ब्रिक्स घोषणापत्र पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- भारत की बढ़ती वैश्विक धमक का प्रमाण

ब्रिक्स घोषणापत्र पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- भारत की बढ़ती वैश्विक धमक का प्रमाण

Sudarshantoday ब्यूरो: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच हाल ही में संपन्न हुए संयुक्त घोषणापत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक शक्ति का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत के नेतृत्व में वैश्विक मंचों पर आम सहमति बन रही है, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज दुनिया भारत की बात को गंभीरता से सुन रही है।

देर रात तक चली मैराथन वार्ता

ब्रिक्स देशों के बीच यह सहमति कोई आसान उपलब्धि नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच गहन वार्ता का दौर शनिवार सुबह 4 बजे तक चला। यह स्थिति काफी हद तक 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन की याद दिलाती है, जहां भारत ने जटिल भू-राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक साझा घोषणापत्र पर सभी देशों को सहमत कर लिया था।

पश्चिम एशिया संकट पर मतभेद

वार्ता के दौरान सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर थी। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच इस मुद्दे पर गहरे मतभेद थे, जिसके कारण सहमति बनाना बेहद कठिन हो गया था। इससे पहले भारत की अध्यक्षता में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक भी बिना किसी संयुक्त बयान के समाप्त हो गई थी, जिससे इस बार के शिखर सम्मेलन पर दबाव और अधिक बढ़ गया था।

कूटनीतिक सफलता के मुख्य बिंदु

  • भारत की मध्यस्थता ने सदस्य देशों के बीच बनी खाई को पाटने में अहम भूमिका निभाई।
  • घोषणापत्र में वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता दी गई है।
  • यह सफलता भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की नीति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज का भारत केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने वाला देश बन चुका है। ब्रिक्स का यह संयुक्त घोषणापत्र इस बात का प्रमाण है कि भारत की कूटनीति दुनिया को साथ लेकर चलने में सक्षम है।’

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