उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी सामाजिक सुरक्षा की ठोस पहल हो: इंजी. जे.एल. गुप्ता
भोपाल। मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी तथा मिड-डे मील वर्कर्स लंबे समय से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, विद्यालयीन पोषण एवं जनजागरूकता जैसे कार्यों में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। पत्रकार संतोष राज को मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंजी. जे.एल. गुप्ता ने कहा कि इन महिला कार्यकर्ताओं के कार्य और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा पर भी ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि तथा स्वास्थ्य बीमा की दिशा में की गई पहल स्वागत योग्य है। इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार को भी आंगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी एवं मिड-डे मील वर्कर्स के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्य के अनुरूप पारिश्रमिक सुनिश्चित करने की मांग की।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शांत प्रकाश जी के निर्देश पर देश एवं विभिन्न प्रदेशों में ज्ञापन सौंपे गए हैं। मध्यप्रदेश में भी भारतीय जनता मजदूर संघ शीघ्र मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इन महिला कार्यकर्ताओं की समस्याओं और मांगों पर चर्चा करेगा।गुप्ता ने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है। वर्षों से समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही इन महिला कार्यकर्ताओं के श्रम का सम्मान अब ठोस नीतिगत निर्णयों के माध्यम से होना चाहिए।

















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