महिलाएं अपनी इच्छाओं और सपनों को पूरा करने के लिए समय नहीं निकाल पाएंगी।

घरेलू काम का असमान बोझ

अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक पुरुष और महिलाएं घर के कामों को बराबरी से साझा नहीं करेंगे, तब तक यह असंतुलन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जो कि एक चिंताजनक स्थिति है।

मुख्य बिंदु:

  • महिलाओं पर घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी का बोझ।
  • मातृत्व को महिला की संपूर्ण पहचान बनाने की मानसिकता पर प्रहार।
  • घरेलू कार्यों में समान भागीदारी की सख्त जरूरत।
  • महिलाओं के लिए व्यक्तिगत समय और आत्म-विकास की वकालत।

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