छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा: हर जिला मुख्यालय पर बनेंगे दो चार्जिंग स्टेशन, हाईकोर्ट का आदेश

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा: हर जिला मुख्यालय पर बनेंगे दो चार्जिंग स्टेशन, हाईकोर्ट का आदेश

Sudarshantoday ब्यूरो: छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ते चलन और बुनियादी ढांचे की कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर कम से कम दो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं।

बुनियादी ढांचे की कमी पर जताई चिंता

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उस गति से विकसित नहीं हो पा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक चार्जिंग की पर्याप्त सुविधा नहीं होगी, तब तक आम जनता इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में हिचकिचाएगी।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना समय की मांग है, लेकिन इसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है, जिसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए।

आदेश के मुख्य बिंदु

  • हर जिला मुख्यालय पर न्यूनतम दो ईवी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण।
  • सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख मार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार।
  • निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरल नीतियां बनाना।
  • पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना।

प्रदूषण पर लगाम लगाने की कवायद

विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। वर्तमान में चार्जिंग स्टेशनों की कमी के कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से कतराते हैं। अब सरकारी स्तर पर इन केंद्रों के निर्माण से न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। राज्य सरकार को अब इस आदेश के अनुपालन के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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