स्वामित्व अधिकार अभिलेख की निःशुल्क रजिस्ट्री के लिए ई-केवाईसी और खसरा लिंकिंग अनिवार्य

स्वामित्व अधिकार अभिलेख की निःशुल्क रजिस्ट्री के लिए ई-केवाईसी और खसरा लिंकिंग अनिवार्य

17 सितंबर से एमपी ई-सेवा ऐप के माध्यम से कर सकेंगे रजिस्ट्री के लिए आवेदन

सुदर्शन टुडे ओमप्रकाश राठौर बोड़ा

बोड़ा। नायब तहसीलदार मोतीलाल पंथी ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ योजना लागू की गई है। योजना का लाभ केवल उन नागरिकों को मिलेगा, जिन्हें स्वामित्व योजना के सर्वे के अंतर्गत अपने आबादी भूखंड का स्वामित्व अधिकार अभिलेख (मालिकाना दस्तावेज) प्राप्त हो चुका है। शासन द्वारा ऐसे अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए सभी संबंधित भूखंड धारकों को तत्काल MP Bhulekh मोबाइल ऐप पर जाकर Samagra e-KYC एवं Land Linking (समग्र ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग) की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। जो भूखंड स्वामी स्वयं यह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने संबंधित हल्के के पटवारी से संपर्क कर उनके माध्यम से ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करा सकते हैं।

नायब तहसीलदार ने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 17 सितंबर 2026 से संबंधित भूखंड स्वामी अपनी रजिस्ट्री के लिए MPeSeva (एमपी ई-सेवा) मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकेंगे। वहीं, जो नागरिक स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपनी समग्र आईडी, आधार कार्ड एवं आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ संबंधित हल्का पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने के लिए समय रहते अपने स्वामित्व अधिकार अभिलेख प्राप्त आबादी भूखंडों की समग्र ई-केवाईसी एवं खसरा लिंकिंग अनिवार्य रूप से पूरी करवा लें। निर्धारित समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले पात्र भूखंड स्वामी निःशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा से वंचित हो सकते हैं।

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